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US Midterm: एलन मस्क सबसे बड़े लूजर! चुनाव में झोंके $446 मिलियन, फिर भी नहीं बचा पाए रिपब्लिकन का किला

US Midterm Elections 2026: 9 अक्टूबर तक मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े पॉलिटिकल एक्शन कमेटियों (PAC) और उम्मीदवारों को कम से कम 445.7 मिलियन डॉलर दिए थे. टेक्सास की सीनेट सीट पर रिपब्लिकन केन पैक्सटन और डेमोक्रेट जेम्स टालारिको के बीच मुकाबला इस चुनाव के सबसे चर्चित मुकाबलों में शामिल था.

एलन मस्क को लगा जोरदार झटका. Image Credit: PTI

Highlights

  • मस्क के लिए सबसे बड़ा झटका टेक्सास से आया.
  • दो महीनों में ही मस्क ने करीब 200 मिलियन डॉलर और खर्च किए.
  • तीजे सामने आने के बाद मस्क ने X पर तंज भरे अंदाज में प्रतिक्रिया दी.

US Midterm Elections 2026: दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क ने अमेरिकी मिड टर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को जीत दिलाने के लिए अपनी दौलत का बड़ा हिस्सा दांव पर लगाया था. उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान कम से कम 445.7 मिलियन डॉलर यानी करीब 446 मिलियन डॉलर खर्च किए. यह रकम किसी एक चुनावी सायकिल में किसी व्यक्ति की ओर से किए गए सबसे बड़े राजनीतिक खर्चों में शामिल है. लेकिन नतीजे मस्क की कोशिशों और उम्मीदों के मुताबिक नहीं आए.

डेमोक्रेट्स का सीनेट पर कब्जा

डेमोक्रेट्स ने सीनेट में नियंत्रण हासिल कर लिया और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी रिपब्लिकनों को कड़ी चुनौती दी. मस्क के लिए सबसे बड़ा झटका टेक्सास से आया, जहां उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन के समर्थन में करीब 224 मिलियन डॉलर खर्च किए, लेकिन डेमोक्रेट जेम्स टालारिको ने उन्हें हरा दिया.

मस्क ने कहां और कितना पैसा लगाया?

अमेरिकी फेडरल इलेक्शन कमीशन (FEC) के आंकड़ों के मुताबिक, 29 अक्टूबर तक मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े पॉलिटिकल एक्शन कमेटियों (PAC) और उम्मीदवारों को कम से कम 445.7 मिलियन डॉलर दिए थे. चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ उनके खर्च में तेजी आई. प्रचार अभियान के आखिरी दो महीनों में ही उन्होंने करीब 200 मिलियन डॉलर और खर्च किए.

43 चुनावी सीटों को किया टारगेट

मस्क के खर्च का बड़ा हिस्सा उनके अपने सुपर PAC ‘अमेरिका PAC’ और रिपब्लिकन पार्टी के प्रमुख चुनावी फंड को मिला. अमेरिका PAC ने देशभर में हाउस और सीनेट की 43 चुनावी सीटों को निशाना बनाया. इसके लिए टेलीविजन और डिजिटल विज्ञापनों, टेक्स्ट मैसेज और डाक के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश की गई. इन अभियानों का मकसद रिपब्लिकन उम्मीदवारों को समर्थन देना और उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ प्रचार करना था.

टेक्सास में मस्क का सबसे बड़ा दांव

WSJ के अनुसार, टेक्सास की सीनेट सीट के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको ने जब मतदाताओं के सामने अपनी आखिरी अपील रखी, तो उनके दिमाग में एक ही व्यक्ति था- एलन मस्क. इस अरबपति ने उन्हें हराने के लिए चुनाव प्रचार में करोड़ों डॉलर की रकम झोंक दी थी.

टालारिको ने इस भारी खर्च को अपने समर्थकों को एकजुट करने के एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया और इस चुनाव को ‘आम मतदाताओं बनाम बड़े पैसे’ की लड़ाई के तौर पर पेश किया. अपनी आखिरी रैली में समर्थकों से उन्होंने कहा, ‘यह डेविड और गोलियथ की लड़ाई है.’

टेक्सास के मतदाताओं ने रिपब्लिकन पार्टी को करारा झटका दिया. उन्होंने गवर्नर ग्रेग एबॉट को हटाकर डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जीना हिनोजोसा को चुना और टालारिको को एक शानदार जीत दिलाई.

