Vedanta Demerger: बंटवारे के बाद शेयरों में उछाल, महंगे एल्युमिनियम से ग्रुप के इस कंपनी को होगा बंपर फायदा

वेदांता ग्रुप के ऐतिहासिक डीमर्जर के बाद शेयर बाजार में स्टॉक को लेकर जबरदस्त हलचल है. कंपनी के अलग-अलग बिजनेस अब स्वतंत्र कंपनियों के रूप में जून 2026 तक लिस्ट हो सकते हैं.

वेंदांता Image Credit: GettyImages

वेदांता ग्रुप के डीमर्जर के बाद शेयर बाजार में इस स्टॉक को लेकर जबरदस्त हलचल है. बुधवार, 27 मई को दोपहर के कारोबार के दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर वेदांता लिमिटेड (मूल कंपनी) का शेयर 2.35% की तेजी के साथ ₹353 प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहा था. दरअसल, 30 अप्रैल को डीमर्जर की एक्स-डेट (Ex-date) पर स्पेशल ट्रेडिंग सेशन के दौरान यह शेयर अपने पिछले बंद ₹773.60 से करीब 62.6% टूटकर ₹289.50 पर आ गया था.

यह भारी गिरावट केवल तकनीकी (Technical Adjustment) थी, क्योंकि वेदांता के अलग-अलग बिजनेस अब स्वतंत्र कंपनियों में बंट चुके हैं और अब इस पैरेंट शेयर की कीमत सिर्फ उसके बचे हुए कारोबार को दर्शाती है.

1:1 के रेशियो में मिलेंगे शेयर, जून में होगी लिस्टिंग

वेदांता डीमर्जर की इस पूरी प्रक्रिया और रीस्ट्रक्चरिंग से जुड़े अहम बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • फ्री में मिलेंगे शेयर: तय व्यवस्था के मुताबिक, वेदांता के शेयरधारकों को मुख्य कंपनी के हर 1 शेयर के बदले बाकी 4 नए अलग हुए बिजनेस में 1:1 के अनुपात में इक्विटी शेयर मिलेंगे.
  • कब होगी लिस्टिंग?: वेदांता रिसोर्सेज की सीईओ डेशनी नायडू ने चौथी तिमाही के नतीजों के दौरान बताया कि डीमर्जर अब आखिरी चरण में है. अलग हुई चारों नई कंपनियों के शेयर जून 2026 के मध्य तक स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होकर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हो सकते हैं.

बंटवारे के बाद बनने वाली 5 स्वतंत्र कंपनियां:

  • वेदांता लिमिटेड (Residual Entity): इसमें ग्रुप का बेस मेटल्स (जिंक, सिल्वर, कॉपर) और उभरता हुआ इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस रहेगा.
  • वेदांता एल्युमिनियम: यह पूरी तरह से एल्युमिनियम कारोबार पर फोकस करेगी.
  • वेदांता ऑयल एंड गैस: इसमें कच्चे तेल और गैस की खोज और प्रोडक्शन (Upstream) का काम होगा.
  • वेदांता पावर: यह ग्रुप के मर्चेंट पावर जनरेशन (बिजली उत्पादन) बिजनेस को संभालेगी.
  • वेदांता आयरन एंड स्टील: इसके पास लौह अयस्क खनन और स्टील ऑपरेशन्स की कमान होगी.

महंगे एल्युमिनियम से वेदांता को होगा बंपर फायदा

इस समय ग्लोबल मार्केट में एल्युमिनियम की कीमतों में आई भारी तेजी ने वेदांता के इस सबसे बड़े वर्टिकल के लिए माहौल बेहद शानदार बना दिया है.

  • 4 साल के उच्चतम स्तर पर भाव: मंगलवार को लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर एल्युमिनियम 0.6% बढ़कर $3,672.50 प्रति मीट्रिक टन पर बंद हुआ, जो मार्च 2022 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है.
  • क्यों बढ़ रहे हैं दाम?: ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक चीन में पर्यावरण और ऊर्जा खपत की जांच के चलते प्रोडक्शन में कटौती की आशंका है. इसके अलावा मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के तनाव के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ के रास्ते होने वाली सप्लाई प्रभावित हुई है.
  • वेदांता एल्युमिनियम की ताकत: यह भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी है, जो देश के कुल उत्पादन का आधे से अधिक हिस्सा अकेले बनाती है. वित्त वर्ष 2023-24 (FY24) में कंपनी ने 2.37 मिलियन टन एल्युमिनियम का उत्पादन किया था. इसके अलावा, साल 2023 के ‘S&P ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट’ में इसे दुनिया में पहला स्थान मिला था.

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निवेशकों के लिए क्या हैं इसके मायने?

एल्युमिनियम का इस्तेमाल ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूएबल एनर्जी और पावर सेक्टर में बड़े पैमाने पर होता है. ग्लोबल मार्केट में बढ़ती कीमतों का सीधा फायदा ‘वेदांता एल्युमिनियम’ के रेवेन्यू और प्रॉफिट मार्जिन में उछाल के रूप में देखने को मिलेगा.

बाजार जानकारों का मानना है कि एल्युमिनियम की कीमतों में यह मजबूती जून के मध्य में होने वाली इस कंपनी की अलग लिस्टिंग से ठीक पहले निवेशकों के सेंटिमेंट को और ज्यादा बूस्ट करेगी, जिससे लिस्टिंग पर तगड़ा रिस्पॉन्स मिल सकता है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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