महीने भर में 35% चढ़ा यह डिफेंस स्टॉक, क्या ₹4000 की ओर बढ़ रहा शेयर? जानें ऑर्डर बुक और Q3 नतीजे क्या दे रहे संकेत
Data Patterns का शेयर एक महीने में 35% चढ़ा है और मजबूत ऑर्डर बुक, बेहतर नतीजे व सरकारी डिफेंस नीतियों से ग्रोथ की उम्मीद बनी है. अब सवाल यह है कि क्या यह तेजी 4,000 रुपये तक जारी रह सकती है? आइये ऑर्डर बुक और Q3 नतीजों से इसे समझने की कोशिश करते हैं.
रेंज-बाउंड बाजार के बीच Data Patterns (India) का शेयर मजबूत तेजी दिखा रहा है. 27 जनवरी 2026 को 2,297 रुपये पर मौजूद स्टॉक 24 फरवरी 2026 तक बढ़कर 3,108 रुपये पहुंच गया यानी एक महीने में इस शेयर में करीब 35% का उछाल आया है. चेन्नई बेस्ट Data Patterns डिफेंस और एयरोस्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है जो DRDO, ISRO, BEL और HAL जैसी संस्थाओं के साथ काम करती है. कंपनी हाई-रिलायबिलिटी रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, एवियोनिक्स और कम्युनिकेशन सिस्टम्स बनाती है. अब सवाल यह है कि क्या यह तेजी 4,000 रुपये तक जारी रह सकती है? आइये ऑर्डर बुक और Q3 नतीजों से इसे समझने की कोशिश करते हैं.
ऑर्डर बुक और Q3 नतीजे
कंपनी की ऑर्डर बुक 18.68 अरब रुपये के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई है. मैनेजमेंट के मुताबिक, करीब 630 मिलियन रुपये का एक्सपोर्ट ऑर्डर बुक भी मजबूत है.
Q3 FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 48% बढ़कर 1,700 मिलियन रुपये रहा. 9 महीने के आधार पर रेवेन्यू 86% की बढ़त के साथ 5,800 मिलियन रुपये पहुंचा. तिमाही EBITDA 780 मिलियन रुपये रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 44% पर कायम रहा. नेट प्रॉफिट 31% बढ़कर 580 मिलियन रुपये रहा और नेट मार्जिन 34% दर्ज किया गया.
डाइवर्सिफिकेशन और सरकारी सपोर्ट
कंपनी भारत फोर्ज के साथ AMCA प्रोजेक्ट के लिए बोली लगा रही है और LCA Mark 2 के लिए स्मार्ट कॉकपिट व एडवांस सेंसर सिस्टम पर काम कर रही है. ‘मेक इन इंडिया’ और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की नीति कंपनी के लिए दीर्घकालिक टेलविंड मानी जा रही है.
रिस्क और वैल्यूएशन
हालांकि, कंपनी का बड़ा हिस्सा DRDO और रक्षा मंत्रालय जैसे सीमित ग्राहकों पर निर्भर है. बढ़ता कंपटीशन और इम्पोर्टेड सेमीकंडक्टर पर निर्भरता मार्जिन पर दबाव डाल सकती है. वहीं, फंडामेंटल्स की बात करें तो स्टॉक 70.4 गुना ट्रेलिंग P/E और 10.7 गुना प्राइस-टू-बुक पर ट्रेड कर रहा है. इसका ROCE 20.4% और ROE 14.7% है. तेज ग्रोथ के बावजूद इसका वैल्यूएशन हाई बना हुआ है.
स्टॉक के पॉजिटिव फैक्टर
- रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में मजबूत स्थिति और रणनीतिक महत्व
- DRDO, ISRO, BEL, HAL व रक्षा मंत्रालय जैसे बड़े ग्राहकों से गहरे संबंध
- हाई-टेक प्रोडक्ट्स (रडार, एवियोनिक्स, कम्युनिकेशन सिस्टम) में विशेषज्ञता
- 18.68 अरब रुपये की रिकॉर्ड ऑर्डर बुक
- Q3 FY26 में रेवेन्यू 48% और नेट प्रॉफिट 31% की बढ़त
- 9 महीने में रेवेन्यू 86% बढ़कर 5,800 मिलियन रुपये
- एक्सपोर्ट ऑर्डर बुक और अंतरराष्ट्रीय विस्तार की संभावना
- AMCA और LCA Mark 2 जैसे बड़े डिफेंस प्रोजेक्ट्स में भागीदारी
- सब-सिस्टम सप्लायर से फुल सिस्टम सॉल्यूशन प्रोवाइडर बनने की रणनीति
- ‘मेक इन इंडिया’ और डिफेंस इंडिजेनाइजेशन से दीर्घकालिक मांग को सपोर्ट
स्टॉक के रिस्क फैक्टर
- सीमित बड़े ग्राहकों (DRDO, MoD, DPSUs) पर ज्यादा निर्भरता
- डिफेंस बजट या खरीद नीति में बदलाव का असर
- नए प्राइवेट प्लेयर्स की एंट्री से मार्जिन पर दबाव
- L1 टेंडर सिस्टम के कारण कीमत कम करने की चुनौती
- आयातित सेमीकंडक्टर और सप्लाई चेन पर निर्भरता
- करेंसी उतार-चढ़ाव से लागत बढ़ने का जोखिम
- स्टॉक का ऊंचा वैल्यूएशन (70x+ P/E, 10x+ P/B)
- तेजी के बाद करेक्शन का जोखिम
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