US-Iran War: अमेरिका ने ईरान के केशम आइलैंड पर चुपके से किया हमला, स्ट्रेटेजिक होर्मुज का गेटवे है द्वीप
US-Iran War: होर्मुज स्ट्रेट के मुहाने पर स्थित केशम द्वीप पर एक बड़ी भूमिगत मिसाइल फैसिलिटी, एक नौसैनिक अड्डा और पानी को खारेपन से मुक्त करने वाला (डिसैलिनेशन) एक बड़ा प्लांट मौजूद है. अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों को 'रक्षात्मक कार्रवाई' बताया है.
Highlights
- ईरान ने कहा है कि अगले हमले का जवाब पश्चिम एशिया के भीतर और बाहर, दोनों जगह दिया जाएगा.
- ट्रंप सार्वजनिक रूप से नए सिरे से युद्ध की संभावना को कम करके बता रहे हैं.
- दूसरी तरफ उन्होंने तेहरान के साथ किसी राजनयिक समझौते के संकेत भी दिए हैं.
US-Iran War: अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर चुपके से हमला किया है. यह द्वीप होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के मुहाने पर स्थित है. हाल के हफ्तों में अमेरिका ने कई सीमित हमले किए हैं, जिनमें से यह सबसे ताजा हमला है. दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सार्वजनिक रूप से नए सिरे से युद्ध की संभावना को कम करके बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ उन्होंने तेहरान के साथ किसी राजनयिक समझौते के संकेत भी दिए हैं.
अमेरिका ने बताया रक्षात्मक कार्रवाई
‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ (WSJ) के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों को ‘रक्षात्मक कार्रवाई’ बताया है. उनका कहना है कि इनका मकसद ईरान को होर्मुज स्ट्रेट में व्यावसायिक जहाजों पर हमला करने से रोकना था. एक अमेरिकी अधिकारी ने ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ को बताया कि वाशिंगटन ने इन हमलों को गुप्त रखा है, ताकि ऐसा कोई संकेत न जाए कि अमेरिका बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान फिर से शुरू करने की योजना बना रहा है.
मिड टर्म चुनावों बाद बढ़ सकता है संघर्ष
हालांकि, ट्रंप ने पहले संकेत दिया था कि मंगलवार को होने वाले मिड टर्म चुनावों के बाद अमेरिका एक बड़े संघर्ष की ओर लौट सकता है, लेकिन सोमवार को उनका रुख कुछ नरम दिखा और उन्होंने फिलहाल किसी हमले की संभावना से इनकार किया. जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वे चुनाव के बाद ईरान पर हमला करने के बारे में सोच रहे हैं, तो ट्रंप ने जवाब दिया, ‘नहीं.’
ट्रंप ने कहा, ‘ईरान के साथ हमारा युद्ध हुआ था. हम जीत गए थे.’ उन्होंने आगे कहा कि पिछले कई महीनों से कोई लड़ाई नहीं हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करने को लेकर बातचीत सफल हो सकती है.
केशम द्वीप पर हमले के पीछे की वजह
होर्मुज स्ट्रेट के मुहाने पर स्थित केशम द्वीप पर एक बड़ी भूमिगत मिसाइल फैसिलिटी, एक नौसैनिक अड्डा और पानी को खारेपन से मुक्त करने वाला (डिसैलिनेशन) एक बड़ा प्लांट मौजूद है. इससे पहले भी लड़ाई के दौरान अमेरिका ने इस द्वीप को निशाना बनाया था, और अमेरिकी अधिकारियों ने इस द्वीप पर कब्जा करने की संभावना पर भी चर्चा की थी.
ईरान ने कहा हम देंगे जवाब
वहीं, ईरान का कहना है कि अब अगला कदम वाशिंगटन को उठाना है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि एक समझौते के लिए तेहरान की मांगें स्पष्ट रूप से बता दी गई हैं और वे उचित हैं. सर्वोच्च नेता मुजतबा खमेनेई और ईरान के अन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका फिर से कोई हमला करता है, तो इसका जवाब पश्चिम एशिया के भीतर और बाहर, दोनों जगह दिया जाएगा.
ट्रंप प्रशासन अभी भी अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है. इन विकल्पों में और अधिक हवाई हमले करना, आर्थिक प्रतिबंधों को और कड़ा करना और ईरानी व्यापार पर लगाई गई नाकेबंदी का विस्तार करना शामिल है.
अमेरिका की तैयारी
‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने यह भी रिपोर्ट दी है कि पिछले हफ्ते व्हाइट हाउस में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने ट्रंप को जानकारी दी थी. साथ ही, वाशिंगटन ने इस क्षेत्र में अतिरिक्त मिसाइल डिफेंस सिस्टम और गोला-बारूद तैनात किए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाए जा सकें.
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