फेड रिजर्व ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव, सोने-चांदी में भारी गिरावट, 4% तक टूटा बुलियन बाजार, जानें क्यों?
नए फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की सख्ती से सोने-चांदी के बाजारों में हड़कंप मच गया है. ब्याज दरों में बदलाव न होने और साल के अंत तक बढ़ोतरी के संकेतों के बाद सोना और चांदी में भारी गिरावट है.

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने नए चेयरमैन केविन वॉर्श की अगुवाई में अपनी पहली बैठक में ब्याज दरों को 3.5% से 3.75% की सीमा पर यथावत रखने का फैसला किया है.
ईरान युद्ध के चलते बढ़ी महंगाई और मजबूत अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों को देखते हुए फेड ने यह कदम उठाया है. इस फैसले के बाद, साल 2026 के अंत तक एक और ब्याज दर बढ़ोतरी के संकेत (डॉट प्लॉट) मिलने से सोने-चांदी के बाजारों में भारी गिरावट आई. स्पॉट गोल्ड 2.1% गिरकर $4,241.94 और चांदी 4.5% टूटकर $66.8 प्रति औंस पर आ गई.
फेड का ‘वेट-एंड-वॉच’ रुख, महंगाई पर चिंता
फेडरल रिजर्व ने एक साल में पहली बार आम सहमति से ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया है. केंद्रीय बैंक अब यह आकलन कर रहा है कि महंगाई का दबाव अस्थायी है या स्थायी. बैठक में जारी आर्थिक अनुमानों से साफ है कि मजबूत हायरिंग और कम बेरोजगारी दर के बीच महंगाई अब भी फेड के 2% के लक्ष्य से काफी ऊपर है.
डॉट प्लॉट के बाद टूटे सोने-चांदी के दाम
बाजार में यह तेज गिरावट फेड के फैसले के तुरंत बाद नहीं, बल्कि उनके ‘डॉट प्लॉट’ के जारी होने के बाद आई. डॉट प्लॉट के अनुसार, समिति के आधे सदस्य (18 में से 9 अधिकारी) इस कैलेंडर वर्ष के अंत तक कम से कम एक बार ब्याज दर बढ़ाने के पक्ष में हैं. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सख्त रुख के कारण मनी मार्केट मजबूत हुआ और दो-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 14 बेसिस पॉइंट उछलकर 4.19% पर पहुंच गई.
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केविन वॉर्श का असर
बुलियन मार्केट में ऐतिहासिक तेजी का दौर जनवरी के अंत में ही थम गया था, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेरोम पॉवेल की जगह केविन वॉर्श को नया फेड चेयरमैन नियुक्त किया. वॉर्श को बाजार में एक “इन्फ्लेशन हॉक” यानी महंगाई के प्रति सख्त रुख रखने वाला, माना जाता है. उनके आने से डॉलर मजबूत हुआ है, जिसके चलते चांदी अपने जनवरी के उच्चतम स्तर से 40% और सोना करीब 15% नीचे आ चुका है.