Jio BlackRock ने Vedanta Demerger के बाद चारों कंपनियों से किया किनारा, क्यों लिया ये बड़ा फैसला?

जियो ब्लैकरॉक फ्लेक्सी कैप फंड ने जून 2026 में वेदांता समूह की डिमर्जर के बाद बनी चार नई कंपनियों—वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता आयरन एंड स्टील, वेदांता पावर और वेदांता ऑयल एंड गैस—से पूरी तरह बाहर निकलने का फैसला किया. फंड ने हर कंपनी के करीब 8.16 लाख शेयर बेच दिए. यह फैसला नई कंपनियों की लिस्टिंग के बाद लिया गया. विशेषज्ञों का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि इन कंपनियों का भविष्य खराब है. अक्सर डिमर्जर के बाद म्यूचुअल फंड अपने पोर्टफोलियो को संतुलित करने, जोखिम कम करने, मुनाफा बुक करने या नई निवेश रणनीति अपनाने के लिए ऐसे बदलाव करते हैं. इसलिए किसी कंपनी से बाहर निकलना हमेशा नकारात्मक संकेत नहीं माना जाता.

दूसरी ओर, जियो ब्लैकरॉक फ्लेक्सी कैप फंड ने अपने पोर्टफोलियो में 21 नए शेयर शामिल किए हैं, जिनमें अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस भी शामिल है. फंड ने इस कंपनी के 48 हजार से अधिक शेयर खरीदे हैं और कई बड़ी कंपनियों जैसे आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी, भारती एयरटेल, इंफोसिस और टीसीएस में भी निवेश बढ़ाया है. दिलचस्प बात यह रही कि इस खबर के बावजूद 10 जुलाई को वेदांता की सभी नई कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली. हालांकि निवेशकों को अगले सप्ताह इन शेयरों की चाल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि बाजार की दिशा में बदलाव संभव है.

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