Bank Defaulters | ₹405635 करोड़ के बैंक 10 बैंक डिफॉल्टरों से बढ़ी मुसीबत, राइट-आफ का बड़ा आंकड़ा आया!
देश के बैंकिंग सेक्टर में बड़े लोन डिफॉल्टर्स का मुद्दा फिर चर्चा में है. सामने आए आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 10 बड़े डिफॉल्टर्स से जुड़ा करीब ₹4,05,635 करोड़ का कर्ज बैंकों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है. इतनी बड़ी रकम फंसे होने से बैंकों की बैलेंस शीट और कर्ज वसूली पर दबाव बढ़ता है.
इन मामलों में कर्ज की वसूली लंबे समय से अटकी रहने के कारण बैंकों को बड़ी राशि राइट-ऑफ करनी पड़ी है. राइट-ऑफ का मतलब यह नहीं होता कि बैंक उस कर्ज को माफ कर देते हैं. यह एक अकाउंटिंग प्रक्रिया होती है, जिसमें खराब कर्ज को बैलेंस शीट से अलग दिखाया जाता है. इसके बाद भी बैंक कानूनी प्रक्रिया, दिवाला कानून और अन्य तरीकों से वसूली की कोशिश जारी रखते हैं. हालांकि इतने बड़े आंकड़े सामने आने के बाद बैंकिंग सिस्टम की मजबूती और लोन मॉनिटरिंग को लेकर बहस फिर तेज हो गई है.