33% टूटने के बाद भी सस्ता नहीं हुआ Page Industries का शेयर, आखिर क्यों बनी हुई है महंगी वैल्यूएशन की चिंता
Page Industries की ग्रोथ पहले जैसी तेज नहीं रही. यही वजह है कि शेयर में गिरावट के बावजूद निवेशकों के बीच इसे लेकर सवाल बने हुए हैं. FY22 से FY25 के बीच कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ करीब 8.3 प्रतिशत सालाना रही. वहीं मुनाफे में करीब 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. हालांकि यह ग्रोथ कमजोर नहीं मानी जाती, लेकिन कंपनी जिस वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही है, उसके मुकाबले इसे धीमा माना जा रहा है.
Page Industries का शेयर पिछले कुछ समय में करीब 33 प्रतिशत टूट चुका है. आमतौर पर इतनी बड़ी गिरावट के बाद निवेशकों को लगता है कि शेयर अब सस्ता हो गया होगा. लेकिन Page Industries के मामले में कहानी थोड़ी अलग दिखाई दे रही है. Jockey ब्रांड चलाने वाली यह कंपनी अभी भी करीब PE रेशियो 54 वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही है. यानी शेयर की कीमत अभी भी काफी महंगी मानी जा रही है.
किसी कंपनी का मजबूत ब्रांड होना अलग बात है, लेकिन शेयर की वैल्यूएशन इस बात पर निर्भर करती है कि कंपनी भविष्य में कितनी तेजी से ग्रोथ दिखा सकती है. फिलहाल बाजार को चिंता इस बात की है कि Page Industries की ग्रोथ पहले जैसी तेज नहीं रही. यही वजह है कि शेयर में गिरावट के बावजूद निवेशकों के बीच इसे लेकर सवाल बने हुए हैं.
ग्रोथ की रफ्तार हुई धीमी
FY22 से FY25 के बीच कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ करीब 8.3 प्रतिशत सालाना रही. वहीं मुनाफे में करीब 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. हालांकि यह ग्रोथ कमजोर नहीं मानी जाती, लेकिन कंपनी जिस वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही है, उसके मुकाबले इसे धीमा माना जा रहा है. FY26 में भी स्थिति ज्यादा मजबूत नहीं दिखी. Q3 FY26 में कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ सिर्फ 1.4 प्रतिशत रही, जबकि रेवेन्यू ग्रोथ 5.6 प्रतिशत रही.
Jockey ब्रांड अब भी मजबूत
- Page Industries की सबसे बड़ी ताकत उसका Jockey ब्रांड है.
- कंपनी की मौजूदगी 1.13 लाख से ज्यादा मल्टी-ब्रांड आउटलेट्स और 1,500 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोर्स में है.
- कंपनी भारत के 2,700 से ज्यादा शहरों और कस्बों तक पहुंच बना चुकी है.
- इससे साफ है कि ब्रांड की लोकप्रियता अभी भी मजबूत बनी हुई है.
असली चिंता कहां है
समस्या ब्रांड में नहीं बल्कि ग्रोथ की संभावनाओं में है. कंपनी का सबसे बड़ा बिजनेस पुरुषों के इनरवियर से आता है. लेकिन यह बाजार अब काफी हद तक संगठित हो चुका है और इसमें ग्रोथ की रफ्तार सीमित मानी जा रही है. Value Research के मुताबिक, पुरुषों के इनरवियर मार्केट की ग्रोथ करीब 6 प्रतिशत सालाना रहने का अनुमान है. वहीं महिलाओं के इनरवियर और Athleisure जैसे सेगमेंट तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन अभी इनका आकार छोटा है.
वैल्यूएशन पर क्यों उठ रहे सवाल
कोई कंपनी लंबे समय तक प्रीमियम वैल्यूएशन तभी बनाए रख सकती है, जब उसमें लगातार मजबूत ग्रोथ दिखे. Page Industries के मामले में बाजार अब यह देखना चाहता है कि क्या कंपनी नए सेगमेंट्स में तेजी से विस्तार कर पाएगी. अगर महिलाओं के इनरवियर और Athleisure बिजनेस तेजी से बढ़ते हैं, तभी कंपनी की ग्रोथ दोबारा मजबूत हो सकती है.
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