NSE के ‘इमर्ज’ प्लेटफॉर्म का मार्केट कैप पहुंचा ₹2 लाख करोड़ पार, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली की कंपनियों का दबदबा
मई 2026 तक इस प्लेटफॉर्म पर 731 कंपनियां लिस्टेड थीं. इन कंपनियों ने IPO के जरिए कुल मिलाकर लगभग 23,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं और इनकी कुल मार्केट वैल्यू लगभग 2.3 लाख करोड़ रुपये है. यह प्लेटफॉर्म बढ़ते हुए बिजनेस के लिए एक अहम लॉन्चपैड के तौर पर उभरा है.
NSE के ‘इमर्ज’ (Emerge) प्लेटफॉर्म का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है, जो SME इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. NSE पल्स की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 तक इस प्लेटफॉर्म पर 731 कंपनियां लिस्टेड थीं. इन कंपनियों ने IPO के जरिए कुल मिलाकर लगभग 23,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं और इनकी कुल मार्केट वैल्यू लगभग 2.3 लाख करोड़ रुपये है. इसकी तुलना में आज लिस्टेड मार्केट का कुल मार्केट-कैप लगभग 480 लाख करोड़ रुपये है.
बढ़ते हुए बिजनेस के लिए लॉन्चपैड
एक्सचेंज ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म बढ़ते हुए बिजनेस के लिए एक अहम लॉन्चपैड के तौर पर उभरा है. मार्केट-कैप बढ़ने के बाद 160 कंपनियां मेनबोर्ड पर आ गई हैं.
इन राज्यों की कंपनियों का दबदबा
अब तक, NSE इमर्ज प्लेटफॉर्म पर महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली की कंपनियों का दबदबा रहा है. प्लेटफॉर्म के शुरू होने के बाद से SME IPO के जरिए जुटाए गए कुल फ़ंड में इन तीनों राज्यों की हिस्सेदारी लगभग दो-तिहाई है.
सबसे आगे महाराष्ट्र
लिस्टिंग की संख्या के मामले में महाराष्ट्र सबसे आगे है, जहां 204 कंपनियों ने 6,256 करोड़ रुपये जुटाए हैं और उनका कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 51,059 करोड़ रुपये है. गुजरात 182 लिस्टिंग के साथ ठीक पीछे है, जिसने 4,846 करोड़ रुपये जुटाए हैं, लेकिन इसकी लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू सभी राज्यों में सबसे अधिक 53,006 करोड़ रुपये है.
तीसरे नंबर पर दिल्ली
102 SME लिस्टिंग के साथ दिल्ली तीसरे नंबर पर है. इन कंपनियों ने कुल मिलाकर 3,745 करोड़ रुपये जुटाए हैं और 45,161 करोड़ रुपये का मार्केट कैपिटलाइजेशन बनाया है. इन तीनों क्षेत्रों ने मिलकर इस प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड 731 कंपनियों में से 488 कंपनियों का योगदान दिया है और SME IPO के जरिए जुटाए गए कुल फंड का लगभग 65 फीसदी (यानी करीब ₹14,850 करोड़) हिस्सा इन्हीं का है.
इंडस्ट्रियल सेक्टर का दबदबा
सेक्टर के हिसाब से देखें तो FY25 से FY27TD के बीच SME IPO से फंड जुटाने में इंडस्ट्रियल सेक्टर का दबदबा रहा, क्योंकि NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर जुटाई गई कुल पूंजी में इनकी हिस्सेदारी लगभग 39 फीसदी थी. दूसरे नंबर पर कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी कंपनियां रहीं जिनकी हिस्सेदारी 20 फीसदी थी, जबकि मटीरियल कंपनियों ने जुटाए गए फंड का 12 फीसदी हिस्सा हासिल किया.
IT कंपनियों का योगदान
IT कंपनियों का योगदान 10 फीसदी रहा, हेल्थकेयर और कंज्यूमर स्टेपल्स कंपनियों ने जुटाई गई पूंजी में क्रमशः 7 फीसदी और 6 फीसदी का योगदान दिया. जबकि फाइनेंशियल सर्विसेज की हिस्सेदारी 3 फीसदी रही. कम्युनिकेशन सर्विसेज का फंड जुटाने में 2 फीसदी हिस्सा रहा, और यूटिलिटीज व एनर्जी कंपनियों ने 1-1 फीसदी का योगदान दिया.
हालांकि, अलग-अलग सेक्टर की कंपनियां इसमें शामिल हैं, फिर भी इंडस्ट्रियल और कंज्यूमर-ओरिएंटेड (उपभोक्ता-केंद्रित) व्यवसायों का निवेशकों की दिलचस्पी और फंड जुटाने के वॉल्यूम में दबदबा बना हुआ है.
क्या है NSE Emerge प्लेटफॉर्म?
NSE Emerge भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) का एक विशेष प्लेटफॉर्म है, जिसे छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को पूंजी जुटाने में मदद करने के लिए शुरू किया गया था. आमतौर पर छोटी कंपनियों के लिए मुख्य बोर्ड (Main Board) पर लिस्ट होना कठिन होता है. NSE Emerge उन्हें IPO के जरिए निवेशकों से पैसा जुटाने और शेयर बाजार में लिस्ट होने का अवसर देता है.
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