चीन-कोरिया-ताइवान से विदेशी निवेशकों ने बनाई दूरी, सिर्फ 1 महीने में निकाले 46 अरब डॉलर; जानें वजह
जून में विदेशी निवेशकों ने उभरते बाजारों के शेयर बाजार से 46.1 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी की. सबसे अधिक बिकवाली दक्षिण कोरिया और ताइवान में हुई. इसके विपरीत बॉन्ड बाजार में 28.3 अरब डॉलर का निवेश आया, जिससे सुरक्षित निवेश की ओर निवेशकों का रुझान दिखा.

Foreign Investors: जून महीने में विदेशी निवेशकों ने उभरते बाजारों के शेयर बाजार से बड़ी निकासी की है. इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंस की रिपोर्ट के अनुसार निवेशकों ने 46.1 अरब डॉलर की बिकवाली की. सबसे अधिक निकासी दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे टेक्नोलाजी बेस्ड मार्केट से हुई. दूसरी ओर उभरते बाजारों के बॉन्ड में निवेश जारी रहा. इससे साफ है कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक शेयरों की तुलना में सुरक्षित निवेश विकल्पों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं.
इन देशों में सबसे अधिक बिकवाली
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जून में दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार से 30.5 अरब डॉलर की निकासी हुई. यह पिछले 25 साल से अधिक समय की सबसे बड़ी मासिक बिकवाली है. ताइवान के शेयर बाजार से भी 18.3 अरब डॉलर का निवेश बाहर निकला. कुल मिलाकर जून में उभरते बाजारों के शेयरों से 46.1 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी दर्ज की गई.
शेयरों से दूरी लेकिन बॉन्ड में निवेश जारी
जहां शेयर बाजार में बिकवाली रही वहीं उभरते बाजारों के बॉन्ड में 28.3 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया. रिपोर्ट के अनुसार निवेशक अभी भी उभरते देशों को कर्ज देने में सहज हैं लेकिन शेयर बाजार में निवेश को लेकर सतर्क बने हुए हैं. लगातार दूसरे महीने कुल पोर्टफोलियो निवेश नेगेटिव रहा और जून में 17.8 अरब डॉलर की शुद्ध निकासी दर्ज की गई.
इन कारणों से बढ़ी निवेशकों की चिंता
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के केंद्रीय बैंक की सख्त मौद्रिक नीति की आशंका, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढाव, डॉलर की सीमित उपलब्धता और निवेश की बढ़ती लागत निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है. इसके अलावा चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितता, कंपनियों की कमाई को लेकर कमजोर भरोसा और टेक्नोलाजी तथा एनर्जी सेक्टर की चुनौतियां भी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रही हैं.
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चीन से भी निकला विदेशी निवेश
जून में चीन के शेयर बाजार से भी 14 अरब डॉलर का विदेशी निवेश बाहर निकल गया जबकि मई में वहां 8.1 अरब डॉलर का निवेश आया था. चीन के बॉन्ड बाजार से भी 3.7 अरब डॉलर की निकासी दर्ज की गई. हालांकि रिपोर्ट के अनुसार साल की पहली छमाही में उभरते बाजारों में बॉन्ड की मजबूत मांग के कारण कैश फ्लो बना रहा.