दिल्ली में भरवा रहे टैंक, यूपी में चला रहे गाड़ियां! CNG के दामों ने बदल दी कैब ड्राइवरों की रणनीति

दिल्ली और उत्तर प्रदेश के शहरों के बीच CNG कीमतों में बढ़ते अंतर का असर अब कैब चालकों की रणनीति पर साफ दिखाई दे रहा है. नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के कई ड्राइवर सस्ती CNG भरवाने के लिए दिल्ली पहुंच रहे हैं. दिल्ली में CNG 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि यूपी के इन शहरों में इसकी कीमत 91.70 रुपये प्रति किलोग्राम तक है.

CNG कार Image Credit: AI/canva

CNG Price Difference: दिल्ली और उत्तर प्रदेश के शहरों के बीच CNG की कीमतों में बढ़ते अंतर ने कैब चालकों की रणनीति बदल दी है. अब नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के बड़ी संख्या में कैब ड्राइवर अपनी गाड़ियों में CNG भरवाने के लिए दिल्ली का रुख कर रहे हैं. वजह साफ है, दिल्ली में CNG की कीमत उत्तर प्रदेश के इन शहरों की तुलना में काफी कम है, जिससे ड्राइवरों को हर महीने अच्छी-खासी बचत हो रही है.

कीमत में बड़ा अंतर

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में दिल्ली में CNG की कीमत 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में यही कीमत 91.70 रुपये प्रति किलोग्राम है. यानी प्रति किलोग्राम करीब 8 से 9 रुपये का अंतर है. सुनने में यह अंतर छोटा लग सकता है, लेकिन रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले कैब चालकों के लिए यह सीधे उनकी कमाई को प्रभावित करता है.

बचत के लिए बदल रहे हैं रूट

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले कई कैब चालक अब अपने रूट की योजना इस तरह बनाते हैं कि दिल्ली पहुंचकर CNG भरवा सकें. उनका मानना है कि बढ़ती महंगाई और प्लेटफॉर्म कमीशन के बीच ईंधन खर्च कम करना उनकी प्राथमिकता बन गया है. एक कैब चालक के अनुसार, उनकी गाड़ी एक किलोग्राम CNG में करीब 10 किलोमीटर का माइलेज देती है और वह रोजाना लगभग 150 किलोमीटर तक गाड़ी चलाते हैं.

ऐसे में हर दिन ईंधन पर अच्छा-खासा खर्च होता है. यदि CNG कुछ रुपये सस्ती मिल जाए, तो महीने के अंत तक हजारों रुपये की बचत संभव हो जाती है. गाजियाबाद और दिल्ली के बीच काम करने वाले कई अन्य ड्राइवर भी इसी तरह की राय रखते हैं. उनका कहना है कि दिल्ली की सवारी मिलने पर उन्हें दोहरा फायदा होता है. एक तरफ बेहतर किराया मिलता है और दूसरी तरफ सस्ती CNG भरवाने का अवसर भी मिल जाता है.

बॉर्डर के CNG स्टेशनों पर बढ़ी भीड़

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली की सीमाओं के पास स्थित CNG स्टेशनों पर अब उत्तर प्रदेश नंबर वाली टैक्सियों और कैब्स की संख्या लगातार बढ़ रही है. कई ड्राइवर अपनी ईंधन भरवाने की योजना दिल्ली की यात्राओं के हिसाब से तय कर रहे हैं. जानकारों का कहना है कि पहले भी लोग सस्ते ईंधन के लिए राज्य की सीमाएं पार करते थे, लेकिन अब कीमतों का अंतर इतना बढ़ गया है कि यह कैब कारोबार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है. कई ड्राइवरों के लिए यह केवल बचत का तरीका नहीं, बल्कि कमाई बनाए रखने की रणनीति बन चुकी है.

कीमतों में अंतर की क्या है वजह

दिल्ली और उत्तर प्रदेश के शहरों में CNG की कीमतों में अंतर का मुख्य कारण अलग-अलग राज्य स्तरीय टैक्स और स्थानीय टैक्स ढांचा है. विभिन्न राज्यों की टैक्स नीतियां ईंधन की अंतिम कीमत को प्रभावित करती हैं और इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ता है.

यही कारण है कि एक ही ईंधन की कीमत अलग-अलग राज्यों में अलग हो सकती है. हालांकि यह स्थिति नई नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में बढ़ते परिचालन खर्च के कारण इसका असर अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है.

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