Swiggy-Amazon के वाउचर से चलता है करोड़ों का बिजनेस, GYFTR का शेयर नए हाई पर; समझें कमाई का पूरा गणित

GYFTR डिजिटल गिफ्ट वाउचर कारोबार में काम करती है. कंपनी 400 से ज्यादा ब्रांड्स के वाउचर ग्राहकों, कंपनियों और बैंकों को उपलब्ध कराती है. FY26 में इसका रेवेन्यू करीब 396 करोड़ रुपये और मुनाफा 21.8 करोड़ रुपये रहा. 5 नवंबर को शेयर करीब 12% उछलकर 205 रुपये के आसपास पहुंचा और साल का नया हाई बनाया.

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आजकल क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स से Swiggy, Amazon और Myntra जैसे ब्रांड्स के गिफ्ट वाउचर खरीदना आम बात हो गई है. लेकिन इन डिजिटल वाउचर के पीछे एक बड़ा कारोबार भी काम कर रहा है. इस कारोबार में GYFTR एक अहम नाम है. कंपनी अलग-अलग ब्रांड्स के गिफ्ट वाउचर ग्राहकों, कंपनियों और बैंकों तक पहुंचाती है. अब इस कारोबार की ग्रोथ के साथ कंपनी का शेयर भी चर्चा में है. 5 नवंबर को GYFTR के शेयर में करीब 12 फीसदी की तेजी आई और यह 205 रुपये के आसपास पहुंचकर साल के नए हाई पर पहुंच गया.

कंपनी का बिजनेस मॉडल, बड़े ब्रांड्स और बैंकों के साथ उसकी साझेदारी और वित्तीय प्रदर्शन इसे चर्चा में ला रहे हैं. आइए समझते हैं कि GYFTR कैसे कमाई करती है और आगे इसके कारोबार में ग्रोथ के क्या मौके हैं.

कैसे काम करता है GYFTR का बिजनेस?

GYFTR का बिजनेस मॉडल समझना काफी आसान है. कंपनी अलग-अलग ब्रांड्स से बड़ी संख्या में डिस्काउंट पर गिफ्ट वाउचर खरीदती है. इसके बाद इन वाउचर को ग्राहकों, कंपनियों और बैंकों को बेचती है. वाउचर खरीदने और बेचने के बीच मिलने वाला डिस्काउंट कंपनी की कमाई का एक जरिया है.

कंपनी के प्लेटफॉर्म पर 400 से ज्यादा ब्रांड मौजूद हैं और 55 लाख से अधिक ग्राहक इसका इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा 750 से ज्यादा कंपनियां अपने कर्मचारियों को इनाम देने और गिफ्ट देने के लिए GYFTR की सेवाएं लेती हैं.

कंपनी के कारोबार में बैंकों की भी अहम भूमिका है. HDFC Bank, SBI Card, Axis Bank और PNB समेत 14 बैंक अपने क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड प्रोग्राम के लिए GYFTR के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं. यानी क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स के बदले गिफ्ट वाउचर उपलब्ध कराने में भी कंपनी की भूमिका है.

FY26 में 396 करोड़ रुपये का रेवेन्यू, 21.8 करोड़ का मुनाफा

अब कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो FY26 में GYFTR का रेवेन्यू करीब 396 करोड़ रुपये रहा. इस दौरान कंपनी ने 21.8 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया. कंपनी के लिए एक और अच्छी बात उसका घटता कर्ज है. FY25 में कंपनी पर करीब 36 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो घटकर सिर्फ 1.25 करोड़ रुपये रह गया. वहीं, कंपनी की नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई है. यह 40% बढ़कर 485 करोड़ रुपये पर पहुंच गई.

Q1 FY27 में रेवेन्यू करीब 14 गुना बढ़ा

जून 2026 में खत्म हुई पहली तिमाही यानी Q1 FY27 में कंपनी का प्रदर्शन और मजबूत रहा. इस तिमाही में GYFTR का रेवेन्यू करीब 155 करोड़ रुपये रहा. पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले इसमें करीब 14 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई.

वहीं, इस तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड मुनाफा 5.3 करोड़ रुपये रहा. पहली तिमाही के नतीजे कंपनी के कारोबार में आई तेजी की ओर इशारा करते हैं.

आगे कारोबार बढ़ाने के लिए कंपनी का क्या प्लान?

GYFTR का दावा है कि भारत के डिजिटल वाउचर मार्केट में उसकी करीब 60% हिस्सेदारी है. कंपनी अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए नए पार्टनर जोड़ने और प्लेटफॉर्म पर ब्रांड्स की संख्या बढ़ाने की तैयारी कर रही है. अगस्त 2026 में कंपनी को पंजाब नेशनल बैंक के साथ तीन साल का नया करार मिला. इसके अलावा 27 नए पार्टनर के साथ बातचीत जारी है. कंपनी की योजना अपने प्लेटफॉर्म पर 450 से ज्यादा ब्रांड जोड़ने की है.

इसके साथ ही कंपनी अपने खुद के वाउचर लॉन्च करने और ONDC के जरिए कारोबार बढ़ाने पर भी काम कर रही है. इन योजनाओं के जरिए कंपनी अपने डिजिटल वाउचर कारोबार का दायरा बढ़ाना चाहती है.

शेयर में 12% की तेजी, साल के नए हाई पर पहुंचा

कंपनी के कारोबार और विस्तार की योजनाओं के बीच 5 नवंबर को GYFTR के शेयर में करीब 12 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. शेयर 205 रुपये के आसपास पहुंच गया और साल के नए हाई पर पहुंच गया. कंपनी के सामने डिजिटल वाउचर मार्केट में अपनी पकड़ बनाए रखने और नए ब्रांड्स व पार्टनर जोड़ने की चुनौती होगी.

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