ईरान को UAE से मिलेंगे अरबों डॉलर! रिपोर्ट में बड़ा दावा, अब आया UAE का जवाब, जानें आखिर क्या पक रही है खिचड़ी?
UAE ने ईरान के लिए अरबों डॉलर की राशि जारी करने पर सहमति जताई है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल के महीनों में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा था और क्षेत्र में कई हमले भी हुए थे. माना जा रहा है कि यह कदम दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और शांति बहाल करने की दिशा में उठाया गया है.

UAE and Iran: वेस्ट एशिया में लंबे समय से जारी तनाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. खबर है कि UAE ने ईरान के लिए अरबों डॉलर की राशि जारी करने पर सहमति जताई है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल के महीनों में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा था और क्षेत्र में कई हमले भी हुए थे. माना जा रहा है कि यह कदम दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और शांति बहाल करने की दिशा में उठाया गया है.
यह समझौता अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बड़ी बातचीत का भी हिस्सा हो सकता है. अगर बातचीत सफल रहती है तो ईरान के विदेशों में फंसे कई अरब डॉलर के तेल रेवेन्यू को भी राहत मिल सकती है. इस घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति, तेल बाजार और वेस्ट एशिया की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है.
कितनी राशि जारी की जा रही है?
- ET कि रिपोर्ट के अनुसार UAE ने ईरान के लिए करीब 10 अरब डॉलर से 20 अरब डॉलर तक की राशि जारी करने पर सहमति दी है.
- कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि 3 अरब डॉलर से ज्यादा की पहली किस्त पहले ही उपलब्ध करा दी गई है.
- हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि यह पैसा UAE का है या फिर ईरान की वह राशि है जो लंबे समय से विभिन्न खातों में फंसी हुई थी.
UAE और अमेरिका ने किया इनकार
ईरान और UAE को लेकर चल रही अरबों डॉलर की कथित डील पर अब बड़ा अपडेट सामने आया है. UAE ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि उसने ईरान को 3 अरब डॉलर ट्रांसफर किए हैं. UAE के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि ईरान के किसी भी फंड को न तो जारी किया गया है और न ही UAE के जरिए कोई राशि भेजी गई है.
वहीं अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी ऐसे दावों को “फर्जी जानकारी” बताते हुए कहा कि ईरान को सिर्फ किसी समझौते पर हस्ताक्षर करने या बातचीत में शामिल होने के बदले कोई पैसा नहीं मिलेगा. उन्होंने कहा कि संभावित समझौते के तहत आर्थिक लाभ तभी दिए जाएंगे, जब ईरान अपनी सभी शर्तों और जिम्मेदारियों को पूरा करेगा.
क्यों हुआ यह समझौता?
रिपोर्ट के मुताबिक इस कदम का मकसद क्षेत्र में तनाव कम करना और भविष्य में हमलों को रोकना है. बताया जा रहा है कि इसके बदले ईरान UAE पर मिसाइल और ड्रोन हमले रोक सकता है. साथ ही दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और सुरक्षा से जुड़ी साझेदारी भी बढ़ सकती है.
UAE के एक अधिकारी ने कहा कि देश की विदेश नीति का उद्देश्य क्षेत्र में तनाव कम करना और स्थायी शांति को बढ़ावा देना है. अधिकारी के अनुसार UAE ऐसे सभी प्रयासों का समर्थन करता है जो क्षेत्र के लोगों को संघर्ष के असर से बचाने में मदद करें.
अमेरिका-ईरान बातचीत से भी जुड़ा मामला
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने और रिश्ते सुधारने को लेकर बातचीत चल रही है. माना जा रहा है कि इस बातचीत में विदेशी बैंकों में फंसी ईरान की तेल आय को लेकर भी चर्चा हो रही है. हालांकि अमेरिका की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है.
दुबई लंबे समय से ईरान के लिए एक महत्वपूर्ण कारोबारी केंद्र रहा है. यहां के बैंकों में ईरान से जुड़े बड़े वित्तीय संसाधन मौजूद रहे हैं. अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण इन पैसों का इस्तेमाल आसान नहीं था, लेकिन अब नए समझौते से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
आगे क्या हो सकता है?
यदि यह समझौता पूरी तरह लागू होता है तो इससे मध्य पूर्व में तनाव कम हो सकता है. साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को भी नई दिशा मिल सकती है. हालांकि अभी कई पहलुओं पर आधिकारिक पुष्टि बाकी है. इसलिए दुनिया की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है, क्योंकि इसका असर क्षेत्रीय राजनीति, तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है.
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