अमेरिका-ईरान समझौते से चमक सकते हैं ये 5 शेयर! तेल कीमतों में गिरावट बनी बड़ी वजह; निवेशक रखें नजर

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौता भारत के लिए बड़ी आर्थिक राहत लेकर आ सकता है. यदि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुलता है और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आती है, तो इसका फायदा कई भारतीय कंपनियों को मिल सकता है. L&T, IndiGo, Apollo Tyres, HDFC Bank और HPCL जैसे शेयर इस स्थिति में निवेशकों की नजर में रह सकते हैं.

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US Iran Deal: वैश्विक बाजारों में 2026 के दौरान सबसे बड़ा जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम अमेरिका और ईरान के बीच चला संघर्ष रहा है. फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के सैन्य एवं रणनीतिक ठिकानों पर संयुक्त हमलों के बाद पूरी दुनिया के वित्तीय बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, करेंसी में कमजोरी और शेयर बाजारों में अस्थिरता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी थी. हालांकि अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए एक मजबूत समझौता तैयार हो चुका है और जल्द ही इस पर औपचारिक हस्ताक्षर हो सकते हैं. यदि यह समझौता अंतिम रूप लेता है और होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह खुल जाता है, तो इसका सबसे बड़ा लाभ भारत जैसे ऊर्जा आयातक देशों को मिल सकता है. इस स्थिति में कुछ भारतीय कंपनियां विशेष रूप से लाभान्वित हो सकती हैं.

L&T को मिल सकता है अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं का फायदा

इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी L&T इस सूची में सबसे ऊपर है. कंपनी की खाड़ी देशों में मजबूत मौजूदगी है और वह ऊर्जा, ट्रांसमिशन, शहरी विकास तथा रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं में सक्रिय है. सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश जारी हैं. जियोपॉलिटिकल टेंशन कम होने पर इन परियोजनाओं की गति और तेज हो सकती है. साथ ही डीजल, परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी से कंपनी के मार्जिन पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है.

IndiGo के लिए घट सकती है ईंधन लागत

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo भी संभावित लाभार्थियों में शामिल है. एयरलाइन उद्योग में एविएशन टर्बाइन फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है और कुल ऑपरेशनल लागत का लगभग 40 फीसदी हिस्सा ईंधन पर खर्च होता है. यदि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आती है, तो एयरलाइन की ईंधन लागत कम होगी, जिससे मुनाफे में सुधार और मार्जिन बढ़ने की संभावना बनेगी. मजबूत बाजार हिस्सेदारी और विस्तृत नेटवर्क के कारण IndiGo इस स्थिति का बेहतर लाभ उठा सकती है.

Apollo Tyres के मार्जिन में हो सकता है सुधार

टायर निर्माता Apollo Tyres के लिए भी तेल कीमतों में गिरावट सकारात्मक साबित हो सकती है. टायर निर्माण में इस्तेमाल होने वाला सिंथेटिक रबर कच्चे तेल से तैयार किया जाता है. तेल सस्ता होने पर कच्चे माल की लागत कम हो सकती है, जिससे कंपनी के ऑपरेशनल मार्जिन और फायदा में सुधार देखने को मिल सकता है. वैश्विक बाजारों में कंपनी की मजबूत मौजूदगी भी इसे अतिरिक्त लाभ दिला सकती है.

HDFC Bank को मिल सकता है मजबूत आर्थिक माहौल का लाभ

निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंकों में शामिल HDFC Bank भी उन कंपनियों में है, जो संभावित अमेरिका-ईरान समझौते से अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो सकती हैं. तेल कीमतों में गिरावट से महंगाई पर दबाव कम होगा और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ेगी. इससे लोन मांग में तेजी आ सकती है और आर्थिक गतिविधियां मजबूत हो सकती हैं. ऐसे माहौल में बैंकिंग सेक्टर के प्रति निवेशकों का भरोसा भी बढ़ता है, जिसका फायदा HDFC Bank को मिल सकता है.

HPCL के लिए बढ़ सकते हैं रिफाइनिंग मार्जिन

सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनी HPCL भी निवेशकों की नजर में रह सकती है. आमतौर पर जब कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, तो तेल मार्केटिंग कंपनियों के मार्जिन पर दबाव पड़ता है, क्योंकि वे बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाल पातीं. यदि तेल कीमतों में नरमी आती है, तो कच्चे माल की लागत कम होगी और कंपनी के रिफाइनिंग तथा मार्केटिंग मार्जिन बेहतर हो सकते हैं. इससे कंपनी की लाभ में सुधार की संभावना बढ़ेगी.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.