टेक्सटाइल शेयरों में भारी गिरावट, जानें क्यों लहूलुहान हुआ सेक्टर, एक ऑर्डर से सारे दिग्गज लुढ़के
RoDTEP लाभ में 50% कटौती के सरकारी फैसले से टेक्सटाइल शेयरों में गिरावट आई. Trident, Gokaldas Exports, Welspun Living और Kitex Garments जैसे शेयर दबाव में दिखे. रिफंड घटने से निर्यातकों की लागत बढ़ने और मार्जिन पर असर की आशंका है जिससे सेक्टर की प्रतिस्पर्धा और मुनाफे पर चिंता बढ़ी.
24 फरवरी यानी मंगलवार को टेक्सटाइल सेक्टर के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली. सुबह 10:15 बजे के आसपास ट्राइडेंट (Trident) करीब 2.15%, गोकलदास एक्सपोर्ट्स (Gokaldas Exports) लगभग 4.60%, वेलस्पन लिविंग (Welspun Living) करीब 2.01% और किटेक्स गारमेंट्स (Kitex Garments) करीब 2.04% गिरकर कारोबार करते नजर आए. आइये समझते हैं कि इन शेयरों में इतना बड़ी गिरावट क्यों आई.
इस नोटिफिकेशन के बाद आई गिरावट
टेक्सटाइल शेयरों में यह गिरावट सरकार के नए नोटिफिकेशन के बाद देखने को मिली, जिसमें एक्सपोर्टर्स को मिलने वाले RoDTEP (Remission of Duties and Taxes on Exported Products) लाभ में 50% कटौती कर दी गई है. वाणिज्य मंत्रालय के तहत डीजीएफटी की अधिसूचना के मुताबिक यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है.
कितनी आई गिरावट (सुबह 10:20 बजे)
| शेयर का नाम | कीमत (₹) | गिरावट (₹) | गिरावट (%) |
|---|---|---|---|
| Trident Ltd | 26.00 | -0.57 | -2.15% |
| Gokaldas Exports | 713.00 | -34.35 | -4.60% |
| Welspun Living | 136.54 | -2.80 | -2.01% |
| Kitex Garments | 190.29 | -3.96 | -2.04% |
क्या है RoDTEP योजना
RoDTEP योजना के तहत निर्यातकों को उत्पादन और वितरण के दौरान चुकाए गए उन टैक्स और ड्यूटी का रिफंड मिलता था जो किसी अन्य व्यवस्था के तहत वापस नहीं मिलता. पहले यह रिफंड निर्यात मूल्य के करीब 0.3% से 4.3% तक होता था जिसे अब घटाकर लगभग 0.15% से 2.15% कर दिया गया है. इससे निर्यात करने वाली कंपनियों की लागत बढ़ने और मार्जिन पर दबाव आने की आशंका है.
क्या पड़ेगा असर
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस फैसले का सबसे ज्यादा असर टेक्सटाइल और मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट कंपनियों पर पड़ेगा, क्योंकि इनके बड़े ऑर्डर पहले से बुक होते हैं. अचानक नियम बदलने से पहले से तय ऑर्डर्स की प्रॉफिटेबिलिटी प्रभावित हो सकती है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, RoDTEP में कटौती से भारतीय निर्यातकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा कमजोर पड़ सकती है, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया भर में मांग अनिश्चित है और लागत दबाव पहले से बना हुआ है. यही वजह है कि बाजार खुलते ही टेक्सटाइल शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली और सेक्टर पर दबाव बना रहा. आने वाले समय में निर्यात नीति से जुड़े संकेतों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी.
अमेरिका का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट से टैरिफ रद्द वाले फैसले के बाद देशों को नए ट्रेड डील से पीछे न हटने की चेतावनी दी है. उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वह दूसरे व्यापार कानूनों के तहत और ज्यादा टैरिफ लगा सकते हैं. इससे भी शेयर बाजार पर असर देखने को मिल रहा है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
