ट्रंप का नया ट्रेड वॉर प्लान! 16 देशों पर लटकी व्यापार जांच की तलवार, भारत भी घेरे में
ट्रंप प्रशासन ने 16 बड़े ट्रेडिंग पार्टनर देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, उनके खिलाफ “सेक्शन 301” के तहत नई व्यापार जांच शुरू करने का फैसला किया है. जांच का मकसद ज्यादा औद्योगिक उत्पादन, सरकारी सब्सिडी और सस्ते सामान की वजह से अमेरिकी उद्योगों पर पड़ रहे दबाव को रोकना बताया गया है.
Trump New Tariff Plan: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से छेड़ा गया टैरिफ वॉर थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब उन्होंने एक और नया प्लान बनाया है. इस बार ट्रंप प्रशासन 16 बड़े ट्रेडिंग पार्टनरों को घेरने की तैयारी में है. ट्रंप प्रशासन ने बुधवार को 16 बड़े ट्रेडिंग पार्टनर देशों के खिलाफ नई व्यापार जांच शुरू करने का ऐलान किया है. इस कदम का मकसद अमेरिकी उद्योगों को बचाना और दुनिया भर में सस्ते माल की भरमार को रोकना बताया जा रहा है. जांच के घेरे में भारत भी है.
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर का कहना है कि “सेक्शन 301” के तहत शुरू की गई यह जांच उन देशों पर केंद्रित होगी जहां जरूरत से ज्यादा औद्योगिक उत्पादन हो रहा है और जो वैश्विक बाजार में ज्यादा सस्ते सामान ला रहे हैं.
इन देशों पर नजर
इस जांच के दायरे में चीन, यूरोपीय संघ, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और मेक्सिको जैसे बड़े व्यापारिक साझेदार शामिल हैं. इनके अलावा ताइवान, वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे भी जांच के दायरे में हैं. दिलचस्प बात यह है कि अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार कनाडा इस सूची में शामिल नहीं है.
जांच के अहम फैक्टर्स
ग्रीर के मुताबिक जांच में कुछ खास चीजें देखी जाएंगी जैसे- लगातार बड़ा व्यापार अधिशेष, सरकार की ओर से दी जा रही भारी सब्सिडी, राज्य संचालित कंपनियों की गैर-व्यावसायिक गतिविधियां, मजदूरी का दबाव और कमजोर पर्यावरण व श्रम मानक. ट्रंप प्रशासन के मुताबिक इन सब कारणों से वैश्विक बाजार में सस्ता माल बढ़ता है और अमेरिकी उद्योगों पर दबाव पड़ता है.
जबरन मजदूरी पर भी नया एक्शन
ट्रंप प्रशासन एक और बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है. गुरुवार को “सेक्शन 301” के तहत एक और जांच शुरू की जाएगी जिसका लक्ष्य जबरन मजदूरी से बने सामानों के आयात पर रोक लगाना है. यह जांच 60 से ज्यादा देशों को कवर करेगी. अमेरिका पहले ही चीन के शिनजियांग क्षेत्र से आने वाले सोलर पैनल और अन्य सामानों पर सख्ती कर चुका है.
अमेरिका का आरोप है कि चीन के शिनजियांग क्षेत्र में उइगर मुस्लिम समुदाय के लोगों को श्रम शिविरों में काम कराया जाता है. हालांकि बीजिंग इन आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है.
यह भी पढ़ें: कैश के ढेर पर बैठी हैं ये 3 कंपनियां, कर्ज भी ना के बराबर, दे सकती हैं दमदार रिटर्न, शेयरों पर रखें नजर
कब से लग सकता है नया टैरिफ?
ट्रंप प्रशासन चाहता है कि ये जांच जुलाई से पहले पूरी हो जाए. फिलहाल फरवरी में लगाए गए 10% अस्थायी टैरिफ 150 दिनों के लिए लागू हैं. योजना के अनुसार 15 अप्रैल तक सार्वजनिक टिप्पणियां ली जाएंगी और करीब 5 मई को सार्वजनिक सुनवाई होगी. इसके बाद नए टैरिफ लागू करने पर फैसला हो सकता है.
