South Korea के शेयर बाजार में भारी बिकवाली, मची भारी तबाही, 8 फीसदी टूटा, रूक गई ट्रेडिंग
South Korea के फाइनेंशियल रेगुलेटर भी बाजार में बढ़ती अस्थिरता को लेकर चिंतित हैं. Samsung Electronics और SK Hynix से जुड़े लीवरेज्ड ETF में बढ़ते निवेश ने बाजार की चाल को और ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला बना दिया है. Kiwoom Securities के एनालिस्ट Han Ji-young के मुताबिक हालिया गिरावट मुख्य रूप से चिप सेक्टर में निवेशकों की अत्यधिक एकाग्रता और विदेशी निवेशकों की मुनाफावसूली का परिणाम है.

South Korea के शेयर बाजार में मंगलवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली. देश का प्रमुख सूचकांक KOSPI कारोबार के दौरान 8 फीसदी तक टूट गया, जिसके बाद एक्सचेंज को सर्किट ब्रेकर लगाना पड़ा और ट्रेडिंग 20 मिनट के लिए रोक दी गई. हालांकि ट्रेडिंग दोबारा शुरू होने के बाद भी बिकवाली जारी रही और KOSPI 9 फीसदी से ज्यादा की गिरावट तक पहुंच गया. कुछ दिन पहले कारियाई बाजार कॉस्पी ने भारतीय बाजार को पीछे छोड़ दिया था.
किन शेयरों ने बढ़ाया दबाव?
बाजार में गिरावट की अगुवाई सेमीकंडक्टर सेक्टर के शेयरों ने की. SK Hynix का शेयर इंट्राडे कारोबार में 10 फीसदी से ज्यादा टूट गया. वहीं Samsung Electronics के शेयर में करीब 7.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. पिछले कुछ महीनों में इन दोनों शेयरों में आई तेज तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया.
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी
South Korea के अलावा अन्य एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली. जापान का Nikkei 225 करीब 3 फीसदी गिर गया. वहीं एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयरों का MSCI इंडेक्स 2.9 फीसदी नीचे कारोबार करता दिखा. कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई. Brent Crude करीब 1.22 फीसदी फिसलकर 76.95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
विदेशी निवेशकों ने की भारी बिकवाली
Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने दोपहर तक KOSPI में 4 ट्रिलियन वॉन (करीब 2.6 अरब डॉलर) से ज्यादा के शेयर बेच दिए. दूसरी ओर घरेलू रिटेल निवेशकों ने गिरावट के दौरान खरीदारी की, लेकिन विदेशी बिकवाली का दबाव ज्यादा भारी रहा.
रिकॉर्ड तेजी के बाद आई मुनाफावसूली
हाल के महीनों में KOSPI दुनिया के सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रमुख शेयर बाजारों में शामिल रहा है. इंडेक्स ने इस महीने कई नए रिकॉर्ड बनाए थे और पहली बार 9,000 के स्तर को भी पार किया था. ईरान युद्ध से जुड़ी चिंताओं को नजरअंदाज करते हुए निवेशक टेक्नोलॉजी और चिप कंपनियों में लगातार खरीदारी कर रहे थे. लेकिन अब ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू होने से बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली.
चिप शेयरों में बनी थी ओवरहीटिंग की स्थिति
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में ओवरहीटिंग के संकेत पहले से दिखाई दे रहे थे. SK Hynix का शेयर लगातार आठ कारोबारी सत्रों तक चढ़ता रहा था. इस साल अब तक शेयर में करीब 350 फीसदी की तेजी आ चुकी थी, जो Samsung Electronics से भी कहीं ज्यादा है. ऐसे में निवेशकों द्वारा मुनाफा बुक करना स्वाभाविक माना जा रहा है.
ETF ने बढ़ाई उतार-चढ़ाव की समस्या
South Korea के फाइनेंशियल रेगुलेटर भी बाजार में बढ़ती अस्थिरता को लेकर चिंतित हैं. Samsung Electronics और SK Hynix से जुड़े लीवरेज्ड ETF में बढ़ते निवेश ने बाजार की चाल को और ज्यादा उतार-चढ़ाव वाला बना दिया है.
South Korea की Financial Supervisory Service के प्रमुख Lee Chan-jin ने कहा कि रेगुलेटर इन ETF उत्पादों को मंजूरी देने में शायद जल्दबाजी कर बैठा था. उन्होंने संकेत दिया कि बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए कुछ कदमों पर विचार किया जा रहा है.
विशेषज्ञों की क्या राय है?
Kiwoom Securities के एनालिस्ट Han Ji-young के मुताबिक हालिया गिरावट मुख्य रूप से चिप सेक्टर में निवेशकों की अत्यधिक एकाग्रता और विदेशी निवेशकों की मुनाफावसूली का परिणाम है. वहीं Hana Securities के रणनीतिकार Lee Jae Mahn का मानना है कि यदि KOSPI को उचित वैल्यूएशन दिखाना है तो Samsung Electronics के शेयरों में SK Hynix की तुलना में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिलना चाहिए, क्योंकि Samsung की कमाई को लेकर अपेक्षाएं ज्यादा मजबूत हैं.
अन्य बड़े शेयर भी टूटे
बाजार में बड़े स्तर पर बिकवाली देखने को मिली. एक्सचेंज पर कारोबार करने वाले कुल 918 शेयरों में से केवल 131 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 771 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए.
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