US Midterms: ट्रंप, इट्स डन ब्रो! डेमोक्रेट्स का हाउस और सीनेट पर कब्जा, ब्लू वेव में बिखरा रिपब्लिकन का गढ़
US Midterms Result 2026: डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ वाले छह राज्यों को अपने पाले में कर लिया है. यह एक ऐसी शानदार जीत है, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के आखिरी दो साल को निश्चित रूप से बेहद मुश्किल बना देगी. पूरे देश में एक 'ब्लू वेव' (डेमोक्रेटिक लहर) देखने को मिली है, जो 80 वर्षीय रिपब्लिकन नेता और उनकी नीतियों को देश भर में मिली अस्वीकृति को दिखाती है.

US Midterms Result 2026: डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों पर नियंत्रण कर लिया है. नतीजों ने काफी हद तक चौंकाया है, क्योंकि पारंपरिक रूप से रिपब्लिकन के गढ़ में डेमोक्रेट्स ने जोरदार प्रदर्शन किया है. कंसास ने 94 वर्षों में अपना पहला डेमोक्रेटिक सीनेटर चुना है, जिसमें एडम हैमिल्टन ने मौजूदा रिपब्लिकन रोजर मार्शल को हराया है. टेक्सास ने रिपब्लिकन को दोहरा झटका दिया है.
कई बड़े उलटफेर
जेम्स टैलारिको ने 1988 के बाद पहली बार डेमोक्रेट के लिए सीनेट की सीट पलट दी, जबकि जीना हिनोजोसा ने ग्रेग एबॉट को हराकर दशकों बाद राज्य की पहली डेमोक्रेटिक गवर्नर बनीं. जॉर्जिया ने कीशा लांस बॉटम्स के अमेरिकी राज्य की पहली अश्वेत महिला निर्वाचित गवर्नर बनने के साथ इतिहास रच दिया. डेमोक्रेट्स ने एनी एंड्रयूज, शेरोड ब्राउन, रॉय कूपर और जोश ट्यूरेक की जीत के साथ साउथ कैरोलिना, ओहियो, नॉर्थ कैरोलिना और आयोवा में भी सीनेट में बड़े उलटफेर किए.
असंतोष ने गढ़ा परिणाम
ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आर्थिक चिंताएं, जीवनयापन की बढ़ती लागत और ट्रंप प्रशासन के प्रति असंतोष ने मिड टर्म चुनाव के परिणामों को गढ़ा है.
दोनों सदनों में हार का मतलब है कि ट्रंप को अपने राष्ट्रपति पद के अंतिम दो वर्षों के लिए विपक्ष द्वारा नियंत्रित कांग्रेस का सामना करना पड़ेगा, जिससे डेमोक्रेट्स को उनके प्रशासन की जांच करने, नीतियों की जांच करने और उनके विधायी एजेंडे को चुनौती देने की अधिक शक्तियां मिल जाएंगी.
हालांकि, ट्रंप के ‘वीटो’ पावर और सीनेट में ‘फिलीबस्टर’ (कानून पास होने में रुकावट डालने की प्रक्रिया) के कारण यह काम इतना आसान नहीं होगा. इन चुनावों के नतीजे बेहद अहम होंगे, खासकर ईरान युद्ध जैसे वैश्विक संघर्षों के दौर में.
अमेरिका में ब्लू वेव
डेमोक्रेट्स के लिए अब तक की सबसे बड़ी जीत नॉर्थ कैरोलिना में मिली है, जहां रॉय कूपर को लगभग 59 फीसदी वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी माइकल व्हैटली को 39.5 फीसदी वोट प्राप्त हुए. इसके अलावा, डेमोक्रेट्स ने न्यू जर्सी में भी जीत दर्ज की है, जहां रेबेका बेनेट ने दो बार के रिपब्लिकन सांसद टॉम कीन जूनियर को हरा दिया है.
2026 के अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन रिजल्ट की बड़ी बातें
नॉर्थ कैरोलिना: डेमोक्रेट्स ने नॉर्थ कैरोलिना में सीनेट और हाउस, दोनों जगह जीत हासिल करके एक शानदार शुरुआत की. रिपब्लिकन चक एडवर्ड्स के रिटायर होने के बाद, डेमोक्रेट जेमी एगर ने हाउस की सीट जीती, जबकि सीनेट में रॉय कूपर ने माइकल व्हैटली को हराया. 2008 के बाद यह पहली बार है जब डेमोक्रेट्स ने इस राज्य में सीनेट की सीट जीती है.
न्यू जर्सी: डेमोक्रेट्स ने न्यू जर्सी में भी हाउस की सीट अपने नाम की. यहां पूर्व नेवी हेलीकॉप्टर पायलट रेबेका बेनेट ने दो बार के रिपब्लिकन सांसद टॉम कीन जूनियर को हराया. इस सीट पर कड़ा मुकाबला होना तय था, क्योंकि पिछले दो मध्यावधि चुनावों में यह सीट अलग-अलग पार्टियों के हाथों में जाती रही है.
