Deepfake मामले में Nitin Gadkari की बड़ी कानूनी कार्रवाई, Meta और X समेत कई प्लेटफॉर्म पर करेंगे मुकदमा

केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित AI Deepfake और मानहानिकारक सामग्री फैलाने के मामले में Meta, X समेत कई प्लेटफॉर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है. Bombay High Court ने उन्हें दीवानी मुकदमा दायर करने की अनुमति दे दी है.

नितिन गडकरी Image Credit: PTI PHOTOES

Nitin Gadkari: केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari को लेकर सोशल मीडिया पर कथित Deepfake और मानहानिकारक सामग्री फैलाने के मामले में नया मोड़ आया है. Bombay High Court ने सोमवार को Gadkari को Meta, X और अन्य संस्थाओं के खिलाफ सिविल सूट दायर करने की अनुमति दे दी. याचिका में दावा किया गया है कि AI से तैयार फर्जी वीडियो और पोस्ट के जरिए उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई. अदालत ने मामले में मुकदमा दायर करने की इजाजत दे दी है.

High Court ने दी मुकदमा दायर करने की मंजूरी

ET की रिपोर्ट के मुताबिक, Justice Abhay Ahuja ने Gadkari की उस याचिका को मंजूर किया जिसमें उन्होंने Letters Patent के Clause XII के तहत सिविल सूट दायर करने की अनुमति मांगी थी. यह प्रक्रिया तब अपनाई जाती है जब मामले का कुछ हिस्सा अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर का हो लेकिन उसका प्रभाव अदालत के क्षेत्र में भी पड़ता हो.

किन कंपनियों को बनाया जाएगा पक्ष

प्रस्तावित मुकदमे में Meta Platforms, X Corp, Google, YouTube, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, दूरसंचार विभाग और कुछ अज्ञात व्यक्तियों को पक्ष बनाया जाएगा. याचिका में कहा गया है कि इन्हीं प्लेटफॉर्म पर कथित फर्जी और मानहानिकारक सामग्री प्रसारित की गई.

क्या है पूरा मामला

याचिका के अनुसार सोशल मीडिया पर AI से तैयार Deepfake वीडियो और पोस्ट शेयर किए गए, जिनमें यह दावा किया गया कि E20 ईंधन नीति और एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के लिए Nitin Gadkari व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार हैं. साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि इस नीति से Gadkari और उनके परिवार को आर्थिक लाभ हुआ, जिसे उन्होंने पूरी तरह झूठा और मानहानिकारक बताया है.

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अदालत से क्या मांग की गई

Gadkari ने अदालत से मांग की है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद सभी कथित Deepfake वीडियो, पोस्ट और अन्य सामग्री को हटाने का आदेश दिया जाए. उन्होंने स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा जारी करने की भी मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की सामग्री का प्रसार रोका जा सके.