कौन है पाकिस्तान का आसिफ रजा मर्चेंट? ईरान के कहने पर ट्रंप की हत्या की रची थी साजिश; अब अमेरिकी कोर्ट ने ठहराया दोषी

आसिफ रजा मर्चेंट का मामला अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और विदेशी साजिश से जुड़े बड़े मामलों में से एक माना जा रहा है. जांच एजेंसियों के अनुसार यह योजना ईरान के इशारे पर बनाई गई थी और इसका मकसद अमेरिकी नेताओं की हत्या करना था. अदालत के फैसले के बाद अब मर्चेंट को सजा मिल सकती है.

आसिफ मर्चेंट कौन है Image Credit: social media

अमेरिका में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साजिश मामले में पाकिस्तानी नागरिक आसिफ रजा मर्चेंट को दोषी करार दिया गया है. अमेरिकी संघीय जूरी ने आसिफ मर्चेंट को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दूसरे प्रमुख अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश रचने का दोषी पाया है. अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के मुताबिक, मर्चेंट ने अमेरिका में लोगों को भर्ती करने की कोशिश की ताकि ट्रंप समेत कई नेताओं को निशाना बनाया जा सके.

जांच में यह भी सामने आया कि इस साजिश के पीछे ईरान का हाथ था और यह योजना ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के उद्देश्य से बनाई गई थी. ऐसे में सवाल खड़ा होता है आखिर कौन है आसिफ रजा मर्चेंट.

कौन है आसिफ रजा मर्चेंट?

आसिफ मर्चेंट 47 साल का पाकिस्तानी नागरिक है. वह कई दशकों तक पाकिस्तान के बैंकों में काम कर चुका है और गारमेंट उद्योग से भी जुड़ा रहा है. अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, मर्चेंट के दो परिवार हैं, जिनमें से एक पाकिस्तान और दूसरा ईरान में रहता है. जांच में यह भी सामने आया कि वह ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का प्रशिक्षित ऑपरेटिव है. DOJ के मुताबिक मर्चेंट ने 2022 के आखिरी या 2023 की शुरुआत में पाकिस्तान में IRGC के लिए काम करना शुरू किया. इसी दौरान उसे निगरानी से बचने और गुप्त गतिविधियों से जुड़ी ट्रेनिंग भी दी गई.

कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने की प्लानिंग

यह साजिश 3 जनवरी 2020 को हुई उस घटना के बाद रची गई थी, जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पूर्व कमांडर कासिम सुलेमानी को अमेरिका ने ड्रोन हमले में मार गिराया था. यह हमला इराक के बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास किया गया था और उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप थे. अभियोजन पक्ष के मुताबिक इसी घटना का बदला लेने के लिए अमेरिकी नेताओं की हत्या की योजना बनाई गई.

अमेरिका जाकर हिटमैन भर्ती करने की कोशिश

जांच एजेंसियों के मुताबिक, मर्चेंट 2023 में पहली बार अमेरिका पहुंचा था. उसका मकसद ऐसे लोगों को ढूंढना था जो IRGC के लिए काम कर सकें और अमेरिका में रहकर ऑपरेशन को अंजाम दे सकें. इसके बाद 2024 में उसे फिर से अमेरिका भेजा गया. इस बार उसे कथित तौर पर “माफिया” से जुड़े लोगों को भर्ती करने का काम दिया गया था. योजना के तहत उन्हें दस्तावेज चोरी करने, विरोध प्रदर्शन कराने और तीन लक्ष्यों में से किसी एक की हत्या कराने की जिम्मेदारी दी जानी थी.
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इन संभावित लक्ष्यों में डोनाल्ड ट्रंप, तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन और रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार निक्की हेली शामिल थीं.

ऐसे नाकाम हुई हत्या की साजिश

हालांकि यह पूरी योजना उस समय विफल हो गई जब न्यूयॉर्क में मर्चेंट के संपर्क में आए एक व्यक्ति ने इसकी जानकारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दे दी. इस व्यक्ति नदीम अली ने मर्चेंट की मदद करने का दिखावा किया लेकिन वह गुप्त रूप से जांच एजेंसियों के लिए काम कर रहा था. मर्चेंट ने नदीम अली को बताया था कि हत्या की घटना तब होगी जब वह अमेरिका छोड़ देगा. जून के मध्य में उसने उन लोगों से मुलाकात की जिन्हें वह हिटमैन समझ रहा था, लेकिन वह वास्तव में अंडरकवर अधिकारी था. 21 जून को मर्चेंट ने इन अधिकारियों को 5,000 डॉलर नकद एडवांस पेमेंट भी दिया. इसके बाद वह अमेरिका छोड़ने की तैयारी कर रहा था. अमेरिकी अधिकारियों ने उसे 12 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया, जिस दिन वह अमेरिका से उड़ान भरने वाला था.

अदालत में क्या बोला आसिफ मर्चेंट?

न्यूयॉर्क सिटी में पिछले सप्ताह चले मुकदमे के दौरान मर्चेंट ने माना कि उसने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के साथ मिलकर इस साजिश में हिस्सा लिया था. हालांकि उसने अदालत में यह भी कहा कि उसने यह सब अपनी मर्जी से नहीं किया. उसके मुताबिक ईरान की राजधानी तेहरान में रह रहे उसके परिवार को धमकी दी गई थी. मर्चेंट ने अदालत में कहा.
“मेरे परिवार को खतरा था और मुझे यह करना पड़ा.” उसने यह भी बताया कि उसे IRGC के एक संपर्क से निर्देश मिल रहे थे. उसके मुताबिक उस व्यक्ति ने किसी एक लक्ष्य का नाम तय नहीं किया था, लेकिन बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप, जो बाइडेन और निक्की हेली के नाम सामने आए थे.

इसे भी पढ़ें- अभी नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम, सरकार ने लिया बड़ा फैसला; रूस से LNG खरीदने पर कर सकती है विचार

Latest Stories

खाना पकाने को भी मोहताज होंगे पाकिस्तानी! कतर ने रोकी LNG सप्लाई, ईरान-इजरायल युद्ध में बुरा फंसा पाक

दुबई में मिसाइल खतरे के बीच Emirates ने सस्पेंड की सभी उड़ानें, यात्रियों के लिए रीबुकिंग और रिफंड का विकल्प

बुर्ज खलीफा से लेकर दुबई के हर कोने तक ईरान ने दागीं सैकड़ों मिसाइलें… फिर भी सेफ, जानें किस सिस्टम से बना अभेद कवच

खामनेई अपने पीछे छोड़ गए कितनी दौलत? जानें दुनिया में कहां-कहां है संपत्ति, पैसा इतना कि ट्रंप भी दिखेंगे गरीब

जब भी अमेरिका खाड़ी देशों पर करता है हमला, कितने दिन चलता है युद्ध? इस बार क्या होगी टाइमलाइन?

भारत के लिए बड़ी राहत! अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने पर दी 30 दिन की छूट, ग्‍लोबल सप्लाई बनाए रखने की कोशिश