भारत के स्पेस सर्विलांस मिशन से मिलेगा बड़ा फायदा! इन 3 कंपनियों पर टिकी बाजार की नजर

भारत में स्पेस सर्विलांस और डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से बढ़ते निवेश के बीच Data Patterns, Paras Defence, Centum Electronics जैसी कंपनियां निवेशकों के रडार पर हैं. ISRO, DRDO और रक्षा परियोजनाओं से जुड़े मजबूत आर्डर बुक नए कॉन्ट्रैक्ट्स और बेहतर वित्तीय प्रदर्शन ने इन कंपनियों की संभावनाओं को मजबूत किया है.

Defence Stocks Image Credit: @AI/Money9live

Defence Stocks: भारत तेजी से अपने स्पेस सर्विलांस और सैटेलाइट-बेस्ड डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में जुटा है. बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल और आधुनिक युद्ध टेक्नोलॉजी को देखते हुए सरकार स्पेस-बेस्ड रिकॉनिसेंस, सैटेलाइट इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस सर्विलांस सिस्टम पर लगातार निवेश बढ़ा रही है. इसका असर शेयर बाजार में भी दिखाई देने लगा है. डिफेंस और एयरोस्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से जुड़ी कई कंपनियों के शेयरों में हाल के दिनों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली है.

वर्ष 2026 में अब तक निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स करीब 25 फीसदी की तेजी दर्ज कर चुका है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 में करीब 8 फीसदी की गिरावट आई है. ऐसे में उन कंपनियों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है, जिनका कारोबार डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, सैटेलाइट कंपोनेंट्स, प्रिसिजन ऑप्टिक्स और मिशन क्रिटिकल इंजीनियरिंग से जुड़ा हुआ है.

Paras Defence के पास मजबूत ऑर्डर बुक

डेटा पैटर्न्स (इंडिया) इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, रडार सबसिस्टम्स, सैटेलाइट पेलोड कंपोनेंट्स और एवियोनिक्स तैयार करती है. कंपनी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल तेजस फाइटर एयरक्राफ्ट, ब्रह्मोस मिसाइल प्रोग्राम और इसरो के सैटेलाइट प्रोग्राम में किया जाता है. वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 925 करोड़ रुपये रहा, जबकि PAT 271 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. चौथी तिमाही में रेवेन्यू 344.85 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 13 फीसदी कम था. हालांकि, इसी अवधि में PAT 21.3 फीसदी बढ़कर 138.38 करोड़ रुपये पहुंच गया.

कंपनी के लिए सबसे सकारात्मक पहलू इसका मजबूत ऑर्डर बुक है. ट्रेड ब्रेन्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में ऑर्डर इनफ्लो 216 फीसदी बढ़कर 1,121 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि मई 2026 तक कंपनी का कुल ऑर्डर बुक करीब 2,062 करोड़ रुपये रहा. गुरुवार को कंपनी का शेयर 2.46 फीसदी गिरकर 4506 रुपये पर पहुंच गया है.

Paras Defence को मिले नए डिफेंस ऑर्डर्स

Paras Defence को जून 2026 में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स से 52.82 करोड़ रुपये के इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सिस्टम्स का ऑर्डर मिला. इससे पहले कंपनी को डीआरडीओ से एयर डिफेंस एप्लिकेशंस के लिए हाई प्रिसिजन ऑप्टिकल सिस्टम्स की सप्लाई का 80.28 करोड़ रुपये का ऑर्डर भी मिला था. वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 31 फीसदी बढ़कर 477 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि PAT 46 फीसदी बढ़कर 89 करोड़ रुपये रहा.

चौथी तिमाही कंपनी के इतिहास की सबसे मजबूत तिमाही साबित हुई, जिसमें रेवेन्यू 58.28 फीसदी बढ़कर 171.31 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 129 फीसदी बढ़कर 39 करोड़ रुपये पहुंच गया. हालांकि, पिछले तीन वर्षों में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 5.74 फीसदी घटी है, जिस पर निवेशकों की नजर बनी हुई है. गुरुवार को कंपनी का शेयर 4.25 फीसदी गिरकर 1233 रुपये पर पहुंच गया है.

Centum Electronics में रिस्ट्रक्चरिंग का असर

Centum Electronics मिशन क्रिटिकल इलेक्ट्रॉनिक्स, इसरो, डीआरडीओ और डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स के लिए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स तैयार करती है. कंपनी ने जून 2026 में अपनी फ्रांस स्थित इकाइयों का रिस्ट्रक्चरिंग पूरा किया, जिससे विदेशी कारोबार पर पड़ रहा दबाव कम होने की उम्मीद है.

कंपनी को फेज-1 एईएसए रडार डिजाइन का 66 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट भी मिला है. वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 953 करोड़ रुपये रहा. चौथी तिमाही में रेवेन्यू 27.46 फीसदी बढ़कर 340.43 करोड़ रुपये पहुंचा, लेकिन PAT घटकर 1.64 करोड़ रुपये रह गया. पूरे वर्ष के दौरान फ्रांस की सहायक कंपनियों में लगातार हुए घाटे का असर कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर देखने को मिला. विश्लेषकों का मानना है कि डोमेस्टिक बिजनेस कंपनी के लिए आने वाले समय में प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर बन सकता है. गुरुवार को कंपनी का शेयर 1.89 फीसदी गिरकर 3562 रुपये पर पहुंच गया है.

यह भी पढ़ें: H1 2026 Multibagger Stocks: सिर्फ 6 महीने में 100% से 246% तक रिटर्न, जानिए कौन से शेयर रहे सुपरहिट

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.