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Dhanteras या Diwali से पहले खरीद लिया सोना? घर बैठे इन 4 तरीकों से करें असली-नकली की पहचान

Gold Purity: दिवाली या धनतेरस से पहले आपने भी सोना खरीद लिया है लेकिन शुद्धता पर संदेह है तो चलिए आपको बताते हैं कि घर बैठे आप किस तरह से इस बात का पता लगा सकते हैं कि जो सोना आप खरीदकर लाए हैं वो असली है या नकली?

गोल्ड Image Credit: मनी9लाइव

Highlights

  • सोने पर BIS हॉलमार्क जरूर देखें.
  • 6 अंकों का एचयूआईडी कोड की जांच करें.
  • मैग्नेट से नहीं चिपकता असली सोना.

Dhanteras और Diwali 2026 अब काफी नजदीक है, यही वजह है कि पूरे भारत में सोने की खरीदारी बढ़ रही है क्योंकि कस्टमर त्योहारों के मौसम में ज्वेलरी, सिक्के और दूसरे कीमती मेटल के प्रोडक्ट खरीदना चाहते हैं. हालांकि, मिलावट और सोने की शुद्धता को लेकर चिंताएं खरीदारों में बनी हुई हैं.

कई कस्टमर शायद यह नहीं जानते होंगे कि असली सोने को दूसरी धातुओं वाली ज्वेलरी से कैसे अलग किया जाए. हालांकि प्रोफेशनल लैब टेस्टिंग सोने की शुद्धता का पता लगाने का सबसे भरोसेमंद तरीका है, लेकिन घर पर कुछ आसान तरीको से संभावित गड़बड़ियों की पहचान करने में मदद मिल सकती है.

ज्वेलरी एक्सपर्ट सोना खरीदने से पहले BIS हॉलमार्क और 6 अंकों का हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) कोड चेक करने की सलाह देते हैं. कस्टमर ज्वेलरी की शुद्धता का पता लगाने के लिए कुछ टेस्ट भी कर सकते हैं. सोने की शुद्धता चेक करने और यह समझने के लिए कि एक्सपर्ट कीमती मेटल को कैसे टेस्ट करते हैं, आइए आपको पांच तरीके बताते हैं.

पहला तरीका, इन चीजों को करें चेक

BIS हॉलमार्क भारत में सोने की शुद्धता के सबसे जरूरी इंडिकेटर में से एक है. हॉलमार्क वाली सोने की ज्वेलरी पर तीन खास पहचान के निशान होते हैं, पहला BIS लोगो, दूसरा शुद्धता ग्रेड और तीसरा छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक HUID कोड. कस्टमर HUID नंबर वेरिफाई करने और ज्वेलरी की बताई गई प्योरिटी, पहचान और रजिस्ट्रेशन डिटेल्स के बारे में जानकारी पाने के लिए BIS केयर मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं.

यह ऐप खरीदारों को यह पता लगाने में मदद कर सकता है कि हॉलमार्क डिटेल्स उनके द्वारा खरीदी गई ज्वेलरी से मेल खाती हैं या नहीं. जिन कस्टमर्स ने छोटे शहरों या गांवों में लोकल ज्वैलर्स से सोना खरीदा है, वे प्योरिटी टेस्टिंग के लिए BIS से मान्यता प्राप्त एसेइंग और हॉलमार्किंग सेंटर से भी संपर्क कर सकते हैं.

एक्सपर्ट्स कस्टमर्स को HUID-मार्क वाली ज्वेलरी पसंद करने और अपने परचेज इनवॉइस संभाल कर रखने की सलाह देते हैं. अगर उन्हें क्वालिटी या प्योरिटी में कोई कमी मिलती है तो ये डॉक्यूमेंट्स उन्हें शिकायत करने में मदद कर सकते हैं.

दूसरा तरीका, ऐसे करें असली सोने की पहचान

लाइव मिंट के मुताबिक, सोना एक नॉन-मैग्नेटिक मेटल है, इसलिए मैग्नेट टेस्ट एक आसान शुरुआती जांच है. एक मजबूत मैग्नेट को ज्वेलरी के पास लाएं और देखें कि क्या वह उसकी ओर अट्रैक्ट हो रहा है. असली सोना मैग्नेट से चिपकना नहीं चाहिए. अगर ज्वेलरी बहुत ज्यादा अट्रैक्ट होती है तो उसमें आयरन या कुछ निकेल एलॉय जैसे मैग्नेटिक मेटल हो सकते हैं. हालांकि, यह टेस्ट सोने की प्योरिटी पक्की नहीं कर सकता क्योंकि ज्वेलरी में इस्तेमाल होने वाले कई दूसरे मेटल भी नॉन-मैग्नेटिक होते हैं. इसलिए, मैग्नेटिक अट्रैक्शन की कमी इस बात की गारंटी नहीं देती कि ज्वेलरी असली है.

तीसरा तरीका, पानी से लगाएं पता

सोने की डेंसिटी आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले कई मेटल के मुकाबले ज्यादा होती है. इस टेस्ट के लिए एक ट्रांसपेरेंट गिलास या कंटेनर में पानी भरें और ज्वेलरी को ध्यान से उसमें रखें. असली ठोस सोना अपनी ज्यादा डेंसिटी की वजह से डूब जाएगा. अगर ज्वेलरी तैरती है तो यह इशारा हो सकता है कि वह खोखली है या किसी दूसरे मटीरियल से बनी है. हालांकि, यह तरीका प्योर गोल्ड और गोल्ड एलॉय में भरोसेमंद तरीके से फर्क नहीं कर सकता. खोखली ज्वेलरी और कुछ डिजाइन फीचर्स भी रिजल्ट पर असर डाल सकते हैं.

चौथा तरीका, ऐसे करें टेस्ट

एक और आम तौर पर सुझाया जाने वाला घरेलू तरीका है ज्वेलरी पर विनेगर की कुछ बूंदें डालना. सोना आम विनेगर के लिए केमिकली रेसिस्टेंट होता है, इसलिए प्योर गोल्ड आमतौर पर इसके संपर्क में आने पर रिएक्ट नहीं करता या रंग नहीं बदलता. रंग में दिखने वाला बदलाव दूसरे रिएक्टिव मेटल या सतह पर कोटिंग होने का संकेत हो सकता है.

हालांकि, यह कोई भरोसेमंद प्योरिटी टेस्ट नहीं है. गोल्ड-प्लेटेड ज्वेलरी पर भी तुरंत कोई रिएक्शन नहीं दिख सकता है. कस्टमर्स को कीमती ज्वेलरी पर घरेलू केमिकल लगाने से बचना चाहिए क्योंकि वे दूसरे मटीरियल, जेमस्टोन या सतह की फिनिश पर असर डाल सकते हैं.

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