बिक गई RCB, आदित्य बिड़ला ग्रुप के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने 16600 करोड़ रुपये में खरीदा
इस सौदे में बिड़ला परिवार के पास सबसे ज्यादा हिस्सेदारी होगी, जबकि बाकी हिस्सेदारी ब्लैकस्टोन, गजवानी और ब्लिट्जर की कंपनी बोल्ट इन्वेस्टमेंट्स के पास होगी. इस सौदे में बिड़ला परिवार के पास सबसे ज्यादा हिस्सेदारी होगी.
भारतीय खेल जगत के सबसे बड़ी डील में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर का मालिकाना हक बदल गया है. दिग्गज कारोबारी घरानों और निवेशकों के एक समूह ने इंडियन प्रीमियर लीग की मौजूदा चैंपियन टीम को 1.78 अरब डॉलर (लगभग 16,600 करोड़ रुपये) में खरीद लिया है.
RCB को किस ने खरीदा
शराब की दिग्गज कंपनी यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड ने मंगलवार को घोषणा की कि उसने अपनी फ्रेंचाइजी आदित्य बिड़ला ग्रुप, अमेरिका के जाने-माने स्पोर्ट्स इन्वेस्टर डेविड ब्लिट्जर, प्राइवेट इक्विटी की दिग्गज कंपनी ब्लैकस्टोन और टाइम्स ग्रुप के फैमिली ऑफिस से जुड़े सत्यन गजवानी के एक कंसोर्टियम को बेच दी है.
बिड़ला परिवार के पास होगी सबसे अधिक हिस्सेदारी
इस सौदे में बिड़ला परिवार के पास सबसे ज्यादा हिस्सेदारी होगी, जबकि बाकी हिस्सेदारी ब्लैकस्टोन, गजवानी और ब्लिट्जर की कंपनी बोल्ट इन्वेस्टमेंट्स के पास होगी. इस कंसोर्टियम ने भारतीय क्रिकेट की सबसे कीमती संपत्तियों में से एक को हासिल करने के लिए महीनों से होड़ में शामिल कई अन्य दावेदारों को पछाड़ दिया, जिनमें रंजन पई-KKR और EQT-प्रेमजी इन्वेस्ट की बोलियां भी शामिल थीं.
पेंट से लेकर टेलीकॉम तक के कारोबार में लगे बिरला समूह के लिए, जो अपने कारोबार में डायवर्सिफिकेशन लाने की कोशिश कर रहा है, ब्लिट्जर के साथ साझेदारी से खेल क्षेत्र में प्रवेश करना आसान हो गया है. ब्लिट्जर को इस क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल है और वह विभिन्न महाद्वीपों में कई खेल लीगों का मालिक है. बिरला समूह ने एक बयान में कहा कि आदित्य बिरला समूह के निदेशक आर्यमन विक्रम बिरला इस फ्रेंचाइजी के चेयरमैन और गजवानी वाइस चेयरमैन के रूप में काम करेंगे. प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रवीण सोमेश्वर ने कहा कि इस सौदे से यूनाइटेड स्पिरिट्स का ध्यान अपने मुख्य अल्कोहल पेय व्यवसाय पर केंद्रित होगा.
RCB, जिसने पिछले सीजन में अपनी पहली IPL ट्रॉफी जीती थी, ने दुनिया भर के निवेशकों का काफी ध्यान खींचा. ये निवेशक इस टूर्नामेंट की बढ़ती कमर्शियल अपील का फायदा उठाना चाहते थे.
