Stock Market Crash Warning: दिग्गज मार्क फेबर की बड़ी वॉर्निंग, क्यों टूटे दुनियाभर के बाजार?

भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट के साथ, यह सवाल उठ रहा है कि क्या निवेशकों के लिए 10 से 15% या उससे अधिक का वार्षिक रिटर्न हासिल करना अब एक सपना बनकर रह जाएगा. विशेषज्ञों की चेतावनियां इस आशंका को बल दे रही हैं कि भारतीय बाजार मौजूदा स्तरों से भी 20% तक और गिर सकते हैं. पीपीएफएएस म्यूचुअल फंड के सीआईओ राजीव ठक्कर ने निवेशकों को अब कम इक्विटी रिटर्न की आदत डालने की सलाह दी है, क्योंकि कॉरपोरेट लाभ वृद्धि अवास्तविक रिटर्न की उम्मीदों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है. दूसरी ओर, दिग्गज निवेशक मार्क फेबर ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भारतीय बाजारों में अभी और गिरावट आनी बाकी है, और उन्होंने निवेशकों को नकदी और बॉन्ड के साथ सतर्क रहने की सलाह दी है.

वैश्विक बाजार और एआई बबल का खतरा

हाल ही में भारतीय बाजारों में बिकवाली देखी गई, निफ्टी 24000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 23811 पर बंद हुआ. निवेशकों के लगभग 5 लाख करोड़ रुपये स्वाहा हो गए. इस गिरावट के पीछे एक बड़ी वजह अमेरिकी बाजारों में एआई से संबंधित शेयरों, जिन्हें मैग्निफिसेंट सेवन कहा जाता है, में गिरावट रही. एमेजॉन, मेटा और अल्फाबेट के शेयरों में 5-5% की गिरावट देखी गई. इसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा, जहां दक्षिण कोरिया के कोस्पी में लगभग 10% की गिरावट आई और सैमसंग व हाईनेक्स जैसी कंपनियों के शेयरों में 8-9% की गिरावट दर्ज की गई.

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