Closing Bell: बंपर उछाल के साथ बंद हुआ सेंसेक्स-निफ्टी, बैंकिंग और IT शेयर चमके; निवेशकों ने कमाए ₹4 लाख करोड़
Closing Bell: बुधवार, 29 जुलाई को शेयर बाजार के बेंचमार्क - सेंसेक्स और निफ्टी 50 - में जबरदस्त तेजी देखी गई, जिसमें बैंकिंग और IT सेक्टर की बड़ी कंपनियों ने सबसे अधिक बढ़त हासिल की.इस बीच, शुरुआती आंकड़ों के अनुसार भारतीय रुपया 17 पैसे बढ़कर 95.65 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.

Closing Bell: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी जारी रही. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद, बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. 29 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार के मुख्य इंडेक्स मजबूत स्थिति में बंद हुए. IT, मेटल, बैंकिंग और FMCG शेयरों में आई व्यापक तेजी के कारण निफ्टी 50 इंडेक्स 24,200 के स्तर के ऊपर बंद हुआ.
सेंसेक्स 889 अंक या 1.16 फीसदी चढ़कर 77,654.60 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 265 अंक या 1.10 फीसदी की बढ़त हुई और यह 24,250.20 पर बंद हुआ. मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई; निफ्टी मिडकैप 100 में 0.82% की तेज़ी आई, जबकि स्मॉलकैप 100 में 1.48% की उछाल देखी गई.
टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी 50 शेयरों में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंफोसिस, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) सबसे अधिक बढ़त वाले शेयर रहे, जबकि अडानी पोर्ट्स एंड SEZ, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, आयशर मोटर्स और HDFC लाइफ इंश्योरेंस सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयर रहे.
सेक्टोरल इंडेक्स
सेक्टर के हिसाब से देखें तो रियल्टी को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए. निफ्टी IT, मीडिया, मेटल, फार्मा, टेलीकॉम, प्राइवेट बैंक, FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 1-2% की बढ़त देखी गई, जो सभी सेक्टर में व्यापक खरीदारी का संकेत है.
Nifty Midcap 100 इंडेक्स 1% और Nifty Smallcap 100 इंडेक्स 1.5% ऊपर चढ़े.
निवेशकों ने कमाए 4 लाख करोड़
निवेशकों ने एक ही सेशन में 4 लाख करोड़ कमाए, क्योंकि BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सेशन के 479 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 483 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया.
शेयर बाजार में तेजी क्यों आई?
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने और ग्लोबल संकेत कमजोर होने के बावजूद घरेलू शेयर बाजार में तेजी आई.
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के डेटा से पता चला कि जून में भारत का इंडस्ट्रियल आउटपुट (IIP के जरिए मापा गया) सालाना आधार पर 7.3% बढ़ा, जो छह महीने का सबसे ऊंचा स्तर है। इसके एक दिन बाद बाज़ार का मूड सकारात्मक हो गया।
ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद अच्छे मैक्रो आंकड़ों ने भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी में निवेशकों का भरोसा और मज़बूत किया.
मजबूत हुआ रुपया
इस बीच, शुरुआती आंकड़ों के अनुसार भारतीय रुपया 17 पैसे बढ़कर 95.65 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि ब्रेंट क्रूड बेंचमार्क 4% बढ़कर $88 प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा था.
भू-राजनीतिक मोर्चे पर, अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने इराक में ईरान-समर्थित मिलिटेंट ग्रुप्स के खिलाफ सऊदी अरब के साथ मिलकर हमले किए.
निवेशकों की नजर आज बाद में आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पॉलिसी फैसले पर भी है. उम्मीद है कि फेड दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा. जानकारों का मानना है कि दरों में अचानक बढ़ोतरी से उभरते बाजारों में सेंटीमेंट पर बुरा असर पड़ सकता है.