F&O में फिर डूबे छोटे निवेशक! FY26 में 1 लाख करोड़ नुकसान का खतरा? SEBI की सख्ती भी बेअसर?

भारत के शेयर बाजार में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएनओ) सेगमेंट छोटे निवेशकों के लिए लगातार घाटे का सौदा साबित हो रहा है. अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2026 में भी खुदरा निवेशकों को लगभग 1 लाख करोड़ रुपये (लगभग 1.05 ट्रिलियन रुपये) का नुकसान हो सकता है, जो वित्तीय वर्ष 2025 में हुए नुकसान के समान है. यह स्थिति तब है जब भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बाजार में अत्यधिक सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए कई कड़े नियम लागू किए हैं. सेबी ने कॉन्ट्रैक्ट साइज बढ़ाने, वीकली एक्सपायरी की संख्या घटाने और एक्सपायरी के दिन मार्जिन बढ़ाने जैसे कदम उठाए थे. हालांकि, इन उपायों का नुकसान कम करने पर व्यापक असर नहीं दिख रहा है.

पिछले चार वित्तीय वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि खुदरा निवेशकों का शुद्ध नुकसान लगातार बढ़ा है, जो वित्तीय वर्ष 2022 में 40,824 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025 में 1,05,603 करोड़ रुपये हो गया. विशेषज्ञों और ब्रोकरों का मानना है कि भले ही कुछ छोटे निवेशक बाजार से दूर हुए हों, सक्रिय ट्रेडर्स के बीच सट्टेबाजी की आदत और बिना समझ के ट्रेडिंग व्यवहार में बदलाव न होने के कारण कुल नुकसान अभी भी बड़ा बना हुआ है. सेबी इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है और जल्द ही इस पर विस्तृत रिपोर्ट आने की उम्मीद है.

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