6 महीने में 154% तक भागे शेयर! ई-कॉमर्स की तेजी से लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बड़ा मौका, इन 2 स्टॉक पर रखें नजर

भारत का लॉजिस्टिक्स बाजार 21 से 23 लाख करोड़ रुपये का है और ई-कॉमर्स बढ़ने से इसमें आगे भी बड़े मौके बन रहे हैं. Shadowfax और Shiprocket डिजिटल कॉमर्स के बढ़ते कारोबार से फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं. Shadowfax के रेवेन्यू और मुनाफे में तेज बढ़ोतरी हुई है, जबकि Shiprocket का कारोबार बढ़ा है. ऐसे में आइए जानते हैं इन दोनों स्टॉक्स में क्या मौका है.

स्टॉक्स Image Credit: CANVA

Highlights

  • Shadowfax और Shiprocket डिजिटल कॉमर्स के बढ़ते कारोबार से फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं.
  • भारत का लॉजिस्टिक्स बाजार 21 से 23 लाख करोड़ रुपये का है.
  • ई-कॉमर्स बढ़ने से इन दोनों में आगे भी बड़े मौके बन रहे हैं.

भारत का लॉजिस्टिक्स बाजार पहले ही 21 से 23 लाख करोड़ रुपये का हो चुका है, लेकिन असली बड़ा मौका डिजिटल कॉमर्स में छिपा है. वित्त वर्ष 2026 में कुल रिटेल कारोबार में ऑनलाइन रिटेल की हिस्सेदारी सिर्फ 7 से 8% थी यानी जैसे-जैसे छोटे शहरों और कस्बों में ई-कॉमर्स का इस्तेमाल बढ़ेगा, लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए कारोबार का दायरा भी बढ़ेगा.

ई-कॉमर्स के साथ क्विक कॉमर्स, डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर यानी डी2सी ब्रांड और छोटे कारोबारों की ऑनलाइन बिक्री बढ़ने से सामान की डिलीवरी का काम भी तेजी से बढ़ रहा है. इसी बढ़ते बाजार में Shadowfax Technologies और Shiprocket अलग-अलग तरीके से अपनी जगह बना रहे हैं. ऐसे में आइए जानते हैं इन दोनों कंपनियों में पैसे बनाने का कितना मौका है.

ई-कॉमर्स बढ़ा तो लॉजिस्टिक्स का कारोबार भी बढ़ेगा

वित्त वर्ष 2025 से 2030 के बीच भारत में ऑनलाइन रिटेल का कुल बिक्री मूल्य यानी जीएमवी हर साल 20 से 25% की दर से बढ़ने का अनुमान है. वहीं पार्सल की संख्या में भी हर साल मिड से हाई टीन्स की दर से बढ़ोतरी की उम्मीद है. डी2सी ब्रांड और छोटे एवं मझोले कारोबारों से आने वाली खेप भी पारंपरिक ई-कॉमर्स के मुकाबले तेजी से बढ़ रही है. इससे तकनीक आधारित लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म की मांग बढ़ रही है.

दूसरी तरफ क्विक कॉमर्स करीब 50 से 62% सालाना की दर से बढ़ रहा है और वित्त वर्ष 2026 में भारत के ई-रिटेल जीएमवी में इसकी हिस्सेदारी करीब 20 से 22% थी. इसी दौरान संगठित थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स यानी 3PL कंपनियों ने वित्त वर्ष 2026 में ई-कॉमर्स की करीब 40 से 42% खेप संभाली. ऑनलाइन खरीदारी, डिलीवरी की बढ़ती संख्या और 3PL कंपनियों की बढ़ती हिस्सेदारी से डिजिटल लॉजिस्टिक्स बाजार के लिए बड़ा मौका बन रहा है.

पहला है Shadowfax Technologies

Shadowfax Technologies भारत की 3PL कंपनियों में से एक है. कंपनी एक्सप्रेस, हाइपरलोकल और दूसरी लॉजिस्टिक्स सेवाओं के जरिए काम करती है. इसकी पहुंच 16372 पिन कोड और 5095 टचपॉइंट्स तक है. कंपनी वित्त वर्ष 2028 तक पूरे देश में अपनी पहुंच बनाने का लक्ष्य रखती है. Shadowfax का कारोबार कम संपत्ति वाली यानी एसेट-लाइट रणनीति पर आधारित है. कंपनी खुद बड़ी संख्या में वाहन रखने के बजाय पार्टनर नेटवर्क का इस्तेमाल करती है. रोजाना 3,500 से ज्यादा ट्रक इस नेटवर्क के जरिए चलते हैं.

कंपनी के कुल खर्च में करीब 70% हिस्सा वैरिएबल कॉस्ट का है. भारतीय 3PL एक्सप्रेस सेगमेंट में Shadowfax की अनुमानित बाजार हिस्सेदारी 28 से 30% है.

डी2सी और क्विक कॉमर्स से Shadowfax को फायदा

Shadowfax ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और डी2सी ब्रांडों से मिलने वाली डिलीवरी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रही है. वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में डी2सी ब्रांड से कंपनी का कारोबार सालाना आधार पर 170 फीसदी से ज्यादा बढ़ा. इसके साथ डी2सी की हिस्सेदारी 12% से ज्यादा हो गई. कंपनी ने छोटे विक्रेताओं और डी2सी ब्रांडों के लिए सेल्फ-सर्विस प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है. इसमें बिना ज्यादा मानवीय हस्तक्षेप के नए ग्राहकों को जोड़ा जा सकता है. छोटे विक्रेताओं और डी2सी ब्रांडों के लिए फ्लैट-रेट कीमत की सुविधा भी दी जाती है.

