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MTF में रिलायंस का जलवा, HDFC Bank को पछाड़ बना नंबर-1; एक दिन में 60% बढ़ा निवेशकों का दांव

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने MTF बुक में नया रिकॉर्ड बनाया है. कंपनी का MTF एक्सपोजर एक कारोबारी दिन में 60 फीसदी बढ़कर 4711 करोड़ रुपये पहुंच गया है. इसके साथ ही रिलायंस ने HDFC Bank को पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया है. शेयर में 11.6 फीसदी की तेजी और मजबूत ट्रेडिंग वॉल्यूम के बीच निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है. जानिए रिलायंस के शेयर में आई तेजी की वजह और एक्सपर्ट की राय.

रिलायंस का MTF एक्सपोजर 60 फीसदी बढ़कर 4,711 करोड़ रुपये पहुंचा. Image Credit: Getty image

Highlights

  • रिलायंस का MTF एक्सपोजर 60 फीसदी बढ़कर 4711 करोड़ रुपये पहुंचा.
  • HDFC Bank को पछाड़कर MTF बुक में रिलायंस बनी नंबर-1.
  • 2 नवंबर को रिलायंस के शेयर में 11.6 फीसदी की जोरदार तेजी आई.

शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने एक और नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी अब मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) बुक में सबसे ज्यादा एक्सपोजर वाला शेयर बन गई है. रिलायंस ने इस मामले में कई महीनों से नंबर-1 की कुर्सी पर काबिज HDFC Bank को पीछे छोड़ दिया है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 2 नवंबर को रिलायंस का MTF एक्सपोजर एक ही दिन में 60 फीसदी बढ़कर 4,711 करोड़ रुपये पहुंच गया. अक्टूबर के अंत में यह 2937 करोड़ रुपये था. शेयर में आई जोरदार तेजी और बढ़ती ट्रेडिंग एक्टिविटी के बीच निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ी है.

MTF बुक में कैसे नंबर-1 बनी रिलायंस?

NSE के 2 नवंबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज का MTF एक्सपोजर 4711 करोड़ रुपये हो गया है. 30 अक्टूबर को यह 2,937 करोड़ रुपये था. यानी एक कारोबारी दिन में इसमें करीब 60 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. इस उछाल के साथ रिलायंस ने HDFC Bank को पीछे छोड़ दिया है, जो पिछले कई महीनों से MTF बुक में सबसे ज्यादा एक्सपोजर वाला शेयर बना हुआ था.

दरअसल, MTF यानी मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी के तहत निवेशक शेयर खरीदने के लिए पूरी रकम खुद नहीं लगाते, बल्कि ब्रोकर से कुछ रकम उधार लेकर निवेश करते हैं. इसके लिए निवेशकों को मार्जिन मनी देनी होती है और बाकी रकम ब्रोकर फंड करता है. ऐसे में MTF एक्सपोजर में बढ़ोतरी शेयर में निवेशकों की बढ़ती गतिविधि को दिखाती है.

टॉप-10 शेयरों में रिलायंस की 24% हिस्सेदारी

NSE के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे बाजार की MTF बुक करीब 1.45 लाख करोड़ रुपये की है. इसमें टॉप-10 शेयरों का कुल एक्सपोजर 19442 करोड़ रुपये रहा. खास बात यह है कि इन टॉप-10 शेयरों के कुल एक्सपोजर में अकेले रिलायंस की हिस्सेदारी करीब 24 फीसदी हो गई है.

इससे पता चलता है कि हालिया तेजी के बाद रिलायंस में निवेशकों की दिलचस्पी कितनी बढ़ी है. हालांकि, MTF में ज्यादा एक्सपोजर को सीधे तौर पर लंबी अवधि के निवेशकों के भरोसे का संकेत नहीं माना जा सकता, क्योंकि इसमें उधार लेकर की गई खरीदारी भी शामिल होती है.

लगातार दो दिन सबसे ज्यादा ट्रेडिंग वाला शेयर

रिलायंस इंडस्ट्रीज सिर्फ MTF एक्सपोजर के मामले में ही आगे नहीं रही, बल्कि निफ्टी 500 के सबसे ज्यादा कारोबार वाले शेयरों में भी शीर्ष पर बनी हुई है. 2 नवंबर को कंपनी के शेयर में 11000 करोड़ रुपये से ज्यादा का ट्रेडिंग टर्नओवर दर्ज किया गया. वहीं, 3 नवंबर को भी यह 5000 करोड़ रुपये से ऊपर रहा.

डिलीवरी बेस्ड खरीदारी भी काफी मजबूत रही. 2 नवंबर को रिलायंस में 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की डिलीवरी खरीदारी हुई, जबकि 3 नवंबर को यह आंकड़ा करीब 3000 करोड़ रुपये रहा. 2 नवंबर को कंपनी के शेयर में करीब 11.6 फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी. यह छह साल में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी बताई गई है.

मजबूत नतीजों से भी मिला शेयर को सपोर्ट

रिलायंस इंडस्ट्रीज के दूसरी तिमाही के नतीजे भी शानदार रहे हैं. वित्त वर्ष 2026-27 की सितंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) सालाना आधार पर 33.8 फीसदी बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल की समान तिमाही में यह 22,092 करोड़ रुपये था.

कंपनी के मालिकों को मिलने वाला मुनाफा 40 फीसदी बढ़कर 25,548 करोड़ रुपये रहा. वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 27.8 फीसदी बढ़कर 3.62 लाख करोड़ रुपये और EBITDA 23.9 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 62,409 करोड़ रुपये पहुंच गया.

कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार ने मुनाफे की बढ़ोतरी में सबसे बड़ी भूमिका निभाई. इस सेगमेंट का EBITDA 67.9 फीसदी बढ़कर 25,203 करोड़ रुपये रहा. वहीं, रेवेन्यू 44.2 फीसदी बढ़कर 2.31 लाख करोड़ रुपये हो गया.

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एक्सपर्ट की क्या है राय?

SAMCO Securities के हेड ऑफ मार्केट पर्सपेक्टिव्स एंड रिसर्च अपूर्वा शेठ के मुताबिक, रिलायंस के शेयर ने लंबे समय से जारी गिरावट की ट्रेंडलाइन को निर्णायक रूप से तोड़ा है. इससे संकेत मिलता है कि शेयर में बिकवाली का दबाव कम हो रहा है और नई खरीदारी लौट रही है. टेक्निकल ब्रेकआउट, शानदार वॉल्यूम, बेहतर नतीजे और Jio की वैल्यू अनलॉकिंग शेयर के लिए अहम कारक हो सकते हैं.

वहीं, Lemonn के हेड ऑफ रिसर्च गौरव गर्ग ने मौजूदा निवेशकों को शेयर होल्ड करने की सलाह दी है. उनका कहना है कि 1250 से 1252 रुपये के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट मिलने पर ही नई खरीदारी पर विचार करना चाहिए. उनके मुताबिक, 1215 से 1220 रुपये का स्तर शेयर के लिए अहम सपोर्ट है. अगर शेयर इस स्तर से नीचे जाता है तो मौजूदा रिकवरी कमजोर पड़ सकती है. दूसरी ओर, Motilal Oswal ने रिलायंस पर अपनी Buy रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1520 रुपये कर दिया है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. Money9 अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.