क्रैश हुए Vedanta के शेयर! भारी गिरावट के पीछे क्या है सच? जानिए पूरा मामला
इस डीमर्जर के बाद निवेशकों की होल्डिंग एक ही कंपनी में न रहकर कई कंपनियों में बंट जाएगी. Vedanta का मौजूदा शेयर अब सिर्फ बचे हुए बिजनेस की वैल्यू दिखाता है, जबकि बाकी वैल्यू नई कंपनियों में मिलेगी. 29 अप्रैल तक जिन निवेशकों ने Vedanta के शेयर खरीदे हैं, वही डीमर्जर का फायदा पाएंगे.
Vedanta Share Demerger : गुरुवार को Vedanta Ltd के शेयर में बड़ी गिरावट देखने को मिली. शेयर करीब 63 प्रतिशत टूटकर 289.5 रुपये पर आ गया, जबकि इससे पहले यह 773.6 रुपये पर बंद हुआ था. हालांकि यह गिरावट असल में निवेशकों के नुकसान की नहीं, बल्कि एक टेक्निकल एडजस्टमेंट है, जो कंपनी के डीमर्जर प्लान के चलते हुआ है. आइए इस पूरी कहानी को विस्तार से जानते हैं.
डीमर्जर के बाद कीमत में एडजस्टमेंट
Vedanta के शेयर अब एक्स-डीमर्जर आधार पर ट्रेड हो रहे हैं. इसका मतलब है कि कंपनी के चार बड़े बिजनेस को अलग-अलग कंपनियों में बांटा जा रहा है और उनकी वैल्यू मुख्य शेयर से अलग कर दी गई है. इसी वजह से शेयर की कीमत में बड़ी गिरावट दिख रही है, लेकिन यह केवल गणितीय एडजस्टमेंट है, असली नुकसान नहीं.
कौन-कौन से बिजनेस अलग होंगे
कंपनी अपने एल्यूमिनियम, पावर, ऑयल एंड गैस और स्टील बिजनेस को अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बांट रही है. रिकॉर्ड डेट तक जिन निवेशकों के पास Vedanta के शेयर होंगे, उन्हें हर एक शेयर पर इन चार नई कंपनियों के एक-एक शेयर मिलेंगे.
निवेशकों के लिए क्या मतलब है?
इस डीमर्जर के बाद निवेशकों की होल्डिंग एक ही कंपनी में न रहकर कई कंपनियों में बंट जाएगी. Vedanta का मौजूदा शेयर अब सिर्फ बचे हुए बिजनेस की वैल्यू दिखाता है, जबकि बाकी वैल्यू नई कंपनियों में मिलेगी.
स्पेशल प्री-ओपन सेशन में तय हुई कीमत
एक्सचेंज ने गुरुवार को सुबह 9:15 से 9:45 बजे तक स्पेशल प्री-ओपन सेशन रखा, जिसमें नई एडजस्टेड कीमत तय की गई. 1 मई को महाराष्ट्र दिवस के कारण बाजार बंद रहने वाला है, इसलिए यह प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली गई.
कौन निवेशक होंगे योग्य
29 अप्रैल तक जिन निवेशकों ने Vedanta के शेयर खरीदे हैं, वही डीमर्जर का फायदा पाएंगे. 30 अप्रैल या उसके बाद खरीदने वालों को नई कंपनियों के शेयर नहीं मिलेंगे.
आगे क्या रहेगा फोकस
डीमर्जर के बाद हर बिजनेस अलग-अलग लिस्ट होगा, जिससे निवेशकों को हर सेक्टर की परफॉर्मेंस को अलग से समझने का मौका मिलेगा. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव रह सकता है. इसमें ग्रुप का कर्ज, कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और नई कंपनियों की लिस्टिंग में देरी जैसे रिस्क शामिल हैं.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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