अमेरिका और ईरान के बीच आज हो सकता है समझौता, तुरंत खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट, कच्चे तेल की कीमतों पर नजर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को खत्म करने वाला समझौता रविवार को साइन हो सकता है. यदि ऐसा होता है तो दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल जाएगा, जिससे वैश्विक तेल बाजार और मध्य पूर्व की राजनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है.

पश्चिम एशिया में महीनों से जारी युद्ध और तनाव के बीच एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं. इस समझौते के साथ ही पिछले कई महीनों से जारी उस संघर्ष के औपचारिक रूप से खत्म होने की उम्मीद जग गई है, जिसने वैश्विक तेल आपूर्ति को ठप कर दिया था और पूरी दुनिया पर एक बड़े युद्ध का खतरा मंडरा रहा था.
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट शेयर करते हुए दावा किया कि समझौता होते ही होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत “सभी के लिए खोल” दिया जाएगा. अगर ऐसा होता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेल हलचल देखने को मिल सकती है.
ट्रंप बोले- “इस बार नहीं देंगे एक भी डॉलर”
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह समझौता पिछले प्रशासकों की तुलना में बहुत अलग और बेहतर है. उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति ओबामा पर निशाना साधते हुए कहा, “ओबामा प्रशासन की तरह ईरान को सैकड़ों अरब डॉलर या 1.7 अरब डॉलर का नकद भुगतान नहीं किया जाएगा. इस बार कोई पैसा नहीं दिया जा रहा है.”
ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी सख्त रुख दिखाया. उन्होंने कहा कि सही समय आने पर हमारे बी-2 बमवर्षक विमानों और पायलटों की मदद से पहाड़ों के नीचे दबे परमाणु कचरे को निकालकर नष्ट कर दिया जाएगा. ट्रंप ने आगे लिखा, “हम ईरान और पूरे मिडल ईस्ट (पश्चिम एशिया) के साथ भविष्य में काम करने के लिए उत्सुक हैं. उम्मीद है कि यह प्रक्रिया जल्दी और आसानी से पूरी होगी. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हमारे पास आखिरी विकल्प भी तैयार है.”
उन्होंने बताया कि रविवार को समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर (Electronic Signing) होने की तैयारी चल रही है, जिसके बाद अगले हफ्ते तकनीकी स्तर की बातचीत होगी.
वैश्विक अर्थव्यवस्था को मिलेगी राहत
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग है. युद्ध के कारण यह रास्ता पूरी तरह बंद है, जिससे फारस की खाड़ी से होने वाला तेल और प्राकृतिक गैस का निर्यात लगभग ठप पड़ चुका है.
ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अगले हफ्ते होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में ट्रंप इस समुद्री रास्ते से बारूदी सुरंगें हटाने पर चर्चा करेंगे. इस काम में ब्रिटेन और फ्रांस ने भी मदद की इच्छा जताई है. साथ ही, ट्रंप इस मुद्दे पर मिस्र, कतर और यूएई के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे.
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ईरान का रुख थोड़ा सतर्क
इस पूरे घटनाक्रम पर ईरान का रुख थोड़ा संभला हुआ है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने सरकारी टेलीविजन पर कहा, “हालांकि यह समझौता रविवार को ही हो जाए ऐसा जरूरी नहीं, लेकिन आने वाले दिनों में इसके होने की पूरी संभावना है.” उन्होंने साफ किया कि अभी बातचीत सिर्फ युद्ध को खत्म करने पर हो रही है, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर इस चरण में कोई चर्चा नहीं होगी.