पूरी तरह कर्ज मुक्त, ₹728 करोड़ का ऑर्डर बुक; वाटर इंफ्रा सेक्टर में काम करती है कंपनी, शेयरों पर रखें नजर

डेंटा वाटर एंड इंफ्रा सोल्यूशंस कर्ज मुक्त स्मॉलकैप कंपनी है, जिसके पास 727.78 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है. यह कंपनी की सालाना इनकम का करीब तीन गुना है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 23.17 फीसदी और मुनाफा 15 फीसदी बढ़ा, लेकिन चौथी तिमाही में मार्जिन पर दबाव दिखा.

डेंटा वाटर एंड इंफ्रा सोल्यूशंस के पास 727.78 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है. Image Credit: money9live

Denta Water and Infra Solutions: वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की स्मॉलकैप कंपनी डेंटा वाटर एंड इंफ्रा सोल्यूशंस इन दिनों निवेशकों की नजर में है. कंपनी पूरी तरह कर्ज मुक्त है और इसके पास 728 करोड़ रुपये का मजबूत ऑर्डर बुक है. यह ऑर्डर बुक कंपनी के एक साल की इनकम का करीब तीन गुना है. हालांकि कंपनी की इनकम और प्रॉफिट बढ़ा है, लेकिन हाल की तिमाही में मार्जिन पर दबाव भी देखने को मिला है. ऐसे में सवाल है कि क्या यह स्टॉक आगे बेहतर प्रदर्शन कर सकता है.

728 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक

डेंटा वाटर एंड इंफ्रा सोल्यूशंस के पास वित्त वर्ष 2026 के अंत तक 727.78 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है. कंपनी इस समय 38 प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. यह ऑर्डर बुक कंपनी के पूरे साल के रेवेन्यू का करीब तीन गुना है. सबसे ज्यादा हिस्सेदारी वाटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट की है, जबकि सिंचाई परियोजनाएं भी इसमें अहम योगदान दे रही हैं. इससे आने वाले समय में कंपनी की इनकम को मजबूती मिलने की उम्मीद है.

कर्ज मुक्त है कंपनी

कंपनी खुद को पूरी तरह कर्ज मुक्त और एसेट लाइट बताती है. कर्ज नहीं होने से ब्याज का बोझ कम रहता है और नए प्रोजेक्ट हासिल करने की क्षमता बढ़ती है. कंपनी के पास डिजाइन बिल्ड ऑपरेट ट्रांसफर मॉडल वाले प्रोजेक्ट भी हैं, जिनसे कई साल तक ऑपरेशन और रखरखाव की रेगुलर मिलती रहती है. यह कंपनी के कारोबार को स्थिर बनाने में मदद करता है.

मुनाफा बढ़ा लेकिन मार्जिन पर दबाव

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 23.17 फीसदी बढ़कर 250.38 करोड़ रुपये हो गया. नेट प्रॉफिट 15.04 फीसदी बढ़कर 60.90 करोड़ रुपये पहुंच गया. हालांकि EBITDA मार्जिन 35.6 फीसदी से घटकर 33.3 फीसदी और नेट प्रॉफिट मार्जिन 26 फीसदी से घटकर 24.3 फीसदी रह गया.

चौथी तिमाही में मार्जिन में और ज्यादा गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है. कंपनी के शेयर शुक्रवार को 1.8 फीसदी की तेजी के साथ 336 रुपये पर बंद हुए. इसने अपने निवेशकों को पिछले 6 महीने में 30 फीसदी का रिटर्न दिया है.

सरकारी प्रोजेस्ट से मिल रही मजबूत ग्रोथ

कंपनी की पहचान अंडरग्राउंड रिचार्ज और ड्रिंकिंग वाटर प्रोजेक्ट के लिए है. यह जल जीवन मिशन, अमृत 2.0 और सीवेज ट्रीटमेंट जैसी सरकारी योजनाओं के तहत कई प्रोजेक्ट पूरे कर रही है. कंपनी का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट केसी वैली है, जिसका मकसद बेंगलुरु में भूजल स्तर को बेहतर बनाना है. सरकारी परियोजनाओं पर मजबूत पकड़ कंपनी की भविष्य की ग्रोथ का मुख्य आधार मानी जा रही है.

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कई राज्यों में विस्तार की तैयारी

अब कंपनी कर्नाटक से बाहर गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भी नए प्रोजेक्ट हासिल करने की तैयारी कर रही है. इसके अलावा रेलवे और सड़क क्षेत्र में भी कारोबार बढ़ाने की योजना है. अगर कंपनी नए राज्यों में सफलतापूर्वक काम शुरू करती है तो कारोबार को नई रफ्तार मिल सकती है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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