वोक्सवैगन भारतीय यूनिट में JSW ग्रुप को बेच सकती है हिस्सेदारी, लंबे समय से पार्टनर की तलाश में जर्मन कंपनी

जर्मन कार कंपनी दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑटो मार्केट में अपनी लोकल यूनिट को मजबूत करने और नया निवेश लाने के लिए एक पार्टनर की तलाश कर रही है. अगर यह डील फाइनल हो जाती है, तो Volkswagen की कई साल से चल रही लोकल इंडियन पार्टनर की तलाश पूरी हो जाएगी.

वोक्सवैगन Image Credit: Bill Pugliano/Getty Images

Volkswagen AG भारत के JSW ग्रुप के साथ बातचीत के एडवांस स्टेज में है. जर्मन कार कंपनी दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑटो मार्केट में अपनी लोकल यूनिट को मजबूत करने और नया निवेश लाने के लिए एक पार्टनर की तलाश कर रही है. मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, दोनों पक्ष आने वाले हफ्तों में एक संभावित समझौते पर काम कर रहे हैं, जिसमें JSW, Skoda Auto Volkswagen India Pvt. में निवेश करेगा.

हालांकि, कहा जा रहा है कि सज्जन जिंदल के नेतृत्व वाला ग्रुप इस वेंचर में मेजॉरिटी हिस्सेदारी चाहता है.

अनसुलझे हैं अभी भी कई मुद्दे

रिपोर्ट के अनुसार, मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि Volkswagen और JSW के टॉप अधिकारियों ने हाल ही में बैठकें की हैं, लेकिन कई मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं, जिनमें डील की वैल्यूएशन और JSW व Volkswagen द्वारा निवेश की जाने वाली राशि शामिल है.

Volkswagen की मुश्किलें

अगर यह डील फाइनल हो जाती है, तो Volkswagen की कई साल से चल रही लोकल इंडियन पार्टनर की तलाश पूरी हो जाएगी. दो दशकों से ज्यादा समय से भारत में काम करने के बावजूद, जर्मन कंपनी को यहां अपना कारोबार बढ़ाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है.

स्टील से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों तक का कारोबार करने वाले JSW ग्रुप के लिए, यह डील Volkswagen के व्हीकल प्लेटफॉर्म तक पहुंच और एक स्थापित यूरोपीय कार निर्माता के साथ भविष्य में ग्लोबल सहयोग के लिए एक जरिया प्रदान करेगी.

Volkswagen कर रही नए बिजनेस अवसर की तलाश

मनीकंट्रोल के अनुसार, कंपनी के एक प्रवक्ता ने ईमेल में कहा कि Volkswagen भारत में अपनी रणनीति को लागू करने के लिए लगातार नए बिजनेस अवसरों और विभिन्न बिजनेस विकल्पों का मूल्यांकन कर रही है.

प्रवक्ता ने आगे कहा कि भारत Skoda Auto की ग्लोबल ग्रोथ योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है, साथ ही उन्होंने JSW के साथ किसी भी बातचीत पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

ब्लूमबर्ग न्यूज ने नवंबर में रिपोर्ट दी थी कि Volkswagen ने भारत में नए EV प्लेटफॉर्म के लिए अपने नियोजित निवेश को भी 1 अरब डॉलर से घटाकर लगभग 700 मिलियन डॉलर कर दिया है.

भारतीय बाजार में कितनी हिस्सेदारी?

इस साल की शुरुआत में एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वोक्सवैगन समूह, अपने स्कोडा, वीडब्ल्यू, ऑडी, पोर्श, बेंटले और लेम्बोर्गिनी ब्रांडों में, भारत के पैसेंजर व्हीकल मार्केट का लगभग 2.5 फीसदी हिस्सा बनाता है, जो दशक के अंत के लिए निर्धारित 5% बाजार हिस्सेदारी लक्ष्य से कम है.

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