बार-बार कम हो रहा इंजन ऑयल, इन 5 वजहों को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं लोग; जानें सही इलाज

अगर इंजन बंधवाने के बाद भी आपकी कार में इंजन ऑयल लगातार कम हो रहा है, तो इसके पीछे कई तकनीकी कारण हो सकते हैं. टर्बोचार्जर की खराब सील, ऑयल कूलर में लीक, PCV वाल्व की समस्या, वाल्व स्टेम सील्स का खराब होना या गलत ऑयल ग्रेड इस्तेमाल करना इसकी प्रमुख वजह बन सकते हैं. कई बार बाहरी लीकेज जैसे ऑयल ड्रेन नट, ऑयल फिल्टर या ऑयल सील से भी इंजन ऑयल कम होने लगता है.

इंजन ऑयल कम होने की वजह Image Credit: AI/canva

Car Engine Oil Problem: कई बार कार मालिक इंजन की बड़ी मरम्मत पर 50,000 से 1 लाख रुपये तक खर्च कर देते हैं, लेकिन इसके बावजूद इंजन ऑयल कम होने की समस्या खत्म नहीं होती. आमतौर पर लोग मान लेते हैं कि इंजन के अंदर बड़ी खराबी है, जबकि कई बार वजह कुछ ऐसी तकनीकी गड़बड़ियां होती हैं जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स के मुताबिक इंजन ऑयल का लगातार कम होना केवल पिस्टन या इंजन रिंग्स की समस्या नहीं होता, बल्कि कई अन्य पार्ट्स भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. अगर समय रहते इन कारणों की पहचान न की जाए, तो इंजन को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है.

टर्बोचार्जर की खराबी भी हो सकती है वजह

अगर आपकी गाड़ी टर्बोचार्जर इंजन के साथ आती है, तो ऑयल कम होने का कारण टर्बो की सील खराब होना भी हो सकता है. जब टर्बो की सील घिस जाती है या कट जाती है, तो इंजन ऑयल इंटरकूलर या एग्जॉस्ट सिस्टम में जाने लगता है. इस स्थिति में गाड़ी से सफेद धुआं निकल सकता है और धीरे-धीरे इंजन ऑयल तेजी से कम होने लगता है.

ऑयल कूलर में लीक से भी बढ़ सकती है परेशानी

इंजन में ऑयल को ठंडा रखने के लिए ऑयल कूलर का इस्तेमाल किया जाता है. अगर ऑयल कूलर के अंदर लीक हो जाए, तो इंजन ऑयल कूलेंट के साथ मिल सकता है. इसकी पहचान रेडिएटर की बोतल में गाढ़े कॉफी जैसे मिश्रण से की जा सकती है. ऐसी स्थिति में समय रहते ऑयल कूलर की जांच कराना जरूरी होता है.

छोटा सा PCV वाल्व भी बन सकता है बड़ी समस्या

इंजन में पॉजिटिव क्रैंककेस वेंटिलेशन यानी PCV वाल्व का काम इंजन के अंदर बनने वाले प्रेशर को नियंत्रित करना होता है. अगर यह वाल्व जाम हो जाए, तो इंजन के अंदर दबाव बढ़ जाता है और ऑयल भाप बनकर जलने लगता है. कई मामलों में लोग इंजन खुलवा देते हैं, जबकि समस्या केवल इस छोटे से वाल्व की होती है.

वाल्व स्टेम सील्स खराब होने से जल सकता है ऑयल

अगर पिस्टन रिंग्स बदलने के बाद भी इंजन ऑयल कम हो रहा है, तो वाल्व स्टेम सील्स की जांच करानी चाहिए. ये रबर सील्स समय के साथ सख्त हो जाती हैं और इनके खराब होने पर इंजन ऑयल सीधे कम्बशन चैंबर में पहुंचकर जलने लगता है. इससे ऑयल की खपत बढ़ जाती है.

गलत ऑयल ग्रेड भी कर सकता है नुकसान

कई बार लोग सस्ता इंजन ऑयल या गलत ग्रेड का ऑयल इस्तेमाल कर लेते हैं. इससे ऑयल जल्दी पतला हो जाता है और जलने लगता है. ऑटो एक्सपर्ट्स के अनुसार हमेशा वाहन निर्माता कंपनी द्वारा सुझाए गए ग्रेड का ही इंजन ऑयल इस्तेमाल करना चाहिए.

बाहरी लीकेज भी जरूर करें चेक

इंजन ऑयल कम होने की वजह हमेशा अंदरूनी खराबी ही नहीं होती. कई बार ऑयल बाहर की तरफ से भी लीक हो सकता है. उदाहरण के तौर पर ऑयल ड्रेन नट, ऑयल फिल्टर, ऑयल सम्प की पैकिंग, मेन ऑयल सील और टैपिट कवर की पैकिंग से ऑयल रिस सकता है. इन लीकेज को आसानी से देखा और ठीक किया जा सकता है.

समय पर जांच जरूरी

ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इंजन ऑयल लगातार कम हो रहा है और इसे नजरअंदाज किया जा रहा है, तो इंजन सीज होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में इंजन को भारी नुकसान हो सकता है और मरम्मत पर लाखों रुपये तक खर्च हो सकते हैं. इसलिए बेहतर है कि समय-समय पर इंजन ऑयल का स्तर, उसका ग्रेड और किसी भी तरह के लीकेज की जांच जरूर कराई जाए.

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