Closing Bell: सेंसेक्स-निफ्टी में बंपर तेजी, लगातार चौथे दिन बाजार में हरियाली; निवेशकों ने कमाए 2 लाख करोड़ रुपये
Closing Bell: सोमवार 6 जुलाई को सेंसेक्स और निफ्टी 50 जैसे प्रमुख इंडेक्स में लगातार चौथे दिन बढ़त देखी गई. मॉनसून की वापसी और इस महीने FIIs के खरीदार बनने से निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह बढ़ा.

Closing Bell: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ. भारी बारिश से मॉनसून की उम्मीदें फिर से जगीं, FII नेट खरीदार बने और अन्य वजहों से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार चौथे दिन भी जबरदस्त तेजी देखी गई.
6 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार के इंडेक्स मजबूती के साथ बंद हुए. निफ्टी 24,400 के स्तर के ऊपर रहा और सभी सेक्टर में खरीदारी देखी गई.
सेंसेक्स 521 अंक या 0.67 फीसदी बढ़कर 78,285 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 160 अंक या 0.66 फीसदी की बढ़त के साथ 24,430 पर बंद हुआ. मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट में भी तेजी देखी गई. निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स क्रमशः 0.45% और 0.75% की अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए.
निवेशकों ने कमाए 2 लाख करोड़ रुपये
निवेशकों ने एक ही सेशन में 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की, क्योंकि BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सेशन के 480 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 482 लाख करोड़ रुपये हो गया.
टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त HDFC बैंक, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, ONGC, बजाज ऑटो और M&M के शेयरों में रही, जबकि कोटक महिंद्रा बैंक, TCS, मैक्स हेल्थकेयर, बजाज फिनसर्व और विप्रो के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई.
सेक्टोरल इंडेक्स
सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन ज्यादातर पॉजिटिव रहा. रियल्टी सेक्टर सबसे आगे रहा और इसमें 1.69% की बढ़त हुई. इसके बाद कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.47%), ऑटो (1.35%) और ऑयल एंड गैस (1.14%) सेक्टर रहे. मेटल इंडेक्स में 0.91 फीसदी और एनर्जी सेक्टर में 0.73 फीसदी की बढ़त हुई.
दूसरी ओर, मीडिया सेक्टर का प्रदर्शन सबसे खराब रहा और इसमें 1.07 फीसदी की गिरावट आई. इसके बाद PSU बैंक (0.91% की गिरावट) और IT सेक्टर (0.53% की गिरावट) रहे.
सेंसेक्स-निफ्टी में बंपर तेजी
पिछले कुछ सेशन में सेंसेक्स में 1,800 पॉइंट यानी 2.4% की बढ़त हुई है, जबकि NSE इंडेक्स में 565 पॉइंट यानी 2.4% की बढ़ोतरी हुई है. निवेशकों ने चार सेशन में 8 लाख करोड़ रुपये कमाए हैं, क्योंकि 30 जून को BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 474 लाख करोड़ रुपये था.
बाजार में क्यों आई तेजी?
जियो-पॉलिटिकल रिस्क काफी कम होने, कच्चे तेल की कीमतें $72 प्रति बैरल के आसपास रहने और अमेरिका में नौकरियों के कमजोर आंकड़ों से इस साल US फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम होने के कारण बाजार का मूड धीरे-धीरे सकारात्मक हो रहा है.
मॉनसून की वापसी, FPI के रुझान में बदलाव के संकेत और वित्त वर्ष 27 की दूसरी छमाही से कमाई में सुधार की उम्मीद भी लंबी अवधि के निवेशकों को बाजार की ओर आकर्षित कर रही है. NSDL के आंकड़ों के अनुसार, 3 जुलाई तक FPI ने 708 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदे थे.