आईटी सेक्टर में FIIs की भारी बिकवाली, 15 दिनों में निकाले ₹11,000 करोड़; इन शेयरों में घटाई हिस्सेदारी

फरवरी 2026 में विदेशी निवेशकों ने आईटी शेयरों से बड़ी निकासी की है. सिर्फ 15 दिनों में करीब ₹11,000 करोड़ बिकवाली हुई जिससे सेक्टर में FII होल्डिंग चार साल के निचले स्तर पर आ गई. AI से जुड़े डर, कमजोर वैश्विक मांग और ऊंचे वैल्यूएशन के कारण आईटी स्टॉक्स दबाव में हैं.

एफआईआई बिकवाली Image Credit: AI

भारतीय आईटी सेक्टर के लिए 2026 की शुरुआत काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है. फरवरी के पहले पखवाड़े (पहले 2 हफ्ते) में ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने आईटी शेयरों से करीब ₹10,956 करोड़ निकाल लिए हैं. लगातार बिकवाली के चलते सेक्टर में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी चार साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है. मिड-फरवरी 2026 तक आईटी सेक्टर में कुल FII होल्डिंग घटकर ₹4.49 लाख करोड़ रह गई जो जनवरी 2026 के अंत की तुलना में 16% कम है. वहीं, 2025 की शुरुआत की तुलना में इसमें करीब 38% की गिरावट दर्ज की गई है. साल 2026 में अब तक FIIs ने आईटी शेयरों में लगभग ₹12,800 करोड़ की बिकवाली की है, जो सभी सेक्टरों में सबसे ज्यादा है.

पिछले वर्षों का ट्रेंड

  • 2025 में रिकॉर्ड ₹74,698 करोड़ की बिकवाली हुई
  • 2023 में पूरे साल में ₹7,066 करोड़ की निकासी हुई थी
  • 2022 में ₹71,357 करोड़ और 2021 में ₹24,043 करोड़ की बिकवाली दर्ज की गई
  • 2024 अपवाद रहा, जब ₹14,914 करोड़ का शुद्ध निवेश आया

आईटी सेक्टर में पिछले पांच में से चार वर्षों में FIIs की शुद्ध बिकवाली रही है. तुलना करें तो फरवरी 2026 के सिर्फ 15 दिनों में लगभग ₹11,000 करोड़ की बिकवाली हो चुकी है, जो दबाव की गंभीरता दिखाती है.

शेयर कीमतों पर असर

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली का सीधा असर शेयर कीमतों पर पड़ा है. 1 से 15 फरवरी के बीच निफ्टी आईटी इंडेक्स 15% गिरा. विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इन शेयरों में अपनी हिस्सेदारी घटाई है.

  • टीसीएस में 15.5% की गिरावट
  • इंफोसिस 17.5% टूटा
  • विप्रो 11% गिरा
  • एचसीएल टेक 13% कमजोर
  • टेक महिंद्रा 13% फिसला

बिकवाली के पीछे कारण

एनालिस्ट्स के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से पारंपरिक आईटी सेवाओं के मॉडल पर खतरे की आशंका बढ़ी है. इसके अलावा वैश्विक आर्थिक सुस्ती, बड़े आईटी कॉन्ट्रैक्ट्स की मांग में कमी और ऊंचे वैल्यूएशन भी दबाव का कारण बने हैं. कुल मिलाकर, विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी ने आईटी सेक्टर के निकट भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.