Yes Bank पर क्यों पड़ा ED का छापा? शेयरों का क्या होगा?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यस बैंक से जुड़े एक बड़े कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली, मुंबई और खंडाला समेत 17 ठिकानों पर छापेमारी की है. यह कार्रवाई सुरक्षा एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (SARCL) के प्रमोटर सुधीर वालिया और यस बैंक के पूर्व को-फाउंडर राणा कपूर से संबंधित है. आरोप है कि करीब ₹150 करोड़ के बकाया कर्ज की वसूली के लिए लगभग ₹1000 करोड़ की संपत्तियां SARCL को हस्तांतरित की गईं, जिसमें नियमों के उल्लंघन और संपत्तियों के कम मूल्यांकन का संदेह है.

ED को यस बैंक और कुछ एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (ARC) के बीच मिलीभगत का शक है, जिसका उद्देश्य फंसी हुई संपत्तियों पर गलत तरीके से कब्जा करना था. हालांकि, यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और किसी भी आरोपी का दोष साबित नहीं हुआ है. इन गंभीर आरोपों के बावजूद, यस बैंक के शेयरों पर इसका उल्टा असर देखने को मिला है. 17 जून को शुरुआती कारोबार में शेयर में लगभग पौने तीन प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई. पिछले तीन महीनों में यह 34-35% तक बढ़ चुका है. मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि बैंक की बैलेंस शीट में सुधार हो रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा कायम है.

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