क्रूड ऑयल महंगा होने से निकला पाकिस्तान का ‘तेल’, स्कूल 2 हफ्ते के लिए बंद; 4 डे वर्क वीक समेत ये पाबंदियां लागू
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच संभावित ईंधन संकट से निपटने के लिए पाकिस्तान सरकार ने कई सख्त कदम उठाए हैं. 16 मार्च से दो हफ्ते तक स्कूल बंद रहेंगे, यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन पढ़ाई होगी. सरकारी दफ्तर चार दिन चलेंगे, 50% कर्मचारी घर से काम करेंगे और विभागों के फ्यूल भत्ते में 50% कटौती होगी.
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संभावित ऊर्जा आपूर्ति संकट के बीच पाकिस्तान में ईंधन की कमी का खतरा गहराने लगा है. अमेरिका-इजरायल और ईरान में जारी जंग के बीच क्रूड ऑयल की कीमते 100 डॉलर प्रति बैरेल से पार निकल गई हैं और हॉर्मुज स्ट्रेट बाधित होने से सप्लाई चेन प्रभावित होने लगी है. इसी आशंका को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने ईंधन बचाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देशभर में स्कूल अस्थायी रूप से बंद करने, सरकारी दफ्तरों में चार दिन का कार्य सप्ताह लागू करने और सरकारी विभागों के ईंधन भत्ते में कटौती जैसे फैसलों की घोषणा की है. वहीं, पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 20% की बढ़ोतरी की गई है.
दो हफ्ते बंद रहेंगे स्कूल, ऑनलाइन होंगी यूनिवर्सिटी की कक्षाएं
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि 16 मार्च से पूरे देश के स्कूल दो हफ्तों के लिए बंद रहेंगे. वहीं विश्वविद्यालय और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में तुरंत प्रभाव से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की जाएंगी. सरकार का कहना है कि यह कदम ईंधन की खपत कम करने और संभावित सप्लाई संकट से निपटने के लिए उठाया गया है.
सरकारी दफ्तरों में चार दिन का वर्क वीक
सरकार ने ईंधन बचाने के लिए सरकारी कार्यालयों में भी बड़ा बदलाव किया है. प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा कि सरकारी दफ्तर अब सप्ताह में केवल चार दिन ही खुलेंगे. हालांकि इस व्यवस्था से बैंकों को बाहर रखा गया है. इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था भी लागू की जाएगी.
सरकारी विभागों के ईंधन भत्ते में 50% कटौती
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि आने वाले दो महीनों तक सभी सरकारी विभागों के ईंधन भत्ते में 50 प्रतिशत की कटौती की जाएगी. इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों में से 50% स्टाफ घर से काम करेगा जिससे दफ्तर आने-जाने में लगने वाले ईंधन की खपत कम की जा सके. इसके अलावा इस अवधि के दौरान सरकारी विभागों के 60 फीसदी वाहन सड़कों पर नहीं चलेंगे.
ये फैसले भी लिए गए
- सांसदों की सैलरी में 25% की कटौती की जाएगी
- मंत्रियों, सलाहकारों और सरकारी अधिकारियों के विदेश दौरे पर जाने पर रोक लगा दी गई है.
- सरकारी डिनर और इफ्तार पार्टियों पर भी पाबंदी
पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी चिंता
सरकार के मुताबिक, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा है. इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और ईंधन आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ सकता है.
ईंधन आयात पर निर्भर है पाकिस्तान
पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयातित ईंधन पर निर्भर है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उछाल या आपूर्ति में व्यवधान का सीधा असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और घरेलू ईंधन उपलब्धता पर पड़ सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाए हैं, ताकि ईंधन की खपत कम की जा सके और संभावित संकट से निपटा जा सके.
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