Order Book 59% घटी, फिर भी Mazagon Dock पर बुलिश हैं निवेशक! 1 लाख करोड़ रुपये के नए ऑर्डर्स की उम्मीद

Mazagon Dock Shipbuilders की ऑर्डर बुक पिछले पांच वर्षों में 59% घटकर 49,744 करोड़ रुपये से 20,535 करोड़ रुपये रह गई है. इसके बावजूद निवेशक कंपनी को लेकर पॉजिटिव बने हुए हैं। इसकी वजह मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, 13,100 करोड़ रुपये से अधिक का कैश रिजर्व और भारतीय नौसेना के संभावित बड़े ऑर्डर्स हैं. Project 75I, Kalvari-class पनडुब्बियों और नए युद्धपोत कार्यक्रमों से कंपनी को 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर्स मिलने की उम्मीद है.

Mazagon Dock Shipbuilders की ऑर्डर बुक पिछले पांच वर्षों में 59% घटकर 49,744 करोड़ रुपये से 20,535 करोड़ रुपये रह गई है. Image Credit: FreePik

Mazagon Dock: डिफेंस सेक्टर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा जिन कंपनियों की रही है, उनमें Mazagon Dock Shipbuilders का नाम प्रमुखता से शामिल है. दिलचस्प बात यह है कि कंपनी का ऑर्डर बुक लगातार घट रहा है, लेकिन इसके बावजूद निवेशकों का भरोसा कमजोर नहीं पड़ा है. उल्टा, कंपनी का शेयर बाजार मूल्यांकन मजबूत बना हुआ है और निवेशक भविष्य की संभावनाओं को लेकर उत्साहित नजर आ रहे हैं. सवाल यह है कि आखिर ऑर्डर बुक में 59 फीसदी की गिरावट के बावजूद निवेशक Mazagon Dock पर इतना भरोसा क्यों जता रहे हैं?

5 साल में 59% घट गई ऑर्डर बुक

कंपनी की ऑर्डर बुक FY21 में 49,744 करोड़ रुपये थी, जो FY26 के अंत तक घटकर 20,535 करोड़ रुपये रह गई. आमतौर पर किसी कंपनी की ऑर्डर बुक में इतनी बड़ी गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय होती है क्योंकि यह भविष्य की इनकम पर असर डाल सकती है.

हालांकि Mazagon Dock का मामला थोड़ा अलग है. कंपनी की ऑर्डर बुक इसलिए घटी क्योंकि उसने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय नौसेना की कई बड़ी प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा किया है. यानी ऑर्डर बुक में कमी कमजोर मांग की वजह से नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट्स की सफल डिलीवरी के कारण आई है.

ऑर्डर बुक घटी, कमाई बढ़ती रही

कंपनी के वित्तीय आंकड़े एक अलग ही कहानी बयां करते हैं. FY21 से FY26 के बीच कंपनी का रेवेन्यू 4,048 करोड़ रुपये से बढ़कर 13,006 करोड़ रुपये हो गया. यानी लगभग 221 फीसदी की ग्रोथ हुई. वहीं इसी दौरान में नेट प्रॉफिट 514 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,578 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो करीब 401 फीसदी की शानदार बढ़ोतरी है. यानी जहां ऑर्डर बुक घट रही है, वहीं कंपनी की बिक्री और मुनाफा लगातार बढ़ रहा है. यही वजह है कि निवेशक इसे सामान्य ऑर्डर बुक गिरावट की तरह नहीं देख रहे हैं.

1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा संभावित ऑर्डर्स

Mazagon Dock के प्रति निवेशकों के पॉजिटिव नजरिए की सबसे बड़ी वजह भविष्य में मिलने वाले संभावित बड़े ऑर्डर्स हैं. भारतीय नौसेना के मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के तहत कई बड़ी प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं. इनमें Project 75I के तहत छह नई पनडुब्बियां, अतिरिक्त Kalvari-class Submarines, नए Destroyers और Frigates शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, केवल Project 75I का साइज ही लगभग 99,000 करोड़ रुपये का हो सकता है. इसके अलावा तीन अतिरिक्त Kalvari-class Submarines का ऑर्डर 30,000 से 40,000 करोड़ रुपये तक का हो सकता है. अगर इनमें से कुछ बड़े ऑर्डर भी कंपनी को मिलते हैं तो वर्तमान ऑर्डर बुक कई गुना बढ़ सकती है.

यह भी पढ़ें- Zepto IPO में पैसा लगाने से पहले जान लें रिस्क फैक्टर्स, रेवेन्यू के बढ़ने की गारंटी नहीं; ED की रडार पर भी है कंपनी

मजबूत बैलेंस शीट भी बढ़ा रही भरोसा

कंपनी की वित्तीय स्थिति भी निवेशकों के भरोसे की बड़ी वजह है. FY26 के अंत तक कंपनी के पास 13,100 करोड़ रुपये से ज्यादा कैश और कैश इक्विवेलेंट मौजूद थे, जबकि कुल कर्ज केवल लगभग 440 करोड़ रुपये था. इस तरह कंपनी लगभग कर्ज-मुक्त स्थिति में है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.