मस्क का सबसे बड़ा राजनीतिक निवेश

मस्क ने टेक्सास में सबसे बड़ा राजनीतिक निवेश किया था. यह राज्य उनके लिए कारोबारी लिहाज से भी अहम है. टेस्ला और स्पेसएक्स का मुख्यालय टेक्सास में है और मस्क इसे अपना गृह राज्य मानते हैं. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क ने टेक्सास में कुल करीब 224 मिलियन डॉलर खर्च किए.

इसमें सीनेट रिपब्लिकन के मुख्य सुपर PAC को सितंबर में दिया गया 158 मिलियन डॉलर का दान भी शामिल था. इस फंड का बड़ा हिस्सा रिपब्लिकन उम्मीदवार और टेक्सास के अटॉर्नी जनरल केन पैक्सटन के समर्थन में इस्तेमाल हुआ.

टालारिको के खिलाफ प्रचार

इसके अलावा, मस्क के अमेरिका PAC ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको के खिलाफ 47 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च किए. यानी मस्क ने सिर्फ अपने पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने के लिए पैसा नहीं लगाया, बल्कि उनके प्रतिद्वंद्वी के प्रचार को कमजोर करने के लिए भी बड़ा अभियान चलाया.

पैक्सटन की हार मस्क के लिए क्यों बड़ा झटका?

टेक्सास की सीनेट सीट पर रिपब्लिकन केन पैक्सटन और डेमोक्रेट जेम्स टालारिको के बीच मुकाबला इस चुनाव के सबसे चर्चित मुकाबलों में शामिल था. रिपब्लिकन पार्टी के लिए टेक्सास लंबे समय से मजबूत गढ़ रहा है. ऐसे राज्य में डेमोक्रेट उम्मीदवार की जीत ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए.

टालारिको ने पैक्सटन को हराकर टेक्सास की सीनेट सीट डेमोक्रेट्स के खाते में डाल दी. इस नतीजे का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इस चुनाव में मस्क और रिपब्लिकन समर्थक समूहों ने पैक्सटन के प्रचार पर भारी रकम खर्च की थी.

पानी की तरह बहाया पैसा

मस्क के लिए यह सिर्फ एक उम्मीदवार की हार नहीं है. टेक्सास में किया गया उनका करीब 224 मिलियन डॉलर का निवेश उस रणनीति का सबसे बड़ा हिस्सा था, जिसके जरिए वे रिपब्लिकन पार्टी को कांग्रेस में मजबूत बनाए रखना चाहते थे. लेकिन इतना बड़ा खर्च भी इस सीट पर पार्टी को जीत नहीं दिला सका.

टेक्सास में डेमोक्रेट्स को दोहरी जीत मिली है. यहां जीना हिनोजोसा ने गवर्नर का चुनाव जीता है. 1990 के बाद से किसी ‘रेड स्टेट’ में ऐसा पहली बार हुआ है. वह इस राज्य की पहली ‘लैटिना’ (लैटिन अमेरिकी मूल की) गवर्नर भी बनी हैं.

चुनावी नतीजों के बाद मस्क ने क्या कहा?

चुनाव नतीजे सामने आने के बाद मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज भरे अंदाज में प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा, ‘लगता है चुनाव में दखल देने वाले मेरे स्पेस लेजर इस बार काम नहीं आए.’

इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट में कहा कि अंतरिक्ष में डेटा सेंटर बनाना अब काफी आकर्षक लग रहा है. उनकी ये टिप्पणियां ऐसे समय आईं, जब रिपब्लिकन उम्मीदवारों को जिताने के लिए उनके बड़े पैमाने पर किए गए खर्च के बावजूद पार्टी को चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा.

रिपब्लिकन पार्टी की हार के पीछे की वजह

रहने-सहने की बढ़ती लागत, ट्रंप की गिरती लोकप्रियता और ईरान के साथ युद्ध ने रिपब्लिकन पार्टी और अमेरिकी राष्ट्रपति को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. कांग्रेस पर नियंत्रण मिलने से डेमोक्रेट्स के पास ट्रंप की कई विधायी योजनाओं को रोकने की ताकत आ जाएगी.

इसके साथ ही, उन्हें सुनवाई करने, समन जारी करने और जांच के आदेश देने का अधिकार भी मिल जाएगा. हालांकि, ट्रंप की वीटो पावर और सीनेट में ‘फिलीबस्टर’ (कामकाज रोकने की रणनीति) के कारण ऐसा करना इतना आसान नहीं होगा.

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