24 कैरेट सोना भी हमेशा ‘सबसे शुद्ध’ नहीं होता! गोल्ड खरीदते वक्त जान लें 995, 999 और 999.9 का फर्क

शादी सीजन में सोना खरीदने से पहले सिर्फ “24 कैरेट” पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है. 24K गोल्ड भी अलग-अलग शुद्धता स्तर में आता है और टॉलरेंस के कारण आपको कम सोना भी मिल सकता है. जानिए सही निवेश के लिए क्या ध्यान रखना जरूरी है.

24 कैरेट सोना ही नहीं सबसे शुद्ध Image Credit: @Money9live

Gold and 24 Carat Purity Difference: शादी-ब्याह का सीजन करीब है और बाजार में सोने-चांदी की खरीदारी जोर पकड़ने लगी है. लेकिन इसी बीच एक बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या जो सोना आप खरीद रहे हैं, वह सच में उतना ही शुद्ध है जितना बताया जा रहा है? अक्सर लोग मान लेते हैं कि 24 कैरेट गोल्ड यानी 100 फीसदी प्योर सोना. लेकिन हकीकत इससे थोड़ी अलग है. 24 कैरेट का मतलब “सबसे ज्यादा शुद्धता” जरूर होता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि हर 24 कैरेट सोना एक जैसा ही हो.

कितने तरह का होता है 24 कैरेट सोना?

दरअसल, 24 कैरेट गोल्ड भी अलग-अलग शुद्धता स्तर यानी फिटनेस में आता है. आम तौर पर इसे तीन कैटेगरी में बांटा जाता है, 995, 999 और 999.9.

  • 995 फाइननेस का मतलब है 99.5 फीसदी सोना
  • 999 फाइननेस यानी 99.9 फीसदी शुद्धता
  • 999.9 फाइननेस को सबसे उच्च स्तर माना जाता है, जिसमें 99.99 फीसदी सोना होता है

यानी अगर आप 24 कैरेट सोना खरीद रहे हैं, तो यह जरूरी नहीं कि वह सबसे उच्च शुद्धता यानी 999.9 ही हो. बाजार में ज्यादातर 999 या 995 फाइननेस वाले गोल्ड कॉइन्स और बार्स ही बिकते हैं.

एक और अहम बात!

एक और अहम बात जो अक्सर नजरअंदाज हो जाती है, वह है टॉलरेंस. सोने के वजन और शुद्धता में थोड़ा बहुत अंतर स्वीकार्य होता है. कई बार जो वजन या शुद्धता लिखी होती है, असल में उससे थोड़ी कम भी हो सकती है. इसे “नेगेटिव टॉलरेंस” कहा जाता है. यानी आपने जितना पैसा दिया, आपको उतना सोना न भी मिले, थोड़ा कम हो सकता है. इससे इतर, पूरी तरह 100 फीसदी शुद्ध सोना बनाना तकनीकी रूप से बेहद मुश्किल है. इसलिए 999.9 फाइननेस को ही व्यावहारिक रूप से सबसे शुद्ध माना जाता है.

कैसा होता है असल 24 कैरेट गोल्ड?

24 कैरेट गोल्ड की एक और खासियत है, इसकी नरमी. यह इतना मुलायम होता है कि इसे रोजमर्रा की ज्वेलरी में इस्तेमाल करना मुश्किल होता है. यही वजह है कि इसे आमतौर पर सिक्कों और बिस्किट के रूप में निवेश के लिए खरीदा जाता है, न कि पहनने के लिए. तो अगर आप इस शादी सीजन में सोना खरीदने की सोच रहे हैं, खासतौर पर कॉइन या बार- तो सिर्फ “24 कैरेट” देखकर फैसला न करें. हमेशा उसकी फाइननेस (995, 999, 999.9), हॉलमार्किंग और टॉलरेंस जैसी बारीकियों को जरूर समझें.

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