वेदांता के डीमर्जर में एल्युमिनियम का जलवा, सबसे ज्यादा वैल्यू का क्या है राज?

15 जून को वेदांता के डीमर्जर के बाद बनी चार अलग-अलग कंपनियों की लिस्टिंग हुई, जिसमें एल्युमिनियम, पावर, आयरन एंड स्टील और तेल व गैस कारोबार शामिल हैं. इस डीमर्जर का उद्देश्य निवेशकों के लिए वैल्यू अनलॉकिंग करना था और यह अपने लक्ष्य में सफल रहा. डीमर्जर से लगभग ₹49,000 करोड़ की कुल वैल्यू बढ़ी है. 15 जून को पांचों कंपनियों की कुल मार्केट कैप ₹3,52,000 करोड़ थी, जबकि डीमर्जर से पहले 29 अप्रैल को यह ₹3,03,000 करोड़ थी.

इस प्रक्रिया के बाद वेदांता एल्युमिनियम सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में सामने आई है, जिसका मार्केट कैप लगभग ₹1,94,000 करोड़ है. विश्लेषकों का मानना है कि एल्युमिनियम कारोबार का एकीकृत मॉडल, जिसमें खनन से लेकर तैयार उत्पाद तक की पूरी श्रृंखला शामिल है, इसे एक मजबूत प्रतिस्पर्धी लाभ देता है. यह भारत का सबसे बड़ा एल्युमिनियम उत्पादक है और अपनी लागत दक्षता और आत्मनिर्भरता के लिए जाना जाता है.

डीमर्जर से प्रत्येक कारोबार की परफॉर्मेंस में अधिक पारदर्शिता आने की उम्मीद है, जिससे निवेशकों को अपनी पसंद के सेक्टर में निवेश करने का मौका मिलेगा. हालांकि शुरुआती दौर में कुछ मुनाफावसूली और कमोडिटी कीमतों के उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रहेगा, लंबी अवधि में यह डीमर्जर शेयरधारकों के लिए महत्वपूर्ण लाभ साबित हो सकता है.

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