Suzlon Energy में शेयरहोल्डिंग पैटर्न बदला, विदेशी निवेशकों की खरीद बढ़ी; घरेलू निवेशकों ने घटाया स्टेक

Suzlon Energy के दिसंबर 2025 तिमाही के शेयरहोल्डिंग आंकड़ों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. घरेलू संस्थागत और रिटेल निवेशकों की बिकवाली के बीच विदेशी निवेशकों ने इस रिन्यूएबल एनर्जी स्टॉक में भरोसा दिखाया है. शेयर पर दबाव के बावजूद FII की बढ़ती हिस्सेदारी निवेशकों का ध्यान खींच रही है.

सुजलॉन एनर्जी का शेयरहोल्डिंग पैटर्न Image Credit: @Canva/Money9live

Suzlon Energy Shareholding Pattern: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Suzlon Energy Ltd के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में दिसंबर 2025 तिमाही के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिला है. इस अवधि में जहां घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) और रिटेल निवेशकों ने मुनाफावसूली करते हुए अपनी हिस्सेदारी कम की, वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने इस स्टॉक में भरोसा दिखाते हुए जमकर खरीदारी की. दिलचस्प बात यह है कि यह बदलाव ऐसे समय में हुआ, जब शेयर के भाव पर लगातार दबाव बना हुआ है.

DII की हिस्सेदारी में तेज गिरावट

कंपनी के ताजा शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 तक DII के पास Suzlon के 1,26,63,46,053 शेयर थे, जो कंपनी की कुल हिस्सेदारी का 9.24 फीसदी बनता है. इसके मुकाबले सितंबर 2025 के अंत में DII की हिस्सेदारी 10.16 फीसदी (करीब 1,39,28,93,394 शेयर) थी. यानी तिमाही के दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 12.6 करोड़ से ज्यादा शेयर बेच दिए, जिससे उनकी हिस्सेदारी में करीब 92 बेसिस प्वाइंट की गिरावट दर्ज की गई.

म्यूचुअल फंड्स ने भी हल्का कदम पीछे खींचा

दिसंबर तिमाही में म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी में भी मामूली कमी देखने को मिली. सितंबर तिमाही में जहां म्यूचुअल फंड्स का कुल स्टेक 4.91 फीसदी था, वहीं दिसंबर तिमाही में यह घटकर 4.82 फीसदी रह गया. हालांकि, एक सकारात्मक संकेत यह रहा कि Suzlon में निवेश करने वाली MF स्कीम्स की संख्या 32 से बढ़कर 34 हो गई. इस दौरान Motilal Oswal Multicap Fund की हिस्सेदारी 1 फीसदी से नीचे आ गई, जिसके चलते उसका नाम प्रमुख शेयरहोल्डर्स की सूची से बाहर हो गया.

रिटेल निवेशकों ने भी की मुनाफावसूली

Suzlon के रिटेल निवेशकों ने भी दिसंबर तिमाही में सतर्क रुख अपनाया. छोटे निवेशकों ने मिलकर 1.08 करोड़ से ज्यादा शेयरों की बिकवाली की, जिससे उनकी हिस्सेदारी करीब 10 बेसिस प्वाइंट घट गई. दिसंबर 2025 के अंत तक 55.7 लाख से ज्यादा रिटेल निवेशकों के पास Suzlon के 5,35,83,18,350 शेयर थे, जो कुल हिस्सेदारी का 39.07 फीसदी है. सितंबर 2025 में यह आंकड़ा 39.17 फीसदी था.

विदेशी निवेशकों ने दिखाया भरोसा

जहां एक ओर घरेलू निवेशक शेयर से दूरी बनाते नजर आए, वहीं विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPIs) ने Suzlon में भरोसा जताया. तिमाही के दौरान FPIs ने 14.21 करोड़ शेयर जोड़े, जिससे उनकी हिस्सेदारी 22.70 फीसदी से बढ़कर 23.73 फीसदी हो गई. यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशक कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ स्टोरी को लेकर अभी भी सकारात्मक नजरिया रख रहे हैं.

शेयर का हाल और मार्केट वैल्यू

शेयर के प्रदर्शन की बात करें तो Suzlon Energy का स्टॉक शुक्रवार को 1.14 फीसदी की गिरावट के साथ 48.45 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी का कुल मार्केट कैप करीब 65973 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. स्टॉक अपने 52-वीक हाई 74.30 रुपये (मई 2025) से अब तक 34 फीसदी से ज्यादा टूट चुका है, जबकि यह 52-वीक लो 46.15 रुपये (अप्रैल 2025) के काफी करीब ट्रेड कर रहा है. पिछले 3 महीने में स्टॉक का भाव 10 फीसदी तक टूट चुका है. वहीं, सालभर के दौरान इसमें तकरीबन 28 फीसदी तक की गिरावट आई है. 

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.