Shadowfax का दावा है कि भारत में करीब 15 से 16 लाख ऑनलाइन विक्रेताओं का बाजार है. क्विक कॉमर्स की 3PL आउटसोर्सिंग में कंपनी की हिस्सेदारी 50 फीसदी से ज्यादा है. अभी कंपनी के 47 डार्क स्टोर हैं और वित्त वर्ष 2027 में इसे बढ़ाकर 100 से ज्यादा करने का लक्ष्य है. कंपनी अब फैशन, पेट केयर, प्रीमियम खाने-पीने के सामान, बच्चों की जरूरत के सामान और स्पेयर पार्ट्स जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में क्विक कॉमर्स डिलीवरी पर भी काम कर रही है. इसके अलावा Amazon Now के लिए भी डिलीवरी संभाल रही है. बड़ी और भारी चीजों के लिए पूरी सप्लाई चेन सेवा में भी कंपनी उतर चुकी है.

Shadowfax के नतीजों में बड़ा सुधार

वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में Shadowfax का राजस्व सालाना आधार पर 65 फीसदी बढ़कर 1358 करोड़ रुपये हो गया. इसके बाद कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के राजस्व की बढ़त का अनुमान 27 से 30 फीसदी से बढ़ाकर 38 से 40 फीसदी कर दिया. कंपनी का EBITDA वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के 25 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 92 करोड़ रुपये हो गया. EBITDA मार्जिन भी 3.1% से बढ़कर 6.8% हो गया.

वहीं नेट प्रॉफिट 8 करोड़ से बढ़कर 65 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 के स्तर के मुकाबले मार्जिन में 100 से 200 बेसिस पॉइंट यानी 1-2% का सुधार हो सकता है.

कंपनी के शेयर का हाल?

Shadowfax Technologies का शेयर 285 रुपये पर कारोबार कर रहा है और इसमें 0.62 फीसदी की तेजी है. कंपनी का मार्केट कैप 16726 करोड़ रुपये है, जबकि इसका 52 हफ्ते का हाई और लो क्रमशः 289 रुपये और 98.6 रुपये रहा है. शेयर का पी/ई अनुपात 97.0, बुक वैल्यू ₹30, आरओसीई 10.3% और आरओई 10.7% है.

कंपनी के शेयर ने सिर्फ एक हफ्ते में 17 फीसदी का रिटर्न दिया है. तीन महीने में करीब 30 फीसदी खास बात ये है कि सिर्फ 6 महीने में कंपनी के शेयर ने 154 फीसदी का रिटर्न दिया है. वहीं एक साल में 153 फीसदी का रिटर्न दिया है.

दूसरा है Shiprocket Limited

दूसरी तरफ Shiprocket लिमिटेड डिजिटल कॉमर्स के लिए तकनीक आधारित प्लेटफॉर्म तैयार कर रही है. राजस्व के हिसाब से यह भारत का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स सक्षम प्लेटफॉर्म है. कंपनी डी2सी ब्रांड, छोटे और मझोले कारोबारों और सोशल या बातचीत के जरिए बिक्री करने वाले कारोबारियों को सेवाएं देती है. इसका मॉडल भी एसेट-लाइट है. कंपनी के पास खुद के ट्रक, गोदाम, डिलीवरी कर्मचारी या बाइक नहीं हैं.

Shiprocket का मुख्य कारोबार शिपिंग और लॉजिस्टिक्स है. यह 250 से ज्यादा नेटवर्क पार्टनर और 42 कूरियर पार्टनर को जोड़कर कारोबारियों को कई कूरियर विकल्प देती है. इसके अलावा कंपनी डिलीवरी बूस्ट, अर्ली सीओडी, सिक्योर और ब्रांड बूस्ट जैसी तकनीकी सेवाएं भी देती है.

2.14 लाख से ज्यादा कारोबारी जुड़े

Shiprocket अब चेकआउट और मार्केटिंग टेक्नोलॉजी से जुड़े कारोबार में भी आगे बढ़ रही है. कंपनी की सेवाओं में एक-क्लिक चेकआउट, सिंगल साइन-ऑन, अपने आप पता भरने की सुविधा, Quikpay, AI Assist और AI Ads Platform शामिल हैं. कंपनी ओम्नीचैनल और बी2बी कार्गो सेवाएं भी देती है. कुल मिलाकर Shiprocket के साथ 2,14,314 एक्टिव कारोबारी जुड़े हैं. कंपनी की पहुंच भारत में 15.5 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों और 19,000 से ज्यादा पिन कोड तक है.

कंपनी के शेयर का हाल?

Shiprocket का शेयर 127 रुपये पर कारोबार कर रहा है और इसमें 0.82% की तेजी है. कंपनी का मार्केट कैप 9267 करोड़ रुपये है, जबकि इसका 52 हफ्ते का हाई और लो लेवल क्रमशः 157 और 120 रुपये रहा है. लेकिन एक बात ध्यान में रखने की ये है कि कंपनी का शेयर लगातार दबाव में कारोबार करता दिखा है. ऐसे में निवेशकों को ध्यान में रखकर ही निवेश करना चाहिए.

इसे भी पढ़ें- कैंसर की जांच वाली टेक्नोलॉजी अब खेतों में करेगी कमाल, ये सेंसर बदलेगा खेती का तरीका

डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.