Closing Bell: उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में बाजार गिरावट के साथ बंद, सेंसेक्स 250 अंक टूटकर और निफ्टी 24000 के करीब क्लोज

Closing Bell: मंगलवार, 5 मई के सत्र में भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, क्योंकि अमेरिका और ईरान की सेनाओं के बीच फिर से बढ़े तनाव के कारण बेंचमार्क नीचे गिर गए. वहीं, निवेशक मार्च तिमाही की कंपनियों की कमाई के ताजा आंकड़ों का भी आकलन कर रहे थे.

शेयर बाजार क्लोजिंग Image Credit: canva/AI image

Closing Bell: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स और निफ्टी 1 फीसदी तक टूट गए. ईरान-अमेरिका युद्ध में नए तनाव और रुपये के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने से निवेशकों में घबराहट फैल गई, जबकि एक दिन पहले ही राज्य चुनावों के नतीजों को लेकर थोड़ी उम्मीद जगी थी.

5 मई को एक उतार-चढ़ाव भरे सत्र में भारतीय इक्विटी बेंचमार्क कमजोरी के साथ बंद हुए, लेकिन निफ्टी 24,000 के स्तर से ऊपर बने रहने में कामयाब रहा.

सेंसेक्स 251.61 अंक या 0.33 फीसदी गिरकर 77,017.79 पर बंद हुआ और निफ्टी 86.50 अंक या 0.36 फीसदी गिरकर 24,032.80 पर रहा. करीब 1890 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, 2110 शेयरों में गिरावट आई, और 169 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.

टॉप गेनर्स और लूजर्स

निफ्टी पर सबसे अधिक गिरावट दिखाने वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, ICICI बैंक, कोल इंडिया, टेक महिंद्रा और Eternal शामिल थे, जबकि Mahindra & Mahindra, UltraTech Cement, Nestlé India, Bajaj Finserv और Hindalco Industries में बढ़त देखने को मिली.

सेक्टोरल इंडेक्स

सेक्टोरल मोर्चे पर, ऑटो, FMCG, पावर और टेलीकॉम इंडेक्स में करीब 0.5 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जबकि रियल्टी इंडेक्स 1 फीसदी और प्राइवेट बैंकिंग इंडेक्स 0.5% नीचे गिर गया. इस बीच, निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ सत्र के अंत में बंद हुए.

रुपया 95.29 पर बंद हुआ

मंगलवार को भारतीय रुपया 21 पैसे गिरकर 95.29 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. इसकी पिछली क्लोजिंग 95.08 थी. कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मजबूत अमेरिकी डॉलर के लगातार दबाव के चलते रुपये में यह गिरावट देखने को मिली.

हालांकि, कमजोर वैश्विक संकेत, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतें, रुपये का नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिरना और विदेशी पूंजी का बाहर जाना घरेलू बाज़ार के लिए मुख्य बाधाएं बनी हुई हैं.

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