1 साल में 250% रिटर्न, Nippon India के इस इक्विटी फंड पर लगा ब्रेक; क्या अब भी निवेश का मौका?
निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड का ताइवान इक्विटी फंड एक इंटरनेशनल इक्विटी फंड है जो मुख्य रूप से ताइवान की कंपनियों में निवेश करता है. खासतौर पर टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में इसका फोकस रहता है. यह एक थीमैटिक फंड है यानी यह सिर्फ एक देश पर केंद्रित है, इसलिए इसका प्रदर्शन काफी हद तक ताइवान के टेक सेक्टर पर निर्भर करता है.
Nippon India Taiwan Equity Fund: इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड कैटेगरी में एक फंड ने ऐसा परफॉर्मेंस किया है, जिसने निवेशकों का ध्यान तेजी से खींचा है. Nippon India Mutual Fund का Taiwan Equity Fund एक साल में 250 फीसदी से ज्यादा रिटर्न देकर सुर्खियों में है. यह एक इंटरनेशनल इक्विटी फंड है जो मुख्य रूप से ताइवान की कंपनियों में निवेश करता है. खासतौर पर टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में इसका फोकस रहता है. यह एक थीमैटिक फंड है, यानी यह सिर्फ एक देश पर केंद्रित है, इसलिए इसका प्रदर्शन काफी हद तक ताइवान के टेक सेक्टर पर निर्भर करता है.
शानदार रिटर्न ने बनाया स्टार फंड
इस फंड ने बीते एक साल में करीब 250 फीसदी का जबरदस्त रिटर्न दिया है, जो इंटरनेशनल फंड कैटेगरी के औसत से कई गुना ज्यादा है. 3 साल में भी इसका CAGR 65 फीसदी से ऊपर रहा है. इतनी तेज ग्रोथ की वजह से इसमें निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी और भारी इनफ्लो देखने को मिला .
फंड डिटेल्स
| पैरामीटर | आंकड़े |
|---|---|
| NAV | ₹35.35 |
| AUM | ₹599.16 करोड़ |
| Expense Ratio | 3.04% |
| Exit Load | 1% (3 महीने के भीतर) |
परफॉर्मेंस
| अवधि | रिटर्न |
|---|---|
| 1-Year Return | 250.2% |
| 3-Year CAGR | 65.8% |
लेकिन अब इसमें नए निवेश पर रोक लग गई है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या निवेशकों के लिए अभी भी इसमें एंट्री का मौका है.
क्यों बंद करनी पड़ी नई निवेश एंट्री
तेजी से बढ़ते निवेश के कारण फंड अपनी विदेशी निवेश सीमा तक पहुंच गया. भारतीय नियमों के तहत म्यूचुअल फंड्स के लिए ओवरसीज निवेश की एक लिमिट तय होती है. इसी कारण फंड ने नए निवेश और नई SIP रजिस्ट्रेशन पर अस्थायी रोक लगा दी है ताकि नियमों का पालन किया जा सके और पोर्टफोलियो संतुलित बना रहे.
अब निवेशकों के लिए क्या है विकल्प
फिलहाल नए निवेशक इस फंड में पैसा नहीं लगा सकते, लेकिन जिन निवेशकों ने पहले से SIP शुरू कर रखी है, उनका निवेश जारी रहेगा. ऐसे हाई-रिटर्न फंड्स में निवेश से पहले जोखिम और अस्थिरता को समझना जरूरी है, क्योंकि थीमैटिक और इंटरनेशनल फंड्स में उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है.
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