क्या है ट्रंप का ‘Project Freedom’? होर्मुज संकट के बीच अमेरिका का बड़ा कदम, जानें कच्चे तेल के ताजा दाम
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने “Project Freedom” मिशन शुरू करने का ऐलान किया है. इसका असर सीधे ग्लोबल तेल सप्लाई और आज के कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है, जहां बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है.

Today crude oil price: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में फंसे कमर्शियल जहाजों को निकालने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़े मिशन का ऐलान किया है. ट्रंप ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी दी कि अमेरिका सोमवार सुबह से “Project Freedom” शुरू करने जा रहा है. इस पहल का उद्देश्य उन विदेशी कमर्शियल जहाजों को सिक्योरिटी देना और सुरक्षित बाहर निकालना है, जो इस विवाद में ‘निष्पक्ष और बेगुनाह’ होने के बावजूद वहां फंस गए हैं.
क्या है “प्रोजेक्ट फ्रीडम”?
ट्रंप के अनुसार, दुनिया भर के कई देशों ने अमेरिका से मदद मांगी थी क्योंकि उनके जहाज होर्मुज स्ट्रटे में बंद हैं. प्रोजेक्ट के तहत, अमेरिका प्रतिबंधित जलक्षेत्रों के माध्यम से जहाजों को गाइड करेगा ताकि वे अपना व्यापार जारी रख सकें. राष्ट्रपति ने इसे एक मानवीय प्रयास बताया है. ऐसा इसलिए क्योंकि फंसे हुए जहाजों पर भोजन और आवश्यक आपूर्ति की भारी कमी हो गई है, जिससे वहां स्वास्थ्य संकट पैदा हो रहा है.
पोस्ट में ट्रंप ने साफ लहजे में कहा है कि यदि इस मानवीय प्रक्रिया में किसी ने दखल दिया, तो उससे बलपूर्वक निपटा जाएगा.
कच्चे तेल की स्थिति और आर्थिक असर
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्गों में से एक होने के कारण होर्मुज की स्थिति का सीधा असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर पड़ता है. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया, ईरान पर लगे अमेरिकी नौसैनिक ब्लॉकड के कारण उसकी तेल आय काफी गिर गई है. ईरान का तेल भंडारण अब अपनी क्षमता के करीब है, जिससे उसे जल्द ही प्रोडक्शन बंद करने पड़ सकता है.
आज की तेल कीमतें
मार्केट में भारी अस्थिरता देखी जा रही है. ताजा आंकड़ों के अनुसार:
- WTI Crude: 101.8 डॉलर (-0.18%)
- Brent Crude: 108.1 डॉलर (-0.06%)
जमीनी हालात
एक तरफ जहां ट्रंप बातचीत के जरिए ईरान से सकारात्मक समाधान की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ तनाव कम नहीं हो रहा है.
- जहाज पर हमला: होर्मुज के पास हाल ही में एक मालवाहक जहाज पर छोटी नावों द्वारा हमला किया गया. हालांकि ईरान ने इसे रूटीन चेक बताया है.
- ब्लॉकेड का असर: 13 अप्रैल से जारी अमेरिकी ब्लॉकेड के चलते अब तक 49 व्यापारिक जहाजों के रास्ते बदले जा चुके हैं.
- ईरान की मांग: ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए 30 दिनों के भीतर शत्रुता खत्म करने और प्रतिबंध हटाने का प्रस्ताव रखा है, हालांकि अभी कोई परमाणु वार्ता नहीं हो रही है.
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“प्रोजेक्ट फ्रीडम” के शुरू होने से अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या यह सप्लाई चेन को बहाल कर पाएगा और तेल कीमतों में नरमी देखने को मिलेगी.