उज्ज्वला योजना के तहत अब मिलेंगे सिर्फ 4 सब्सिडी वाले सिलेंडर, गैस की बढ़ती कीमतों के बीच हुई 5 सिलेंडर की कटौती
पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच LPG की अंतरराष्ट्रीय कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. इस वजह से सरकार ने यह फैसला लिया है. 7 जून को कुकिंग गैस LPG की कीमतों में प्रति सिलेंडर 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी.

सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए सालाना सब्सिडी वाले LPG रिफिल की संख्या 9 से घटाकर चार कर दी है. पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच LPG की अंतरराष्ट्रीय कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. इस वजह से सरकार ने यह फैसला लिया है.
क्यों लिया गया फैसला?
सरकार ने अपनी प्रमुख उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सालाना मिलने वाले सब्सिडी वाले कुकिंग गैस सिलेंडर की संख्या घटाकर चार कर दी है. पीटीआआई ने एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने सोमवार को बताया कि यह कदम औसत घरेलू खपत के स्तर को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है.
कब शुरू की गई थी स्कीम?
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) मई 2016 में शुरू की गई थी, जिसका मकसद गरीब परिवारों की वयस्क महिलाओं को बिना डिपॉजिट वाले LPG कनेक्शन देना था. इसके तहत लाभार्थियों को शुरू में साल में 12 सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर मिलते थे। पिछले साल सब्सिडी वाले सिलेंडर का कोटा घटाकर नौ कर दिया गया था और अब इसे और कम करके चार कर दिया गया है.
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव प्रवीण मल खनूजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सिलेंडर की नई तय संख्या मोटे तौर पर उज्ज्वला लाभार्थियों की औसत सालाना खपत के बराबर है.
कितनी मिलती है सब्सिडी?
खाना पकाने के लिए साफ-सुथरे ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और इसे सस्ता बनाने के लिए, सरकार ने मई 2022 में 14.2 किलोग्राम के LPG सिलेंडर पर 200 रुपये की सब्सिडी शुरू की थी. यह सब्सिडी सालाना 12 सिलेंडर तक की हर रिफिल खरीद के बाद सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाती थी.
अक्टूबर 2023 में सब्सिडी को बढ़ाकर 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर 300 रुपये कर दिया गया और 5 किलोग्राम के सिलेंडर पर भी उसी अनुपात में लाभ दिया गया.
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा
- सब्सिडी वाले सिलेंडर के कोटे में यह कटौती LPG की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद की गई है.
- दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत पिछले तीन महीनों में दो बार बढ़ोतरी के साथ कुल 89 रुपये बढ़ी है.
- आखिरी बढ़ोतरी 7 जून को हुई, जिससे खुदरा कीमत 942 रुपये हो गई.
- 300 रुपये की सब्सिडी घटाने के बाद, PMUY लाभार्थियों को 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर 642 रुपये में मिलता है.
कितनी है सरकार की सप्लाई की लागत?
प्रवीण खनूजा कहा कि सिलेंडर की नई तय संख्या मोटे तौर पर PMUY परिवारों की औसत सालाना खपत को दर्शाती है. सरकार की अनुमानित सप्लाई लागत लगभग 1,600 रुपये प्रति सिलेंडर है, जबकि लाभार्थियों को असल में प्रति सिलेंडर लगभग 1,000 रुपये की मदद मिलती है. 7 जून को कुकिंग गैस LPG की कीमतों में प्रति सिलेंडर 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी.
एक परिवार के लिए कितनी महंगी पड़ेगी बढ़ोतरी?
उन्होंने कहा, ‘यह बढ़ोतरी रोजाना 1 रुपये के बराबर है और साथ ही बताया कि पांच लोगों वाले परिवार के लिए यह बढ़ोतरी रोजाना 20 पैसे बैठती है. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में रुकावटों की वजह से अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतों में भारी उछाल के बावजूद, भारतीय परिवार दुनिया भर में खाना पकाने वाली गैस के लिए सबसे कम कीमतें चुका रहे हैं.
खानूजा ने कहा कि फरवरी के आखिर में पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल आया, जिससे घरेलू LPG सिलेंडर की सप्लाई की लागत 1,600 रुपये से अधिक हो गई है.
भारत की LPG आयात की लागत
भारत की LPG आयात लागत सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) से जुड़ी है, जो इस ईंधन के लिए वैश्विक बेंचमार्क है. फरवरी के बाद से इस बेंचमार्क में लगभग 46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़ी रुकावटों के कारण खाड़ी क्षेत्र से सप्लाई कम हो गई है.
सरकार ने कितनी दी है सब्सिडी?
उन्होंने कहा कि सरकार ने 2022 से अब तक 52,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है. बताया कि कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, तेल कंपनियों को हर 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर लगभग 700 रुपये का नुकसान हो रहा है.
LPG के अलावा, तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल को लागत से कम कीमत पर बेचने पर भी नुकसान हो रहा है. पेट्रोल पर नुकसान (अंडर-रिकवरी) 6 रुपये प्रति लीटर था, और डीजल पर यह लगभग 30 रुपये प्रति लीटर था.
कीमतों में बढ़ोतरी की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, कुल मिलाकर, तेल कंपनियों को 600-700 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है.’