Vedanta के पावर बिजनेस को अलग करने को NCLT की मंजूरी, TSPL डिमर्जर पर लगी मुहर, सोमवार को फोकस में शेयर

एक बड़ी कॉरपोरेट मंजूरी ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है. कारोबारी संरचना में बदलाव से एक प्रमुख समूह के अलग-अलग कारोबारों पर फोकस बढ़ने की उम्मीद है. निवेशक अब इस फैसले के दीर्घकालीन असर को लेकर सतर्क नजर रखे हुए हैं.

बड़ी ब्लॉक डील की तैयारी में वेदांता. Image Credit: Getty image

Vedanta demerger approved: वेदांता ग्रुप के लिए एक अहम कॉरपोरेट कदम पर मुहर लग गई है. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच ने वेदांता लिमिटेड और उसकी सहयोगी कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) से जुड़े पुनर्गठन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

NCLT मुंबई बेंच ने 9 जनवरी 2026 को अपने आदेश में उस स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दी, जिसमें TSPL के साथ वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड, माल्को एनर्जी लिमिटेड और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड शामिल हैं. इस फैसले के बाद वेदांता के पावर कारोबार को एक अलग पहचान मिलने का रास्ता साफ हो गया है, साथ ही कंपनी के शेयर सोमवार को फोकस में रहेंगे.

क्यों अलग किया जा रहा है पावर बिजनेस

ट्रिब्यूनल में दाखिल कारणों के मुताबिक, कंपनी ने बताया कि पावर बिजनेस का जोखिम और प्रतिस्पर्धा का स्वरूप वेदांता के बाकी नेचुरल रिसोर्स कारोबार से अलग है. ऐसे में इसे एक स्वतंत्र इकाई के तौर पर रखने से पूंजी बाजार से फंड जुटाने और बिजनेस पर फोकस बढ़ाने में मदद मिलेगी.

इस योजना को नवंबर 2025 में हुई बैठकों के दौरान मजबूत समर्थन मिला. कंपनी के अनुसार, 100 फीसदी सुरक्षित लेनदारों और 99.99 फीसदी असुरक्षित लेनदारों ने इस स्कीम के पक्ष में मतदान किया था. यह समर्थन दिखाता है कि प्रस्ताव को लेकर स्टेकहोल्डर्स में भरोसा था.

कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा, नेटवर्थ में बड़ा बदलाव

NCLT ने अपने आदेश में कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखा है. ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया कि मर्चेंट पावर अंडरटेकिंग से जुड़े सभी कर्मचारी बिना किसी रुकावट के TSPL में स्थानांतरित होंगे. उनकी सेवा शर्तें पहले से कम अनुकूल नहीं होंगी.

इस पुनर्गठन के बाद TSPL की वित्तीय स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. स्वतंत्र ऑडिटर की रिपोर्ट के अनुसार, डिमर्जर से पहले TSPL की नेटवर्थ 3,606 करोड़ रुपये थी, जो डिमर्जर के बाद बढ़कर 8,207 करोड़ रुपये हो सकती है. वहीं, Vedanta Limited की नेटवर्थ 46,533 करोड़ रुपये से घटकर करीब 43,230 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है.

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शेयरधारकों के लिए क्या बदलेगा

डिमर्जर में शेयर एंटाइटलमेंट रेशियो 1:1 ही रहेगा. इसका मतलब है कि वेदांता के मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी नए एंटिटी में भी उसी अनुपात में बनी रहेगी. इस घटनाक्रम के बीच शुक्रवार को वेदांता के शेयर 1.05 फीसदी की बढ़त के साथ 609.90 रुपये पर बंद हुए.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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