Ujjwala Yojana में 96 लाख लोगों ने नहीं कराया सिलेंडर रिफिल, RTI में सामने आए आंकड़े
एक RTI जवाब में सामने आया है कि वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 96 लाख प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना लाभार्थियों ने एक भी LPG सिलेंडर रिफिल नहीं कराया. आंकड़ों के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में ऐसे मामलों की संख्या दोगुने से ज्यादा हो गई है. इससे उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिलने और उसके वास्तविक उपयोग के बीच अंतर सामने आता है.
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के जरिए देश के करोड़ों गरीब परिवारों तक रसोई गैस पहुंचाने की कोशिश की गई है, लेकिन हालिया आंकड़े इस योजना के इस्तेमाल को लेकर एक अहम सवाल खड़ा करते हैं. एक आरटीआई (RTI) के जवाब में सामने आया है कि वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 96 लाख उज्ज्वला लाभार्थियों ने एक भी LPG सिलेंडर रिफिल नहीं कराया.
हर साल बढ़ रहे हैं नॉन-रिफिल मामले
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की ओर से 13 फरवरी 2026 को दिए गए RTI जवाब के मुताबिक FY25 में 95,88,804 उज्ज्वला उपभोक्ताओं ने एक भी LPG रिफिल नहीं कराया. यह पिछले पांच वर्षों में सबसे ज्यादा संख्या है और यह संकेत देता है कि उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन मिलने के बाद भी बड़ी संख्या में लोग गैस का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं.
आरटीआई में दिए गए आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में ऐसे लाभार्थियों की संख्या लगातार बढ़ी है जो साल भर में सिलेंडर रिफिल नहीं कराते. FY21 में जहां ऐसे मामलों की संख्या करीब 45 लाख थी, वहीं FY25 में यह बढ़कर लगभग 96 लाख तक पहुंच गई. यानी पांच साल में यह संख्या दोगुने से ज्यादा हो गई है.
क्या है योजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों को पारंपरिक ईंधन जैसे लकड़ी, कोयला और गोबर के उपले से दूर कर साफ ईंधन यानी LPG की ओर लाना था. सरकार का मानना था कि इससे महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा और रसोई में धुएं से होने वाली समस्याएं कम होंगी.
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IOCL ने दिए करीब 5 करोड़ कनेक्शन
एक्टिविस्ट विवेक पांडे द्वारा फाइल RTI के जवाब में बताया गया है कि इंडियन ऑयल ने 1 जनवरी 2026 तक लगभग 4.95 करोड़ उज्ज्वला LPG कनेक्शन जारी किए हैं.
यह योजना देश की तीन सरकारी तेल कंपनियों, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के माध्यम से लागू की जाती है. इनमें इंडियन ऑयल की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है.
