‘पैसे की तंगी से मर रहा है ईरान…’, ट्रंप का दावा, ठुकराया सीजफायर का प्रस्ताव

तेहरान प्रतिबंधों में राहत, नाकाबंदी खत्म करने और जलमार्ग को पूरी तरह से फिर से खोलने से पहले सीज़फायर की मांग कर रहा है, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर लगातार दबाव बनाने की मांग कर रहे हैं और उन्होंने प्रस्ताव को अभी के स्ट्रक्चर के हिसाब से खारिज कर दिया है.

डोनाल्ड ट्रंप Image Credit: Getty Images

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने शनिवार (26 सितंबर) को ईरान के टेम्पररी सीजफायर और Strait of Hormuz को फिर से खोलने के प्रपोजल को रिजेक्ट कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि तेहरान इसलिए डील चाहता है क्योंकि वह यूनाइटेड स्टेट्स के साथ अपनी लड़ाई में ‘बहुत बुरी तरह हार रहा है’.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, वे जो करना चाहते हैं वह है Strait of Hormuz को तुरंत खोलना, आप जानते हैं क्यों? क्योंकि ‘वह मर रहे हैं’. आप जानते हैं वे क्यों मर रहे हैं? क्योंकि उनके पास कोई पैसा नहीं आ रहा है, क्योंकि उन्हें अपना पैसा Strait of Hormuz से मिलता है.

होर्मुज पर ट्रंप का दावा

ट्रंप ने कहा कि ईरान स्ट्रेटेजिक रूप से जरूरी वॉटरवे को तुरंत फिर से खोलना चाहता था, लेकिन उन्होंने कहा कि उनके एडमिनिस्ट्रेशन की नेवल ब्लॉकेड ने तेहरान को रेवेन्यू से वंचित कर दिया है. लाइव मिंट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ‘मैंने उनकी डील रिजेक्ट कर दी है’, वे एक ऐसी डील करना चाहते हैं जिसमें वे Strait of Hormuz को तुरंत खोल दें क्योंकि वे बहुत बुरी तरह हार रहे हैं. हम बहुत बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं. ट्रंप का दावा है कि होर्मुज पर यूएस का कंट्रोल है.

ट्रंप ने इस स्थिति को यूएस के लिए एक बड़े मिलिट्री और इकोनॉमिक फायदे के तौर पर पेश किया, यह दावा करते हुए कि वॉशिंगटन ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर कंट्रोल कर लिया है. उनका कहना है कि हम बहुत बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं. होर्मुज पर हमारा पूरा कंट्रोल है और होर्मुज से भारी मात्रा में तेल निकल रहा है.

कल रात हमारे 29 जहाज आए थे, वे एक डील करना चाहते हैं और मुझे लगता है कि यह ठीक है, मुझे भी डील करना पसंद है, लेकिन वह डील मंजूर नहीं होगी. ट्रंप ने तेहरान पर यह भी आरोप लगाया कि जब उसने वॉटरवे से ट्रैफिक को रोकने का कदम उठाया तो उसने गलत अंदाजा लगाया. ट्रंप ने कहा कि उनके एडमिनिस्ट्रेशन ने वॉटरवे को रोकने की ईरान की कोशिश को तेहरान के खिलाफ कर दिया है.

सात दिन का प्लान पेश

ट्रंप की यह टिप्पणी तब आई जब ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि तेहरान ने सात दिन का एक प्लान पेश किया है जिसके तहत ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलेगा और अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत फिर से शुरू करेगा. इस प्रस्ताव के तहत वाशिंगटन को ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नेवल नाकाबंदी हटानी होगी, ईरानी तेल की बिक्री पर लगी पाबंदियों को हटाना होगा और एक सीजफायर पर सहमत होना होगा जिसमें लेबनान भी शामिल होगा.

अराघची ने न्यूयॉर्क में यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली के दौरान इस प्रस्ताव के बारे में बताया. अराघची ने कहा, हमने बिचौलियों के जरिए यूनाइटेड स्टेट्स के सामने एक प्लान पेश किया है कि अगर कुछ शर्तें पूरी होती हैं, तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सातवें दिन के आखिर में खुल जाएगा और बातचीत फिर से शुरू हो जाएगी. उन्होंने कहा कि US के मिडटर्म चुनावों से पहले एग्रीमेंट हो जाना बेहतर होगा.

क्यों मायने रखता है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ग्लोबल एनर्जी ट्रांसपोर्टेशन के लिए अपनी अहमियत की वजह से लड़ाई में एक सेंट्रल प्रेशर पॉइंट के तौर पर उभरा है. फरवरी के आखिर में इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ यूएस और इजरायली हमलों के बाद ईरान ने वॉटरवे को असरदार तरीके से बंद कर दिया था.

इसके बाद होर्मुज और उसके आसपास जहाजों पर धमकियों और हमलों के बीच शिपिंग ट्रैफिक में तेजी से गिरावट आई. इस रुकावट ने वॉटरवे को वॉशिंगटन और तेहरान के बीच टकराव के सेंटर में ला दिया है, जिसमें ईरान अपनी स्ट्रेटेजिक पोजीशन का इस्तेमाल करना चाहता है, जबकि US इंटरनेशनल शिपिंग के लिए एक्सेस बनाए रखने की कोशिश कर रहा है.

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