पेन्सिलवेनिया: डेमोक्रेट्स को एक और बड़ी जीत पेन्सिलवेनिया में मिली, जो कि एक ‘रेड स्टेट’ (रिपब्लिकन गढ़) माना जाता है. यहां बॉब ब्रूक्स ने मौजूदा रिपब्लिकन सांसद रयान मैकेंजी को हराया. ब्रूक्स ने मतदाताओं से जुड़ने के लिए अपनी ‘ब्लू-कॉलर’ (आम कामकाजी वर्ग) बैकग्राउंड का सहारा लिया, क्योंकि बढ़ती महंगाई यहां के लोगों के लिए सबसे बड़े मुद्दों में से एक थी.
साउथ कैरोलिना और टेक्सास: दोनों ही ‘रेड स्टेट’ हैं . दोनों ने 30 साल बाद सीनेट के लिए डेमोक्रेट्स को चुना है. साउथ कैरोलिना में एनी एंड्रयूज ने डार्लीन ग्राहम को हराया, जबकि टेक्सास में जेम्स टालारिको ने रिपब्लिकन केन पैक्सटन को हराकर सीनेट सीट जीती.
असल में, टेक्सास में डेमोक्रेट्स को दोहरी जीत मिली है. यहां जीना हिनोजोसा ने गवर्नर का चुनाव जीता है. 1990 के बाद से किसी ‘रेड स्टेट’ में ऐसा पहली बार हुआ है. वह इस राज्य की पहली ‘लैटिना’ (लैटिन अमेरिकी मूल की) गवर्नर भी बनी हैं.
कंसास में डेमोक्रेट की जीत: ऐतिहासिक रूप से रिपब्लिकन (रेड) राज्य माने जाने वाले कंसास में डेमोक्रेट एडम हैमिल्टन ने सीनेट सीट जीतकर रिपब्लिकनों को चौंका दिया है. लगभग एक सदी में यह पहली बार है जब इस राज्य में ‘ब्लू वेव’ (डेमोक्रेटिक लहर) देखने को मिली है.
एक मेथोडिस्ट मेगाचर्च के पादरी हैमिल्टन ने रिपब्लिकन रोजर मार्शल को हराया. मार्शल अपना दूसरा कार्यकाल हासिल करने की कोशिश में थे और अक्टूबर में उनके समर्थन के लिए राज्य में दो बार ट्रंप की रैलियां भी आयोजित की गई थीं.
दशकों बाद डेमोक्रेटिक सीनेटरों की फतह
कई दशकों में यह पहली बार है जब कंसास, टेक्सास और साउथ कैरोलिना ने डेमोक्रेटिक सीनेटरों को चुना है. कंसास में पादरी एडम हैमिल्टन ने रोजर मार्शल को हराकर डेमोक्रेट्स के लिए एक चौंकाने वाली जीत हासिल की. 94 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है. ओहियो और आयोवा दो अन्य ‘रेड स्टेट’ (रिपब्लिकन-बहुल राज्य) थे, जो अब डेमोक्रेट्स के पाले में आ गए हैं.
आयोवा में भी उलटफेर
टेक्सास की तरह ही, आयोवा ने भी अपना पहला डेमोक्रेटिक गवर्नर चुना है, जिसमें रॉब सैंड ने रिपब्लिकन जैक लाहन को हराया. 2006 के बाद यह पहली बार है जब इस राज्य ने किसी डेमोक्रेटिक नेता को चुना है. 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप ने इस राज्य में 13 फीसदी नंबर के अंतर से जीत हासिल की थी.
ट्रंप ने अमेरिकी मिड टर्म चुनावों में मिली करारी हार को स्वीकार किया और कहा कि वे देश की भलाई के लिए डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करेंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे खुद चुनावी मैदान में होते, तो रिपब्लिकन पार्टी को भारी जीत मिलती.
हाउस और सीनेट में कितनी सीटें होती हैं?
अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 435 वोटिंग सीटें हैं. इन सीटों का बंटवारा राज्यों की आबादी के आधार पर होता है. इसके लिए जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं, सीनेट में कुल 100 सीटें हैं. हर राज्य से दो सीनेटर चुने जाते हैं.
सीनेटरों का कार्यकाल छह साल का होता है और सभी सीटों पर एक साथ चुनाव नहीं होता. 2026 के चुनाव में सीनेट की 33 नियमित सीटों के साथ दो विशेष चुनाव भी शामिल थे. इस तरह कुल 35 सीटों पर मतदान हुआ.
राष्ट्रपति और जिन सीनेटरों का कार्यकाल जारी रहता है, वे इस चुनाव में अपनी सीट के लिए मैदान में नहीं होते. इसके अलावा, कई राज्यों में गवर्नर और स्थानीय पदों के चुनाव भी इसी समय कराए जा सकते हैं.