इस कंपनी ने एक साल में दिया 229% रिटर्न, अब FII ने 8 गुना बढ़ाई हिस्सेदारी; जानें शेयर का हाल

GE Power India का शेयर निवेशकों के बीच चर्चा में है. कंपनी में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FII) ने एक तिमाही में अपनी हिस्सेदारी 8 गुना से ज्यादा बढ़ाई है, जबकि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DII) की हिस्सेदारी में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

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GE Power India Share: भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कुछ कंपनियां अपने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और बेहतर कारोबारी संभावनाओं के दम पर निवेशकों का ध्यान खींच रही हैं. ऐसी ही एक कंपनी है GE Power India, जिसके शेयर हाल के महीनों में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. कंपनी में विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की बढ़ती हिस्सेदारी, मजबूत ऑर्डर बुक और बेहतर मुनाफे ने बाजार का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है.

8 गुना बढ़ी हिस्सेदारी

ताजा शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, मार्च 2026 तिमाही में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FII) ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 0.15 फीसदी से बढ़ाकर 1.26 फीसदी कर दी है. यानी केवल एक तिमाही में FII की हिस्सेदारी 8 गुना से अधिक बढ़ी है. वहीं, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DII) ने भी अपनी हिस्सेदारी 0.43 फीसदी से बढ़ाकर 1.13 फीसदी कर ली है. इससे साफ संकेत मिलता है कि संस्थागत निवेशकों का भरोसा कंपनी पर लगातार मजबूत हो रहा है.

कम PE और दमदार ROCE ने बढ़ाया आकर्षण

GE Power India वर्तमान में लगभग 17.4 के प्राइस टू अर्निंग्स (पी/ई) रेशियो पर कारोबार कर रही है, जबकि कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) करीब 80 फीसदी है. किसी भी कंपनी के लिए इतना मजबूत ROCE उसकी पूंजी के बेहतर उपयोग को दिखाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि कम वैल्यूएशन और मजबूत लाभ के कारण यह शेयर निवेशकों के रडार पर बना हुआ है.

सर्विस और अपग्रेड कारोबार से बढ़ी कमाई

मार्च 2026 तिमाही में कंपनी की आय में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई. DSIJ की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर 316 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछली तिमाही की तुलना में 19 फीसदी अधिक है. कंपनी की ग्रोथ का मुख्य आधार उसका सर्विस और अपग्रेड कारोबार रहा. मैनेजमेंट लगातार ऐसे कारोबार पर फोकस कर रहा है, जहां मार्जिन बेहतर हो और वर्किंग कैपिटल की जरूरत अपेक्षाकृत कम हो. इससे कंपनी को नकदी फ्लो और लाभ, दोनों में फायदा मिल रहा है.

ऑर्डर बुक और सर्विस बैकलॉग ने बढ़ाया भरोसा

कंपनी के सर्विस कारोबार में भी लगातार मजबूती देखने को मिल रही है. मार्च तिमाही में कोर सर्विस ऑर्डर्स 207 करोड़ रुपये से बढ़कर 253 करोड़ रुपये हो गए, जो तिमाही आधार पर 22 फीसदी की वृद्धि दिखाता है. इसके अलावा, कंपनी की कुल ऑर्डर बुक लगभग 1,628 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है.

खास बात यह है कि कंपनी का कोर सर्विस बैकलॉग सालाना आधार पर करीब 40 फीसदी बढ़ा है. मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इस बैकलॉग का 85 से 90 फीसदी हिस्सा वित्त वर्ष 2027 के दौरान निष्पादित कर लिया जाएगा, जिससे आने वाले समय में रेवेन्यू की अच्छी दृश्यता बनी रहेगी.

मुनाफे में दिखा बड़ा सुधार

तिमाही के दौरान कंपनी को कुछ पुराने मामलों के समाधान का भी लाभ मिला. BHEL से जुड़े लगभग 44 करोड़ रुपये के एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) प्रावधान को वापस लिया गया, जिससे कंपनी के Profit में बड़ा सुधार देखने को मिला.

कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) बढ़कर 119 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को 15 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. वहीं, नॉर्मलाइज्ड EBITDA मार्जिन भी 18 फीसदी रहा, जो ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में सुधार का संकेत देता है.

कैसा है शेयर का हाल

बुधवार को GE Power India का शेयर 0.45 फीसदी बढ़कर 909.60 रुपये पर पहुंच गया. पिछले एक सप्ताह में इसमें 3.88 फीसदी की तेजी आई है. कंपनी का शेयर बीते एक महीने में 43 फीसदी उछल चुका है, वहीं पिछले एक वर्ष में इसने 229 फीसदी का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.