Closing bell: लगातार तीसरे दिन भी मार्केट में तेजी, सेंसेक्स 166 अंक चढ़ा, 24383 के पार बंद हुआ निफ्टी

घरेलू शेयर बाजार लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी के साथ बंद हुआ. बीएसई सेंसेक्स 166 अंक चढ़कर 78,094.64 पर और एनएसई निफ्टी 50, 66 अंक बढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ. मार्केट को कंपनियों के तिमाही नतीजों से मिले पॉजिटिव संकेतों का सपोर्ट मिला.

शेयर मार्केट लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेजी के साथ बंद हुआ. Image Credit: Tv9

Highlights

  • लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ सेंसेक्स 166 अंक और निफ्टी 66 अंक चढ़कर बंद हुए.
  • कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों की उम्मीद से बाजार को सपोर्ट मिला.
  • मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी रही, दोनों प्रमुख सूचकांक करीब 0.44 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए.

Closing bell: शेयर मार्केट ने शुक्रवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया. वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कंपनियों के तिमाही नतीजों को लेकर पॉजिटिव उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया. कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में बंद हुए. वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली.

सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद

BSE सेंसेक्स 166 अंक यानी 0.21 फीसदी की तेजी के साथ 78,094.64 पर बंद हुआ. वहीं NSE निफ्टी 50 इंडेक्स 66 अंक यानी 0.27 फीसदी चढ़कर 24,383.60 के स्तर पर बंद हुआ. यह लगातार तीसरा दिन है जब दोनों मेन इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं.

मार्केट को सबसे बड़ा सपोर्ट कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से मिला. इसके अलावा निवेशकों की नजर कंपनियों के जून तिमाही के नतीजों पर बनी हुई है. बेहतर कॉरपोरेट इनकम की उम्मीदों ने बाजार में पॉजिटिव माहौल बनाए रखा.

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी

मेन इंडेक्स के साथ ट्रेड मार्केट में भी तेजी रही. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.44 फीसदी चढ़ा. वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी 0.44 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई.

मार्केट में क्यों रही तेजी

इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि बेहतर तिमाही नतीजों के चलते शुक्रवार को शेयर बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा. हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में 89 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी ने बाजार की बढ़त को सीमित रखा. वहीं भारतीय रुपया 9 पैसे मजबूत होकर 95.41 प्रति डॉलर पर बंद हुआ और सप्ताह भर में करीब 1 फीसदी की मजबूती दर्ज की, जो मार्च के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त है.